Rajasthan

ऐतिहासिक विरासत और शिक्षा केंद्र

Last Updated:December 07, 2025, 15:13 IST

धौलपुर जिले की लाल बलुआ पत्थर से बनी ऐतिहासिक नर्सिंग बाग़ महल आज महाराणा सीनियर सेकेंडरी विद्यालय के रूप में विख्यात है. रियासतकाल में यह महल महाराजा भगवंत सिंह का सचिवालय हुआ करता था, जहां से धौलपुर रियासत के सभी निर्णायक फैसले लिए जाते थे। बाद में, केसर बाग़ महल और रानी पैलेस बनने के बाद सचिवालय वहीं स्थानांतरित हो गया. इस विद्यालय से पढ़कर कई विद्यार्थियों ने बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक पदों पर पहुंचकर धौलपुर का नाम रोशन किया.

राजस्थान में कई ऐतिहासिक इमारतें ऐसी हैं, जो आज भी अपनी रियासतकालीन विरासत को संजोए हुए हैं. ऐसी ही एक ऐतिहासिक इमारत राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित है, जो रियासत काल में राजा-महाराजाओं का सचिवालय हुआ करती थी. यूं कहें कि इसी ऐतिहासिक इमारत से वे निर्णय लिए जाते थे, जो धौलपुर रियासत के लिए निर्णायक साबित होते थे.

धौलपुर जिले के लाल बलुआ पत्थर से बनी यह इमारत आज धौलपुर जिले के सबसे बड़े विद्यालय के रूप में विख्यात है, जहां से कई विद्यार्थी पढ़कर बड़े-बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक पदों पर पहुंचे और धौलपुर जिले का नाम रोशन किया.

इतिहासकार अरविंद कुमार शर्मा बताते हैं कि महाराणा सीनियर सेकेंडरी विद्यालय एक समय नर्सिंग बाग़ महल हुआ करता था. महाराजा भगवंत सिंह के समय यह नरसिंह बाग़ महल धौलपुर रियासत के सचिवालय में तब्दील हो गया. महाराजा भगवंत सिंह के समय से ही धौलपुर रियासत के सभी निर्णय इसी रियासतकालीन सचिवालय से लिए जाते थे. कुछ समय बाद, केसर बाग़ महल और रानी पैलेस के निर्माण के बाद, धौलपुर रियासत के राजाओं का सचिवालय भी केसर बाग़ और रानी पैलेस में स्थानांतरित हो गया, और वहीं से धौलपुर के मुख्य निर्णय लिए जाने लगे.

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इसके बाद नर्सिंग बाग़ महल में धौलपुर जिले का सबसे बड़ा विद्यालय, महाराणा सीनियर सेकेंडरी विद्यालय, स्थापित किया गया. इस विद्यालय से पढ़कर धौलपुर जिले के कई विद्यार्थी बड़े-बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक पदों पर पहुँचे और धौलपुर जिले का नाम पूरे भारत में रोशन किया.

आज भी यह ऐतिहासिक इमारत हमें धौलपुर के गौरवशाली इतिहास की याद दिलाती है, और इसका अतीत आज भी इस विद्यालय के रूप में धौलपुर जिले की जनता के साथ जुड़ा हुआ है. इसी विद्यालय परिसर में महाराणा भगवंत सिंह ने अपनी प्रिय शगुन गजरा की याद में अधूरे ताजमहल का निर्माण भी करवाया था, जो इतिहास के पन्नों में सदा के लिए अमर हो गया.

First Published :

December 07, 2025, 15:13 IST

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जानिए धौलपुर का महाराणा स्कूल: ऐतिहासिक विरासत और शिक्षा केंद्र

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