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FD या RD? किसमें मिलेगा ज्यादा फायदा? पैसा लगाने से पहले जानिए दोनों का फर्क

Last Updated:June 28, 2026, 20:08 IST

Fixed Deposit Vs Recurring Deposit: फिक्स डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट स्कीम बचत के लिए बेहतरीन मानी जाती हैं, लेकिन दोनों के काम करने का तरीका बिल्कुल अलग है. आइए जानते हैं कि दोनों में क्या फर्क है और आपके लिए कौन सा ऑप्शन बेस्ट है?

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FD या RD? किसमें मिलेगा ज्यादा फायदा? पैसा लगाने से पहले जानिए दोनों का फर्कZoomFD Vs RD: आपके लिए क्या बेहतर है?

Fixed Deposit Vs Recurring Deposit: आजकल भले ही लोग शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में खूब पैसा लगा रहे हैं, लेकिन जब बात बिना किसी रिस्क के सुरक्षित कमाई की आती है, तो आज भी भारतीय परिवारों की पहली पसंद फिक्स डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) ही हैं. हालांकि, कई लोगों को लगता है कि एफडी और आरडी एक जैसी योजनाएं हैं जबकि हकीकत यह है कि दोनों का तरीका, निवेश करने का पैटर्न और मिलने वाला रिटर्न अलग-अलग होता है. ऐसे में निवेश करने से पहले इनके बीच का फर्क समझना जरूरी है.

FD किसके लिए सबसे बेहतर है?अगर आपके पास एकमुश्त पैसा है, जैसे बोनस, मैच्योरिटी का पैसा या कोई बड़ी बचत, तो फिक्स्ड डिपॉजिट आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है. इसमें आपको एक ही बार में पूरा पैसा एक निश्चित समय (जैसे 1 साल, 5 साल) के लिए जमा करना होता है. बैंक आपको तय समय के लिए फिक्स ब्याज देता है. मैच्योरिटी पर आपको आपका पूरा पैसा ब्याज समेत वापस मिल जाता है.

RD किसके लिए सबसे बेहतर है?अगर आप नौकरीपेशा हैं और आपके पास एक साथ जमा करने के लिए बड़ी रकम नहीं है, तो रिकरिंग डिपॉजिट आपके लिए बनी है. यह उनके लिए बेस्ट है जो हर महीने अनुशासित तरीके से बचत करना चाहते हैं. इसमें आपको हर महीने एक निश्चित रकम (जैसे ₹1000, ₹5000) एक तय समय तक जमा करनी होती है. छात्र, युवा प्रोफेशनल्स और सैलरी पाने वाले लोग इसके जरिए धीरे-धीरे एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं.

ब्याज दरें एक जैसी, फिर भी FD में क्यों होती है ज्यादा कमाई?कई लोगों को लगता है कि अगर एफडी और आरडी की ब्याज दरें समान हैं, तो मुनाफा भी बराबर होगा. लेकिन ऐसा नहीं है. एफडी में आपका पूरा पैसा पहले दिन से ही ब्याज कमाना शुरू कर देता है. आरडी में आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा डालते हैं, इसलिए जो पैसा बाद के महीनों में जमा होता है, उस पर कम समय का ब्याज मिलता है. यही वजह है कि समान ब्याज दर होने पर भी एफडी में रिटर्न ज्यादा मिलता है.

समय से पहले पैसे निकाले तो लगेगा झटका!एफडी हो या आरडी दोनों का पूरा फायदा तभी मिलता है जब आप इन्हें मैच्योरिटी पीरियड तक न छुएं. हालांकि, जरूरत पड़ने पर आप इन्हें समय से पहले बंद कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए बैंक आपसे पेनल्टी वसूलते हैं या ब्याज दर कम कर देते हैं. इसलिए सोच-समझकर ही समय सीमा चुनें.

दोनों को एक साथ भी चुन सकते हैं आपस्मार्ट लोग इन दोनों का इस्तेमाल अपनी अलग-अलग जरूरतों के लिए करते हैं. उदाहरण के लिए अगर आपको बोनस मिला तो आपने उसकी एफडी करा दी और साथ ही साथ हर महीने आने वाली सैलरी से अगले साल की छुट्टियों या त्योहारों के खर्च के लिए एक आरडी शुरू कर दी.

About the Authorविनय कुमार झासीनियर कॉपी एडिटर

वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi..com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें

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