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एक साल में इन 8 शहरों में 19% तक बढ़ गए घरों के दाम, सबसे आगे निकला ये इलाका, आपने भी किया है इन्‍वेस्‍ट? housing prices up by 19 percent in 8 cities of india delhi ncr leads on bengaluru ahmedabad pune and mumbai property prices up

Property Prices up by 19 percent in 8 cities: भारत का रियल एस्टेट बाजार बहुत तेजी से ग्रोथ कर रहा है. लोगों का भरोसा एक बार फिर जमीन, प्लॉट, फ्लैट, इंडस्ट्रियल या कॉमर्शियल प्रॉपर्टी के प्रति बढ़ रहा है. वैसे तो छोटे शहर हों या बड़े, इन सभी में पिछले दो सालों से प्रॉपर्टी की कीमतें दोगुनी रफ्तार से बढ़ रही हैं लेकिन 8 शहर ऐसे हैं जिन्होंने कीमतों में उछाल के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इन शहरों में सालाना अधिकतम 19 फीसदी की बढ़ोत्तरी देखी गई है.

हाल ही में आई साल 2025 की तीसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) की रिपोर्ट इन शहरों में बढ़ती कीमतों की झलक दिखलाती है. PropTiger.com की हालिया रिपोर्ट बताती है,’रियल इनसाइट रेसिडेंशियल जुलाई–सितंबर 2025’में , देश के शीर्ष आठ शहरों में आवासीय कीमतों में 7 फीसदी से लेकर 19 फीसदी तक की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस वृद्धि में दिल्ली-एनसीआर का इलाका सबसे आगे निकल गया है जहां घरों की कीमतों में 19 फीसदी वार्षिक और 9.8 फीसदी तिमाही वृद्धि दर्ज की गई है.

रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली-एनसीआर में घरों की औसत कीमत ₹7,479 प्रति वर्गफुट (Q3 2024) से बढ़कर ₹8,900 प्रति वर्गफुट (Q3 2025) तक पहुंच गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृद्धि के पीछे मजबूत एंड-यूजर डिमांड, लग्जरी सेगमेंट की लोकप्रियता और सीमित इन्वेंट्री मुख्य कारक हैं.

लग्जरी घरों की तरफ बढ़ रहा रुझान रिपोर्ट के अनुसार देशभर के शीर्ष आठ शहरों में जुलाई–सितंबर 2025 के दौरान कुल 95,547 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो सालाना आधार पर मात्र 1 फीसदी की मामूली गिरावट है. हालांकि दिलचस्प ये है कि इन बिक्री का कुल मूल्य 14 फीसदी बढ़कर 1.52 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार प्रीमियम आवासों की ओर शिफ्ट हो रहा है.

नए प्रोजेक्ट लॉन्च में भले ही सालाना 0.1 फीसदी की हल्की गिरावट रही, लेकिन पिछली तिमाही की तुलना में 9.1 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. इसका अर्थ है कि डेवलपर्स अब संतुलित और सतर्क तरीके से नए प्रोजेक्ट्स ला रहे हैं.

ये हैं टॉप 8 शहर इन आठ शहरों में दिल्ली-एनसीआर के अलावा बेंगलुरू, अहमदाबाद, हैदराबाद, मुंबई, पुणे, चेन्नई और कोलकाता शहर शामिल हैं. हालांकि टॉप पर दिल्ली-एनसीआर ही है. ऐसे में प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट के लिए एनसीआर अभी भी टॉप च्वॉइस है. वहीं अगर आपका घर इन 8 शहरों में से कहीं पर भी है तो वह आपकी बल्‍ले-बल्‍ले है.

दक्षिण भारत के शहरों में भी दो अंकों की बढ़त

दिल्ली-एनसीआर के बाद बेंगलुरु और हैदराबाद में भी ठीक ठाक बढ़त देखी गई है.बेंगलुरु में घरों की कीमतें 7,713 रुपये से बढ़कर 8,870 रुपये प्रति वर्गफुट हो गईं, यानी 15 फीसदी सालाना वृद्धि. वहीं, हैदराबाद में कीमतें 6,858 से बढ़कर 7,750 रुपये प्रति वर्गफुट पहुंचीं, यानी 13 फीसदी की वार्षिक वृद्धि.

मुंबई, पुणे, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में भी सिंगल डिजिट ग्रोथ रही, जो यह दिखाती है कि पूरे देश में रियल एस्टेट बाजार संतुलित और स्वस्थ दिशा में बढ़ रहा है.

रियल एस्टेट विशेषज्ञों की राय

निम्बस रियल्टी के सीईओ साहिल अग्रवाल ने कहा कि रिपोर्ट में दिखा 14 फीसदी वार्षिक बिक्री मूल्य वृद्धि का आंकड़ा यह दर्शाता है कि बाजार में प्रीमियमाइजेशन का दौर शुरू हो चुका है. खरीदार अब लोकेशन और क्वालिटी को प्राथमिकता दे रहे हैं. यही कारण है कि प्रीमियम और लग्जरी प्रोजेक्ट्स की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. आने वाले दो वर्षों में यह रुझान न केवल एनसीआर बल्कि मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी देखने को मिलेगा.

नॉर्थविंड एस्टेट्स के मार्केटिंग और सेल्स डायरेक्टर शौर्य गर्ग के अनुसार, ‘नोएडा अब NCR में सिर्फ ‘सस्ता विकल्प’ नहीं रह गया है, बल्कि यह उससे कहीं आगे निकल चुका है. नोएडा के इस बड़े बदलाव के पीछे मास्टर प्लानिंग, शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और ग्राहकों का बढ़ता भरोसा मुख्य वजहें हैं. खासकर, एक्सप्रेसवे बेल्ट की तेजी तो देखने लायक है, जिसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बनने जा रहे औद्योगिक क्लस्टर्स से जबरदस्त गति मिली है.’

अंसल ,हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल कहते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार ने जिस स्थिरता और भरोसे को पुनः प्राप्त किया है, वह अभूतपूर्व है. आज का खरीदार केवल घर नहीं खरीद रहा, बल्कि बेहतर जीवनशैली और दीर्घकालिक सुरक्षा में निवेश कर रहा है. प्रॉपर्टी कीमतों में 19 फीसदी की वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि मांग पूरी तरह वास्तविक है, न कि सट्टेबाज़ी पर आधारित. यह ट्रेंड आने वाले समय में भी जारी रहेगा, खासकर गुरुग्राम और नोएडा जैसे उच्च-विकास क्षेत्रों में और तरक्की होगी.

मोहित मल्होत्रा, फाउंडर एंड सीईओ, नियोलिव ने कहा, ‘प्रॉपटाइगर की लेटेस्ट रिपोर्ट में दिल्ली-एनसीआर आवास मूल्य वृद्धि में अग्रणी स्थान पर है. इस क्षेत्रीय उछाल में, गुड़गांव और नोएडा के बाद, सबसे अच्छा उभरता हुआ मार्केट अब फरीदाबाद है, जो एक उच्च-संभावना वाले माइक्रो मार्केट के रूप में उभर रहा है, जो एनसीआर में तेज बुनियादी ढांचे के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ उठा रहा है. आगामी जेवर हवाई अड्डा, कई एक्सप्रेसवे और मेट्रो लिंक परियोजनाओं के साथ, अंतिम उपयोगकर्ताओं और निवेशकों दोनों के लिए इस क्षेत्र के आकर्षण को और बढ़ाएगा. 

वहीं एलांते ग्रुप के संस्थापक और सीईओ आकाश कोहली के अनुसार, ‘भारत का आवासीय बाजार उल्लेखनीय लचीलेपन और तेजी से बढ़ रहा है, जिसकी वजह प्रीमियम और लक्जरी श्रेणियों में मज़बूत मांग है. दिल्ली-एनसीआर में 19% की उल्लेखनीय वृद्धि इस क्षेत्र में हो रहे बदलाव को दर्शाती है. यह गुणवत्ता, जीवनशैली और दीर्घकालिक मूल्य सृजन के लिए उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं का प्रतिबिंब है.

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