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घर की बालकनी व गार्डन में रजनीगंधा लगाएं, जानें फायदे

Last Updated:November 02, 2025, 18:00 IST

रजनीगंधा का पौधा न केवल सुंदर है, बल्कि घर में ताजगी और शांति भी लाता है. इसके मीठे फूलों की खुशबू शाम के समय हवा में फैलती है और पूरे घर का माहौल महक उठता है. रजनीगंधा कंद से उगाई जाती है, जिसे हल्की, जलनिकासी वाली मिट्टी में दो इंच गहराई पर लगाना चाहिए. दो कंदों के बीच कम से कम छह इंच की दूरी रखें और रोपाई के बाद हल्का पानी दें. शुरुआती दिनों में रोज थोड़ा पानी दें, लेकिन मिट्टी में पानी जमा न होने दें.जोधपुर

अगर आप अपने घर की बालकनी या गार्डन को खुशबूदार बनाना चाहते हैं, तो रजनीगंधा का पौधा इसके लिए एक बेहतरीन विकल्प है. इसकी मीठी सुगंध शाम होते ही हवा में फैल जाती है और पूरे घर का माहौल तरोताजा कर देती है. यही कारण है कि इसे “रजनी” यानी रात और “गंधा” यानी खुशबू के नाम से जाना जाता है. रजनीगंधा का इस्तेमाल गजरे और फूलों की सजावट में भी खूब किया जाता है. घर पर इसे उगाना आसान है और यह जल्दी बढ़ता है, थोड़ी मेहनत और सही देखभाल से यह पौधा भरपूर फूल देता है.

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रजनीगंधा बीज से नहीं बल्कि कंद से उगाई जाती है, कंद प्याज जैसे छोटे और गोल होते हैं. पौधा लगाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि कंद ताजे और सख्त हों, क्योंकि सड़े या खराब कंद पौधे के लिए हानिकारक होते हैं. रजनीगंधा हल्की, जलनिकासी वाली मिट्टी में सबसे अच्छी तरह बढ़ती है. मिट्टी में रेत और सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाकर पौधे के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार किया जा सकता है, कंद को मिट्टी में लगभग दो इंच की गहराई पर लगाना चाहिए.

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दो कंदों के बीच कम से कम छह इंच की दूरी रखें, रोपाई के बाद हल्का पानी दें ताकि मिट्टी अच्छी तरह बैठ जाए. शुरुआती दिनों में रोज थोड़ा-थोड़ा पानी दें, लेकिन ध्यान रखें कि मिट्टी में पानी जमा न हो. ज्यादा पानी देने से कंद सड़ सकते हैं, हल्की मिट्टी और पर्याप्त जलनिकासी पौधे के लिए जरूरी हैं, सही पानी और मिट्टी के साथ पौधा जल्दी बढ़ता है और मजबूत बनता है.

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रजनीगंधा को प्रतिदिन कम से कम पांच से छह घंटे सीधी धूप मिलनी चाहिए, हर 20-25 दिन में गोबर की खाद या ऑर्गेनिक खाद डालते रहें. इससे पौधे में नई कलियाँ जल्दी बनती हैं. गर्मियों में हफ्ते में दो बार पानी देना पर्याप्त होता है, जबकि बरसात के समय अतिरिक्त पानी से बचना चाहिए. पौधे के आसपास खरपतवार न पनपने दें और मिट्टी को बीच-बीच में हल्का ढीला करते रहें, यह सारी देखभाल पौधे को अधिक फूल देने में मदद करती है.

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रजनीगंधा का पौधा लगाने के लगभग तीन महीने बाद इसमें कलियां आने लगती हैं. जुलाई से सितंबर के बीच इसके फूल सबसे अधिक खिलते हैं. एक बार जब पौधा पूरी तरह विकसित हो जाए, तो उसके कंद अगले साल भी नए पौधों के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं. सही देखभाल और नियमित पानी देने से पौधे में बेशुमार फूल खिलते हैं, घर में इसकी खुशबू और सुंदरता दोनों ही वातावरण को ताजगी देती हैं.

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रजनीगंधा का पौधा न केवल सुंदर है, बल्कि घर में ताजगी और शांति भी लाता है। शाम के समय, जब इसके फूलों की खुशबू हवा में फैलती है, तो पूरा घर महक उठता है और मन प्रसन्न होता है. यही कारण है कि बागवानी प्रेमी इसे अपने घर या छत के गार्डन में जरूर लगाते हैं. पौधा सजावट और सुगंध दोनों के लिए उत्तम है, और घर के हर कोने में ताजगी बनाए रखता है.

First Published :

November 02, 2025, 18:00 IST

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आपके घर को जादुई खुशबू से भर देगा रजनीगंधा का पौधा, जानिए इसके फायदे

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