अब लखीमपुर में ही होगा दिमाग और नसों का इलाज, मंगलवार को ₹1 में मिलेगी न्यूरो ओपीडी

Last Updated:November 06, 2026, 15:52 IST
लखीमपुर खीरी के मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी राहत की खबर है. जिले के मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल में मस्तिष्क एवं न्यूरो सर्जिकल ओपीडी शुरू कर दी गई है. अब सिर, दिमाग, रीढ़ की हड्डी और नसों से जुड़ी समस्याओं के लिए मरीजों को शुरुआती विशेषज्ञ परामर्श लेने लखनऊ या दूसरे बड़े शहरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. यह ओपीडी हर मंगलवार सुबह 8 बजे से चलेगी, जहां मरीज ₹1 का पर्चा बनवाकर डॉक्टर से सलाह ले सकेंगे.
लखीमपुर खीरी के मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल में मस्तिष्क एवं न्यूरो सर्जरी से संबंधित विशेषज्ञ ओपीडी शुरू की गई है. इससे पहले जिले में इस तरह की विशेषज्ञ ओपीडी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी. अब स्थानीय मरीजों को अपने जिले में ही न्यूरो संबंधी समस्याओं पर विशेषज्ञ परामर्श मिलने की उम्मीद है.
डॉ. सिद्धार्थ के अनुसार, जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जिकल ओपीडी प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होगी. ओपीडी सुबह 8 बजे से शुरू हो जाती है. मरीज निर्धारित दिन और समय पर अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से परामर्श ले सकते हैं.
इस ओपीडी में मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याओं वाले मरीज विशेषज्ञ सलाह ले सकेंगे. लगातार सिरदर्द, चक्कर, हाथ-पैर में कमजोरी, नसों से जुड़ी परेशानी और रीढ़ की हड्डी में दर्द जैसी शिकायतों में मरीज डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं. इन लक्षणों के आधार पर खुद बीमारी तय करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है.
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जिला अस्पताल में सरकारी व्यवस्था के तहत मरीजों को ₹1 का पर्चा बनवाकर न्यूरो सर्जिकल ओपीडी में परामर्श मिल सकेगा. निजी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेने पर अधिक खर्च हो सकता है. ऐसे में यह सुविधा खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए राहत दे सकती है.
डॉ. सिद्धार्थ के मुताबिक, जिला अस्पताल में विभिन्न आवश्यक जांचों की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है. न्यूरो संबंधी समस्या में मरीज की स्थिति के अनुसार डॉक्टर जांच कराने की सलाह दे सकते हैं. इससे मरीजों को जांच के खर्च में राहत मिल सकती है.
पहले न्यूरो सर्जरी से जुड़े विशेषज्ञ परामर्श के लिए मरीजों को लखनऊ के मेडिकल कॉलेजों और निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था. इससे आने-जाने, रहने और इलाज पर अतिरिक्त खर्च होता था. अब जिला अस्पताल में ओपीडी शुरू होने से मरीजों को शुरुआती विशेषज्ञ परामर्श और फॉलोअप की सुविधा स्थानीय स्तर पर मिलने की उम्मीद है. गंभीर स्थिति या विशेष उपचार की जरूरत होने पर आगे के इलाज के लिए दूसरे चिकित्सा संस्थान में रेफर किया जा सकता है.
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November 06, 2026, 15:52 IST



