IAS Story| UPSC: IIT से बीटेक, UPSC क्रैक करके बने IAS, अब रिटायरमेंट के 15 दिन पहले हो गया ‘कांड’

Last Updated:December 17, 2025, 14:11 IST
IAS Story, Rajasthan News: काफी मेहनत के बाद तमाम लोग IAS-IPS बनते हैं लेकिन कभी कभी किसी ऐसे भंवर में उलझते हैं कि पूरा बेदाग करियर दागदार हो जाता है. राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. सुबोध ने आईआईटी दिल्ली से बीटेक किया उसके बाद UPSC परीक्षा पास की और आईएएस बन गए. 35 साल आईएएस की नौकरी करने के बाद अब रिटायरमेंट की बारी आई तो उनका नाम एक केस में उछला है जिसकी जांच भी शुरू हो गई है.
Rajasthan News, ias subodh agarwal news, ias subodh agarwal ki kahani: आईएएस सुबोध अग्रवाल की कहानी.
IAS Story, Rajasthan News: राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में उस समय हड़कंप मच गया जब एक सीनियर आईएएस सुबोध अग्रवाल सहित 6 अधिकारियों के खिलाफ जल जीवन मिशन घोटाले में जांच की मंजूरी दे दी गई.ये मंजूरी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-A के तहत दी गई है, यानी अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) इनकी जांच करेगा. सबसे अहम बात ये है कि सुबोध अग्रवाल इसी साल 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले हैं. मतलब रिटायरमेंट से महज 15 दिन पहले ये बड़ा ‘कांड’सामने आया है.सुबोध अग्रवाल फिलहाल राजस्थान फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं. आइए आपको सुबोध अग्रवाल की पूरी कहानी बताते हैं…
IIT दिल्ली से बीटेक, फिर इकोनॉमिक्स में पीएचडी
सुबोध अग्रवाल उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं लेकिन उनकी स्कूली पढ़ाई ग्वालियर के मशहूर सिंधिया स्कूल में हुई. सुबोध 1977 से 1983 तक सिंधिया स्कूल में पढ़े. 12वीं पास करने के बाद IIT दिल्ली में सिविल इंजीनियरिंग में एडमिशन मिला. 1987 में बीटेक पूरा किया. उसी दौरान सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की और 1988 में UPSC पास करके IAS बने. उन्हें राजस्थान कैडर आवंटित किया गया.1988 में ही सुबोध ने IIT दिल्ली से ही पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन सिस्टम्स एंड मैनेजमेंट किया.1999 में यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान से अर्थशास्त्र में मास्टर्स की डिग्री ली.2008 में अमेरिका की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी से मास्टर इन पब्लिक पॉलिसी का कोर्स किया.2011 में CCS यूनिवर्सिटी, मेरठ से LLB और उसी साल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान से अर्थशास्त्र में पीएचडी किया.मतलब डॉ. सुबोध अग्रवाल एक हाईली क्वालिफाइड अफसर हैं.
कहां कहां किया काम: 40 पदों का अनुभव
1988 बैच के सुबोध अग्रवाल राजस्थान कैडर के सबसे सीनियर IAS हैं. उन्होंने 35 साल से ज्यादा के करियर में 40 अलग-अलग पदों पर काम किया. मेडिकल एजुकेशन के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रहते हुए 7 नए मेडिकल कॉलेज और एक स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट बनवाया, जिससे राजस्थान में डॉक्टरों की कमी कम हुई. अन्नपूर्णा भंडार योजना शुरू की, जिसमें फेयर प्राइस शॉप्स पर मल्टी-ब्रांड प्रोडक्ट्स सस्ते दामों पर मिलते हैं.NITI आयोग ने तारीफ की और दूसरे राज्य कॉपी कर रहे हैं. नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम लेकर आए. इंडस्ट्रीज के ACS रहते हुए 2019 का राजस्थान MSME ऑर्डिनेंस लाए जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप बढ़ा. उनका काम हमेशा इनोवेटिव और ट्रांसपेरेंट रहा.
रिटायरमेंट से पहले घोटाले में आया नाम
पिछली सरकार में सुबोध अग्रवाल PHED के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे. जल जीवन मिशन में निविदा अनियमितताओं का मामला सामने आया. ED और ACB की जांच चल रही थी. अब भजनलाल सरकार ने सुबोध अग्रवाल और 5 अन्य अधिकारियों के खिलाफ धारा 17-A के तहत जांच की मंजूरी दे दी. आरोप है कि निविदा के तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई. सुबोध इसी 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले हैं, लेकिन रिटायरमेंट से महज 15 दिन पहले ये जांच मंजूर हो गई. ये उनके लंबे और शानदार करियर पर बड़ा सवालिया निशान लगा रहा है.
कई लोगों को हो चुकी है जेल
पिछली कांग्रेस सरकार के समय जल जीवन मिशन में निविदा अनियमितताओं का मामला सामने आया था, जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री महेश जोशी सहित कई लोग जेल जा चुके हैं. अब भजनलाल सरकार ने उस समय के तत्कालीन PHED में ACS सुबोध अग्रवाल और विभाग के 5 अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच को हरी झंडी दे दी है. निविदा के तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन में गड़बड़ी के आरोप हैं. ED की जांच भी चल रही है. सुबोध अग्रवाल फिलहाल राजस्थान फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं.
About the AuthorDhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर
न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्सेस स्टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व …और पढ़ें
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December 17, 2025, 14:11 IST
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