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दुनिया के 5 कप्तान…जिन्होंने टेस्ट सीरीज में बनाए सबसे ज्यादा रन, डॉन ब्रैडमैन के महारिकॉर्ड का टूटना मुश्किल

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दुनिया के 5 कप्तान…जिन्होंने टेस्ट सीरीज में बनाए सबसे ज्यादा रन

Last Updated:July 01, 2026, 23:31 IST

Most runs in an series by a 5 captain in Test: क्रिकेट के इतिहास में कप्तानी की जिम्मेदारी निभाना हर किसी के बस की बात नहीं होती. जब कंधों पर पूरे देश की उम्मीदें हों और हाथ में कप्तानी का आर्मबैंड, तब मैदान पर उतरकर रन बनाना दोहरा दबाव लाता है. लेकिन कुछ ऐसे महान बल्लेबाज हुए हैं, जिन्होंने इस दबाव को ही अपनी ताकत बना लिया. आइए जानते हैं टेस्ट इतिहास की उन चुनिंदा टेस्ट सीरीज के बारे में, जहां 5 कप्तानों ने अपने बल्ले से रनों का ऐसा तूफान खड़ा किया जिसे आज भी याद किया जाता है. दुनिया के 5 कप्तान...जिन्होंने टेस्ट सीरीज में बनाए सबसे ज्यादा रनZoomटेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के 5 कप्तान.

नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सर डॉन ब्रैडमैन के नाम एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड है. ब्रैडमैन ने साल 1936-37 में यह महारिकॉर्ड बनाया था जब इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी.न ब्रैडमैन के लिए यह सीरीज उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों की अग्निपरीक्षा थी. इस 5 मैचों की सीरीज में ब्रैडमैन ने विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए 9 पारियों में 90.00 की बेमिसाल औसत से 810 रन कूट डाले. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 65.48 का रहा और उन्होंने 62 चौके लगाए. इस सीरीज में उन्होंने 3 शतक और 1 अर्धशतक जड़ा, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 270 रन था. हालांकि वे दो बार शून्य पर भी आउट हुए, लेकिन उनकी इस ऐतिहासिक कप्तानी पारी ने ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया. टेस्ट इतिहास में किसी कप्तान द्वारा एक सीरीज में बनाए गए यह सबसे अधिक रन हैं.

इसके बाद समय का पहिया घूमता है साल 2025 पर. भारत की टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी और एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी खेली जा रही थी. युवा कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) ने कप्तानी के दबाव को पीछे छोड़ते हुए इंग्लैंड की तेज पिचों पर रन बनाने की नई परिभाषा लिखी. 5 मैचों की 10 पारियों में गिल ने बिना किसी नाबाद पारी के 754 रन बना दिए. उनका औसत 75.40 का और स्ट्राइक रेट 65.56 का था. गिल ने इस पूरी सीरीज में गजब की निरंतरता दिखाई और 4 शानदार शतक ठोके, जिसमें उनका बेस्ट स्कोर 269 रन था. खास बात यह रही कि वे इस सीरीज में एक बार भी खाता खोले बिना आउट नहीं हुए और उनके बल्ले से 85 चौके तथा 12 गगनचुंबी छक्के निकले. उन्होंने आधुनिक क्रिकेट में कप्तानी और बल्लेबाजी का एक बेहतरीन संतुलन पेश किया.

टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के 5 कप्तान.

ग्राहम गूच ने 3 मैचों में रनों का पहाड़साल 1990 में जब भारतीय टीम इंग्लैंड के दौरे पर गई, तो इंग्लैंड के कप्तान ग्राहम गूच एक अलग ही मूड में नजर आ रहे थे. यह सीरीज सिर्फ 3 मैचों की थी, लेकिन गूच ने सिर्फ 6 पारियों में ही 752 रन बनाकर सबको हैरान कर दिया. उनका बल्लेबाजी औसत 125.33 का रहा, जो किसी भी बल्लेबाज के लिए एक सपना होता है. इसी सीरीज में लॉर्ड्स के मैदान पर गूच ने 333 रनों की ऐतिहासिक मैराथन पारी खेली थी. उन्होंने 62.09 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हुए 3 शतक और 2 अर्धशतक लगाए. उनके बल्ले से निकले 89 चौके और 7 छक्के आज भी भारतीय गेंदबाजों के जहन में ताजा होंगे. कम मैचों में इतनी बड़ी रन संख्या बनाना उनकी अद्भुत कला को दर्शाता है.

डेविड गावर 1985 एशेज में बने हीरो1985 की एशेज सीरीज में इंग्लैंड के कप्तान डेविड गाउर ने अपनी क्लासिक बल्लेबाजी से ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को लाचार कर दिया था. 6 मैचों की 9 पारियों में गाउर के बल्ले से 732 रन निकले. 81.33 की औसत और 61.20 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए गावर ने अपनी टीम को फ्रंट से लीड किया. इस सीरीज में उनका सर्वोच्च स्कोर 215 रन था. गावर ने कुल 3 शतक और 1 अर्धशतक लगाया, जिसमें उनके बल्ले से 89 कलात्मक चौके और 1 छक्का देखने को मिला. गावर की इस कप्तानी पारी की बदौलत इंग्लैंड ने ऐशेज पर अपना कब्जा जमाया था.

वेस्टइंडीज की खूंखार गेंदबाजी के सामने ‘लिटिल मास्टर’ का शोसाल 1978-79 में जब वेस्टइंडीज की टीम भारत दौरे पर आई, तो भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर के सामने दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों की चुनौती थी. बिना हेलमेट के खेलने वाले गावस्कर ने 6 मैचों की 9 पारियों में 1 बार नाबाद रहते हुए 732 रन बनाए। उनका औसत 91.50 का रहा. गावस्कर ने इस सीरीज में 4 शतक और 1 अर्धशतक जड़ा, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 205 रन था. आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने कम से कम 476 गेंदों का सामना किया (पुराने रिकॉर्ड्स के अनुसार) और 65 से ज्यादा चौके तथा 4 छक्के लगाए. विंडीज के पेस अटैक के सामने एक कप्तान के तौर पर ऐसी मजबूत पारी खेलना गावस्कर के फौलादी इरादों को बयां करता है.

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें

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