वंदे भारत ने छुई 180 की रफ्तार, स्पीड ट्रायल सफल, भारतीय रेलवे को मिला नया मुकाम

Last Updated:May 07, 2026, 20:54 IST
Vande Bharat Train Highest Speed: कोटा रेल मंडल में वंदे भारत ट्रेनसेट ने स्पीड ट्रायल में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की. एल्सटॉम तकनीक से लैस यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहा. ट्रायल के दौरान रेलवे अधिकारियों की नजर हर छोटी चीज पर रही. ट्रेन की स्पीड, ब्रेकिंग सिस्टम, ट्रैक्शन और अलग-अलग तकनीकी हिस्सों को लगातार मॉनिटर किया गया.
कोटा रेलखंड पर वंदे भारत ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ी
कोटा. कोटा रेल मंडल से आई खबर भारतीय रेलवे के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. वंदे भारत ट्रेन ने इस बार रफ्तार के मामले में नया रिकॉर्ड छू लिया. कोटा–चौमहला–कोटा रेलखंड पर हुए स्पीड ट्रायल में ट्रेनसेट ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल कर ली. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहा. खास बात यह भी रही कि यह वही वंदे भारत ट्रेनसेट है, जिसे रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में तैयार किया गया है और इसे बेहद आधुनिक तकनीक से बनाया गया है.
ट्रायल के दौरान रेलवे अधिकारियों की नजर हर छोटी चीज पर रही. ट्रेन की स्पीड, ब्रेकिंग सिस्टम, ट्रैक्शन और अलग-अलग तकनीकी हिस्सों को लगातार मॉनिटर किया गया. रेलवे का कहना है कि इतनी तेज रफ्तार पर भी ट्रेन का संचालन सुरक्षित और संतुलित रहा, जो आने वाले समय के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है.
पहले 160 की रफ्तार, अब 180 तक पहुंची वंदे भारतरेलवे अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले इसी ट्रेनसेट का 160 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर भी ट्रायल किया गया था, जो सफल रहा था. अब 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचना रेलवे के लिए अगला बड़ा कदम माना जा रहा है. यह सिर्फ एक स्पीड टेस्ट नहीं था, बल्कि यह देखा जा रहा था कि ट्रेन इतनी तेज रफ्तार पर किस तरह काम करती है और उसके सिस्टम कितने मजबूत हैं.
कोटा मंडल में हुए इस ट्रायल के दौरान रेलवे टीम पूरी तरह अलर्ट रही. ट्रैक से लेकर तकनीकी सिस्टम तक हर चीज की निगरानी की गई. बताया जा रहा है कि हाई-स्पीड रन के दौरान ट्रेन ने स्थिरता बनाए रखी और किसी तरह की बड़ी तकनीकी परेशानी सामने नहीं आई.
नई तकनीक से लैस है ट्रेन, सुरक्षा पर खास ध्यानवरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि यह वंदे भारत ट्रेनसेट आधुनिक ट्रेन कंट्रोल और प्रोपल्शन सिस्टम से लैस है. इसमें एल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया लिमिटेड की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. रेलवे के मुताबिक इस तकनीक का फायदा यह है कि ट्रेन की स्पीड बढ़ने के बावजूद सुरक्षा और कंट्रोल बेहतर बना रहता है.
स्पीड ट्रायल के दौरान खास तौर पर ब्रेकिंग सिस्टम और सिस्टम इंटीग्रेशन पर ध्यान दिया गया. यानी अगर ट्रेन तेज रफ्तार में चल रही हो तो उसे कंट्रोल करना कितना आसान और सुरक्षित है, इसकी भी जांच की गई. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है, इसलिए हर टेस्ट को बेहद सावधानी से किया जा रहा है.
भारतीय रेलवे की नई दिशा, अब और तेज होंगी ट्रेनेंरेलवे अधिकारियों का मानना है कि 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक सफल ट्रायल पहुंचना एक बड़ा संकेत है कि भारत अब सेमी हाई-स्पीड ट्रेनों के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है. आने वाले समय में ऐसी तकनीक भारतीय रेलवे नेटवर्क को और आधुनिक बना सकती है.
वंदे भारत को पहले ही देश की सबसे आधुनिक ट्रेनों में गिना जाता है, लेकिन अब इसकी स्पीड क्षमता बढ़ने के बाद उम्मीद की जा रही है कि सफर और कम समय में पूरा हो सकेगा. फिलहाल यह ट्रायल रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इससे आगे के प्रोजेक्ट्स को भी रफ्तार मिलने की उम्मीद है.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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