electoral bonds | Political Parties Donation | BJP Donation | Congress Donation | इलेक्टोरल बॉन्ड रद्द होने के बाद एक साल में ही तीन गुना बढ़ गई राजनीतिक दलों की फंडिंग, ऐसे हुई पैसों की बारिश – After scrapping of poll electoral bonds corporate backed trusts donations to political parties jump 3 fold who benefited more

Agency:एजेंसियां
Last Updated:December 21, 2025, 07:51 IST
Political Party Donations: सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड कानून को रद्द कर दिया था. उसके बाद राजनीतिक दलों को चंदा देने के मामले में नया पैटर्न देखने को सामने आया है. एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कानून के रद्द होने के बाद राजनीतिक दलों को चंदा देने के मामले में तीन गुना तक की वृद्धि दर्ज की गई है.
इलेक्टोरल बॉन्ड कानून रद्द होने के बाद पहले फाइनेंशियल ईयर में राजनीतिक दलों को चंदा देने के मामले में तीन गुना तक की वृद्धि दर्ज की गई है. (सांकेतिक तस्वीर)
Political Party Donations: सुप्रीम कोर्ट की ओर से इलेक्टोरल बॉन्ड को रद्द करने के एक साल बाद गजब की तस्वीर सामने आई है. कंपनियों द्वारा समर्थित ट्रस्ट की ओर से राजनीतिक दलों को जमकर चंदा दिया गया है. शीर्ष अदालत की ओर से इलेक्टोरल बॉन्ड कानून को रद्द करने के बाद पहले फाइनेंशियल ईयर में ही राजनीतिक दलों पर खूब धनवर्षा हुई है. राजनीतिक चंदा देने के मामले में तीन गुना तक की वृद्धि रिकॉर्ड की गई है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में 9 इलेक्टोरल ट्रस्ट ने कुल मिलाकर ₹3811 करोड़ का चंदा विभिन्न राजनीतिक दलों को दिया है. इसमें भाजपा सबसे बड़ी लाभार्थी पार्टी रही है. कांग्रेस को भी करोड़ों का चंदा मिला है.
सुप्रीम कोर्ट द्वारा इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को रद्द किए जाने के बाद कॉरपोरेट समर्थित इलेक्टोरल ट्रस्ट के जरिए राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में बड़ा उछाल आया है. वित्त वर्ष 2024-25 में 9 इलेक्टोरल ट्रस्ट ने राजनीतिक दलों को कुल 3,811 करोड़ रुपये का दान दिया, जो पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में दिए गए 1,218 करोड़ रुपये की तुलना में तीन गुना से भी ज्यादा है. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग को सौंपे गए योगदान विवरण के अनुसार इस राशि का सबसे बड़ा हिस्सा सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिला. भाजपा को 3,112 करोड़ रुपये मिले, जो कुल चंदे का करीब 82 प्रतिशत है. वहीं, कांग्रेस को लगभग 299 करोड़ रुपये यानी करीब 8 प्रतिशत राशि प्राप्त हुई. बाकी सभी राजनीतिक दलों को मिलाकर कुल चंदे का करीब 10 प्रतिशत यानी 400 करोड़ रुपये मिले.
देश में कितने इलेक्टोरल बॉन्ड रजिस्टर्ड?
रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल देश में 19 इलेक्टोरल ट्रस्ट रजिस्टर्ड हैं, लेकिन 20 दिसंबर तक केवल 13 ट्रस्ट के योगदान विवरण चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध थे. इनमें से 9 ट्रस्ट ने चंदा देने की जानकारी दी, जबकि चार ट्रस्ट (जनहित, परिवर्तन, जय हिंद और जय भारत) ने वित्त वर्ष 2024-25 में कोई चंदा नहीं दिया. प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट इस साल भाजपा का सबसे बड़ा दानदाता बनकर उभरा. इस ट्रस्ट ने भाजपा को 2,180.07 करोड़ रुपये का चंदा दिया. प्रूडेंट ट्रस्ट को जिंदल स्टील एंड पावर, मेघा इंजीनियरिंग, भारती एयरटेल, ऑरोबिंदो फार्मा और टोरेंट फार्मास्युटिकल्स जैसी बड़ी कंपनियों से चंदा मिला. हालांकि, इस ट्रस्ट ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और तेलुगु देशम पार्टी को भी दान दिया, लेकिन इसका करीब 82 प्रतिशत हिस्सा भाजपा को गया.
About the AuthorManish Kumar
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
December 21, 2025, 07:29 IST
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इलेक्टोरल बॉन्ड रद्द होने के बाद एक साल में तीन गुना बढ़ी पार्टियों की फंडिंग


