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भीलवाड़ा का मक्का छा गया! खाड़ी देशों तक बढ़ी मांग, मंडी बोरियों से पटी – किसानों की बल्ले-बल्ले!

Last Updated:November 26, 2025, 14:51 IST

Bhilwara News hindi : राजस्थान के भीलवाड़ा का मक्का इन दिनों धूम मचा रहा है. कृषि मंडी में रोज 6-7 हजार बोरियों की बंपर आवक हो रही है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. अच्छी पैदावार और क्वालिटी के चलते देश के साथ खाड़ी देशों में भी इसकी मांग बढ़ गई है. इस बार किसानों को शानदार दाम मिलने की पूरी उम्मीद है.

भीलवाड़ा : राजस्थान के भीलवाड़ा जिले का मक्का न केवल देशभर में बल्कि खाड़ी देशों में भी अपनी खास पहचान बना रहा है. शहर के कृषि उपज मंडी मक्का की बम्पर आवक से अट गई है. छह से सात हजार बोरियां रोज पहुंच रही है. यह बंपर आवक किसानों के लिए खुशहाली का संकेत है और उन्हें इस बार अच्छी कमाई की उम्मीद है. मंडी के कारोबारियों का कहना है कि इस साल मौसम अनुकूल रहने और अच्छी पैदावार के कारण मक्के की गुणवत्ता भी बेहतर है.

मंडी के कारोबारियों का कहना है कि इस साल मौसम अनुकूल रहने और अच्छी पैदावार के कारण मक्के की गुणवत्ता भी बेहतर है. अच्छी गुणवत्ता की वजह से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने की संभावना है. कृषि उपज मंडी समिति ने भी किसानों की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं जिसमें बोरियों के भंडारण और नीलामी की व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है. किसानों के चेहरे पर फसल की अच्छी आवक और दाम मिलने की उम्मीद की चमक साफ दिखाई दे रही है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी. मुरली ईनाणी ने कहा कि इस बार की फसल ने किसानों को अच्छी आमदनी का मौका दिया है. भीलवाड़ा का मक्का देश और विदेश में अपनी अलग पहचान बना रहा है और आने वाले समय में इसकी मांग और भी बढ़ेगी. भीलवाड़ा का मक्का न केवल एक कृषि उत्पाद है, बल्कि यह क्षेत्र की पहचान बनता जा रहा है.

खाड़ी देशों में भीलवाड़ा के मक्के की खास पहचानमंडी व्यापारी मुरली ईनाणी ने बताया कि भीलवाड़ा का मक्का न केवल राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, बिहार और गुजरात में पसंद किया जा रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसकी मांग बढ़ी है. ईरान, इराक और कुवैत जैसे खाड़ी देश भीलवाड़ा के मक्के को प्राथमिकता दे रहे हैं. भीलवाड़ा के मक्के को मुर्गी पालन में काफी पसंद किया जा रहा है. भीलवाड़ा का मक्का स्टार्च फैक्ट्री और एथेनॉल प्लांट में भी बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है. इसके अलावा मुर्गी पालन, सूअर पालन और बकरा पालन में भी इसकी मांग बढ़ रही है. यह मक्का अपनी उच्च गुणवत्ता और पोषण तत्वों के कारण व्यापारियों और किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रहा है.

Rupesh Kumar Jaiswal

रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन…और पढ़ें

रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन… और पढ़ें

Location :

Bhilwara,Rajasthan

First Published :

November 26, 2025, 14:51 IST

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भीलवाड़ा का मक्का छाया! खाड़ी देशों में बढ़ी मांग, किसानों की बल्ले-बल्ले 

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