राजस्थान से 500+ युवा बने Cyber Slave, पुलिस ने किया अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़, 5 एजेंट गिरफ्तार

Last Updated:August 04, 2026, 19:26 IST
Rajasthan Police Cyber Slavery Bust: राजस्थान पुलिस मुख्यालय की साइबर सेल ने ‘साइबर स्लेवरी’ के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ कर 5 एजेंटों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह युवाओं को कंबोडिया, लाओस, वियतनाम और म्यांमार में अच्छी नौकरी का झांसा देकर भेजता था और वहां उनके पासपोर्ट छीनकर उन्हें ‘साइबर गुलाम’ बना लेता था. साइबर क्राइम ब्रांच SP सुमीत मेहरड़ा के अनुसार प्रदेश के 500 से ज्यादा युवाओं को शिकार बनाए जाने की आशंका है. पुलिस अब विदेशी एजेंसियों के संपर्क में है.
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Rajasthan Police Cyber Slavery Bust: अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़, 5 एजेंट गिरफ्तार
Jaipur: राजस्थान पुलिस मुख्यालय की साइबर क्राइम ब्रांच ने एक बेहद खौफनाक अंतरराष्ट्रीय अपराध ‘साइबर स्लेवरी’ (Cyber Slavery) का भंडाफोड़ करते हुए एक बड़े गिरोह के 5 शातिर एजेंटों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह राजस्थान के पढ़े-लिखे और बेरोजगार युवाओं को दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में मोटी सैलरी वाली नौकरी का सपना दिखाकर विदेश भेजता था. इसके बाद वहां पहुंचते ही युवाओं के पासपोर्ट छीन लिए जाते थे और उन्हें बंधक बनाकर जबरन साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए ‘साइबर गुलाम’ (Cyber Slave) बना लिया जाता था.
पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के तार लाओस, कंबोडिया, वियतनाम, म्यांमार और थाईलैंड जैसे दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों से जुड़े हुए हैं. प्रदेश से गिरफ्तार किए गए पांचों एजेंट नेटवर्क के लिए मुख्य रिक्रूटर का काम करते थे. वे राजस्थान के उच्च शिक्षित युवाओं को आईटी (IT) और कंप्यूटर संबंधी अच्छी नौकरी देने का झांसा देते थे. युवक जैसे ही इन देशों की धरती पर उतरते, वहां पहले से मौजूद गिरोह के सरगना उनके पासपोर्ट, वीजा और मोबाइल जब्त कर लेते थे. इसके बाद उन्हें एक बंद परिसर में रखकर भारतीय और अंतरराष्ट्रीय नागरिकों से ठगी करने वाले साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर चलाने के लिए मजबूर किया जाता था.
500 से अधिक युवा बन चुके हैं साइबर गुलाम: SP सुमीत मेहरड़ामामले का खुलासा करते हुए साइबर क्राइम ब्रांच के पुलिस अधीक्षक (SP) सुमीत मेहरड़ा ने एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि यह केवल एक राज्य या देश तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि यह मानव तस्करी (Human Trafficking) और साइबर अपराध का एक बेहद खतरनाक सिंडिकेट है. पुलिस के प्राथमिक अनुमान के अनुसार, अकेले राजस्थान से ही ऐसे 500 या उससे भी अधिक युवाओं को विदेश भेजकर साइबर गुलाम बनाया जा चुका है. एसपी सुमीत मेहरड़ा ने बताया कि यदि कोई युवक वहां काम करने से इनकार करता या भारत वापस लौटने की मांग करता, तो उसके साथ मारपीट की जाती और उसे भारी जुर्माने की धमकी देकर प्रताड़ित किया जाता था.
साइबर सेल की कार्रवाई और आगे की जांचसाइबर सेल की इस त्वरित और बड़ी कार्रवाई से प्रदेश के कई युवाओं को विदेश जाने से पहले ही बचा लिया गया है. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और विदेशी नेटवर्क के संपर्कों को खंगाल रही है. पुलिस मुख्यालय की टीम केंद्रीय एजेंसियों और विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर विदेश में फंसे भारतीय युवाओं को सुरक्षित स्वदेश वापस लाने के प्रयासों में जुट गई है. साथ ही पुलिस ने आमजन और युवाओं से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी देने वाले किसी भी अनाधिकृत एजेंट या कंपनी के झांसे में न आएं और पूरी तरह से सत्यापन के बाद ही आगे कदम बढ़ाएं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 04, 2026, 19:24 IST



