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हैदराबादी खड़ा दुपट्टा: दुल्हन का शाही पहनावा, इतिहास व खासियत

हैदराबाद. शहर की सांस्कृतिक धरोहर में शामिल खड़ा दुपट्टा एक खास और मशहूर दुल्हन का पहनावा है. यह पहनावा हैदराबादी मुस्लिम परिवारों की सदियों पुरानी परंपराओं का हिस्सा है और सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि शाही ठाठ, सांस्कृतिक विरासत और खूबसूरती का प्रतीक है. अपने अनोखे बनावट और बारीक कढ़ाई की वजह से यह शाही पोशाक अब सिर्फ एक समुदाय तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि अलग-अलग समुदायों के लोग भी अपनी शादियों और खास मौकों पर इसे पहन रहे हैं. खड़ा दुपट्टे की शुरुआत 17वीं सदी में हुई थी, जब मुगल महारानी नूरजहां ने दरबारी फैशन में फारसी और तुर्की असर शामिल किया और हुनरमंद तुर्की व फारसी कारीगरों को बेहतरीन शाही पोशाकें बनाने के लिए बुलाया.

ये कपड़े जल्द ही अमीर घरानों की महिलाओं के लिए जरूरी पहनावा बन गए. वक्त के साथ, इस शाही पोशाक में बदलाव आया और इसने अपना एक खास रूप ले लिया, जिसे आज खड़ा दुपट्टा कहा जाता है. आसफजाही राजवंश के उभार के साथ यह शैली दक्षिण भारत तक पहुंची, जहां हैदराबादी बेगमों ने इसे अपनाया और और निखारा. हैदराबाद में निज़ाम की बेगमों द्वारा किए गए बदलावों से इस खास पोशाक में लंबा कुर्ता, जैकेट और 6 गज का सजा हुआ दुपट्टा शामिल हो गया. अपनी ऊंची शुरुआत के बावजूद, खड़ा दुपट्टा आज़ादी से पहले के दौर में हैदराबाद राज्य की अलग-अलग पृष्ठभूमि की आम महिलाओं में भी लोकप्रिय हो गया और सामाजिक बंधनों को पार कर गया.

‘खड़ा’ शब्द का मतलब है सीधा खड़ा और ‘दुपट्टा’ का मतलब है घूंघट

यह नाम दुल्हन के पीछे 6 गज लंबे दुपट्टे को सीधा लपेटने के खास तरीके को दर्शाता है, जिससे पर्दे जैसा असर पैदा होता है और शाही गरिमा झलकती है. रिवाज के अनुसार इसे सीधे कुर्ते, चूड़ीदार और कभी-कभी कोटी के साथ पहना जाता है. यह तीन-टुकड़ों वाला पहनावा हैदराबाद की शाही शादियों का पर्याय बन चुका है. एक असली खड़ा दुपट्टा कारीगरी का बेहतरीन नमूना होता है, यह रेशम, नेट या शिफॉन जैसे बढ़िया कपड़ों से बनता है और इस पर ज़री, गोटा या कुंदन की कढ़ाई की जाती है. दुपट्टे पर फूल-पत्तियों, जालीदार नमूने और धातु की किनारी जैसे जटिल डिज़ाइन बने होते हैं, जो निज़ाम के ज़माने की शान को दर्शाते हैं. यह पोशाक सिर्फ देखने में खूबसूरत नहीं होती, बल्कि पवित्रता, परिवार के गौरव और सांस्कृतिक निरंतरता का प्रतीक भी है.

आधुनिक दुल्हनें और सेलिब्रिटी असरबदलते फैशन के बावजूद, खड़ा दुपट्टा हैदराबादी दुल्हनों की पहली पसंद बना हुआ है. दशकों से इसका डिज़ाइन भारी बनारसी रेशम से विकसित होकर आज हल्के नेट और आधुनिक सजावट तक पहुंच गया है. सानिया मिर्जा, रेखा, माहिरा खान, नीता अंबानी और शोभिता धुलिपाला जैसी मशहूर हस्तियों ने इस पारंपरिक पोशाक में लोगों की दिलचस्पी फिर से बढ़ाई है, वहीं सोशल मीडिया और शादी के फैशन से जुड़े प्रभावशाली लोग इसे पूरे देश में लोकप्रिय बना रहे हैं.

हैदराबाद के स्थानीय डिजाइनर अब इसके पारंपरिक रूप को बनाए रखते हुए इसे आधुनिक अंदाज़ में नया रूप दे रहे हैं. लाड बाजार और चारमीनार जैसे बाज़ार आज भी उन कारीगरों का घर हैं, जो इन खूबसूरत पोशाकों को बनाते हैं. कई परिवार पीढ़ियों से महिलाओं द्वारा शादियों और खास मौकों पर पहने गए इन विरासती कपड़ों को संभालकर रखते हैं.

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