जर्जर हाईकोर्ट भवन पर हाईकोर्ट की सख्ती, मुख्य सचिव से DGP तक तलब, सुरक्षा इंतजामों पर मांगी रिपोर्ट

Last Updated:August 24, 2026, 12:46 IST
Jodhpur Hindi News: जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन की जर्जर स्थिति को लेकर डबल बेंच ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की. अदालत ने भवन की सुरक्षा को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव, DGP, PWD और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तलब किया. सुनवाई में अधिकारियों ने अब तक किए गए सुरक्षा इंतजामों की जानकारी दी. अदालत में कंप्लायंस रिपोर्ट पेश की जानी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्णय होगा.
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जोधपुर हाईकोर्ट भवन की हालत पर कोर्ट सख्त
जोधपुर: राजस्थान हाईकोर्ट के जोधपुर स्थित नए भवन की जर्जर और खराब स्थिति को लेकर न्यायपालिका ने अत्यंत सख्त रुख अपनाया है. हाईकोर्ट की डबल बेंच ने भवन की सुरक्षा और मौजूदा हालात पर गंभीर चिंता जताते हुए मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और सुनवाई शुरू कर दी है. अदालत की इस सख्ती के बाद से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है.
भवन की सुरक्षा और वहां आने वाले वकीलों, पक्षकारों तथा न्यायिक कर्मियों की जान को खतरे में देख हाईकोर्ट की डबल बेंच ने इस मामले को प्राथमिकता से लिया. अदालत ने मामले की गंभीरता को समझते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP), सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य संबंधित महकमों के शीर्ष अधिकारियों को अदालत में व्यक्तिगत रूप से तलब किया. सुनवाई के दौरान इन सभी प्रमुख अधिकारियों को अदालत के समक्ष पेश होकर अब तक की गई कार्रवाई और रिपोर्ट पेश करनी पड़ी.
जोधपुर पहुंचे प्रदेश के दिग्गज प्रशासनिक अधिकारीहाईकोर्ट के कड़े रूख के बाद राज्य के आला अधिकारी तुरंत जोधपुर पहुंचे. सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता व्यक्तिगत रूप से जोधपुर हाईकोर्ट में उपस्थित हुए. इसके अलावा, पुलिस महानिदेशक स्पेशल ऑपरेशंस आनंद श्रीवास्तव भी अदालत में पेश हुए. लोक निर्माण विभाग (PWD) के कई वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यवाही का हिस्सा बने, जिसमें विभाग के मुख्य अभियंता मुकेश भाटी के साथ सत्येंद्र कुमार और कौशलेंद्र कुमार ने अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.
आरएसआरडीसी (RSRDC) के अधिकारी भी रहे मौजूदइस उच्चस्तरीय सुनवाई में राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम (RSRDC) के अधिकारी भी पीछे नहीं रहे. निगम के कार्यकारी प्रबंध निदेशक (MD) अनिल विजयवर्गीय और अतिरिक्त मुख्य अभियंता डीके गुप्ता भी अदालत में सुनवाई के दौरान उपस्थित रहे. अदालत इन सभी संबंधित विभागों से यह जानने का प्रयास कर रही है कि करोड़ों की लागत से बने इस भवन की स्थिति इतनी जर्जर कैसे हुई और इसकी बुनियादी संरचना में कहाँ-कहाँ खामियां हैं.
कंप्लायंस रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहेंअदालत में इन विभागों की ओर से भवन की सुरक्षा को लेकर अब तक किए गए इंतजामों और उठाए गए कदमों का ब्योरा दिया जा रहा है. हाईकोर्ट यह सुनिश्चित कर रहा है कि जर्जर भवन में किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं और भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन के पास क्या ठोस कार्ययोजना है. इस मामले में अदालत की कड़ी निगरानी जारी है और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभागों द्वारा सौंपी गई कंप्लायंस रिपोर्ट में क्या खुलासे होते हैं और अदालत आगे क्या निर्देश देती है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
August 24, 2026, 12:46 IST



