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Last Updated:December 29, 2025, 15:05 IST

Rasiya Balam Love Story: राजस्थान की लोककथाओं में रसिया बालम की प्रेम कहानी सच्चे प्रेम की अद्भुत मिसाल मानी जाती है. कहा जाता है कि अपनी प्रेमिका से विवाह करने की शर्त के तहत रसिया बालम ने एक ही रात में नाखूनों से झील खोद डाली. यह कहानी प्रेम, त्याग और अदम्य साहस का प्रतीक है. आज भी यह झील और कहानी स्थानीय लोगों के बीच प्रेम और विश्वास की प्रेरणा बनी हुई है.नक्की झील

हिल स्टेशन माउंट आबू की हृदय स्थली मानी जाने वाले प्रसिद्ध नक्की झील से जुड़ी प्रेम कथा हजारों वर्ष बाद भी याद की जाती है. मान्यता है कि करीब 5 हजार वर्ष पहले आबू के राजा की बेटी से देलवाड़ा के रसिया बालम नामक मूर्तिकार को प्रेम हो गया था. उसने राजकुमारी से विवाह की इच्छा जताई, तो राजा ने अपनी बेटी की शादी के लिए एक असंभव शर्त रखी दी. जिसके मुताबिक जो व्यक्ति एक रात में यहां बिना किसी औजार के झील बना देगा, उसी से उनकी पुत्री का विवाह होगा.

नक्की झील

रसिया बालम ने राजा की शर्त पूरी करने और अपनी प्रेमिका से विवाह करने के लिए अपने नाखूनों से झूल खोदना शुरू कर दिया. जब ये बात राजकुमारी की मां को पता लगी, तो उसने एक षड्यंत्र रचा और सुबह होने से पहले ही मुर्गे की आवाज निकाल दी. मुर्गे की आवाज सुनकर रसिया बालम को लगा कि सुबह हो गई है और वह अपनी शर्त पूरी नहीं कर पाया है.

रसिया बालम और कुंवारी कन्या मंदिर

यहां एक पत्थर के विशाल ढेर के नीचे राजकुमारी की मां की मूर्ति को नवविवाहित महिलाएं पत्थर फेंकती हैं. मंदिर में रसिया बालम और कुंवारी कन्या की प्रतिमाएं भी दूर दूर आमने सामने स्थापित है. इस मंदिर में देशभर से भक्त दर्शन करने आते है. वहीं नक्की झील को लेकर इस मान्यता के चलते इसे पर्यटक स्थल के अलावा धार्मिक स्थल के रूप में भी पूजा जाता है.

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रसिया बालम कुंवारी कन्या मंदिर

आदिवासी गरासिया समाज की ओर से इसी झील के किनारे पीपली पूनम को पितृ तर्पण किया जाता है. मान्यता है कि इससे अपने दिवंगत परिजन की आत्मा को शांति मिलती है और गंगा स्नान के समान पुण्य मिलता है. नक्की झील के अलावा देलवाड़ा स्थित रसिया बालम मंदिर में भी नवविवाहित महिलाएं अच्छे सुहाग और वैवाहिक जीवन और कुंवारी कन्याएं अच्छे वर मिलने की कामना लेकर यहां आती है.

नक्की झील

रसिया बालम के ये झील नाखून से खोदने की वजह से ही इसका नाम ‘नक की झील’ पड़ गया था, जो समय के साथ अपभ्रंश होकर नक्की झील हो गया. आज भी रसिया बालन और कुंवारी कन्या की ये प्रेम कहानी राजस्थान के लोकगीतों में अमर हो गई है.

First Published :

December 29, 2025, 15:05 IST

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एक रात, नाखून और इश्क़! रसिया बालम ने प्रेमिका से शादी के लिए खोद डाली झील

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