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Ajmer News | Dargaah Deg Scam

Last Updated:July 02, 2026, 16:58 IST

Ajmer News : अजमेर दरगाह देग ठेके में 20 लाख की हेराफेरी का आरोप. पूर्व सचिव और ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज, जांच शुरू. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2020 में तत्कालीन सचिव ने बकाया राशि की वसूली के लिए 10-10 लाख रुपए के दो मूल चेक और एक वचन पत्र अपने कब्जे में ले लिए थे. इन दस्तावेजों के आधार पर बकाया रकम वसूली जानी थी. आरोप यह भी है कि बाद में तत्कालीन सचिव ने देग ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर इन दस्तावेजों को संस्था के रिकॉर्ड से गायब कर दिया.दरगाह की देग के ठेके में 20 लाख की कथित हेराफेरी, पूर्व सचिव और ठेकेदार पर केसZoomदरगाह की देग के ठेके में 20 लाख की कथित हेराफेरी

अजमेर. अजमेर दरगाह से जुड़े देग ठेका प्रकरण में 20 लाख रुपए की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है. मामले में दरगाह थाना पुलिस ने अंजुमन यादगार चिश्तिया शेखजादगान खुद्दाम ख्वाजा साहब के पूर्व सचिव और देग ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आरोप है कि संस्था की बकाया राशि वसूलने के लिए रखे गए अहम दस्तावेज रिकॉर्ड से गायब कर दिए गए, जिससे संस्था को आर्थिक नुकसान हुआ.

इस मामले की शिकायत अंजुमन के वर्तमान सचिव शेखजादा लियाकत अली चिश्ती ने पुलिस अधीक्षक को दी थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने पूर्व सचिव शेखजादा एहतेशाम चिश्ती और देग ठेकेदार सैयद अनवर मोहम्मद नियाजी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. अब पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने और आरोपों की जांच में जुट गई है.

उर्स के दौरान दिया गया था करोड़ों का ठेकाशिकायत के अनुसार वर्ष 2018 के उर्स के दौरान दरगाह शरीफ की देग का ठेका 3 करोड़ 77 लाख 40 हजार 100 रुपए में दिया गया था. ठेका शर्तों के मुताबिक इस राशि में से अंजुमन को 1 करोड़ 25 लाख 80 हजार 33 रुपए मिलने थे. बताया गया कि ठेकेदार ने बैंक चेक और नकद के जरिए 1 करोड़ 5 लाख 80 हजार रुपए जमा करा दिए थे. इसके बाद भी 20 लाख रुपए की राशि बकाया रह गई थी. इसी रकम को लेकर पूरा विवाद सामने आया है.

दो मूल चेक और वचन पत्र को लेकर लगे गंभीर आरोपशिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2020 में तत्कालीन सचिव ने बकाया राशि की वसूली के लिए 10-10 लाख रुपए के दो मूल चेक और एक वचन पत्र अपने कब्जे में ले लिए थे. इन दस्तावेजों के आधार पर बकाया रकम वसूली जानी थी. आरोप यह भी है कि बाद में तत्कालीन सचिव ने देग ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर इन दस्तावेजों को संस्था के रिकॉर्ड से गायब कर दिया. शिकायत के अनुसार ऐसा करने से 20 लाख रुपए की राशि संस्था को नहीं मिल सकी और उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. इसी आधार पर कथित गबन का आरोप लगाया गया है.

पुलिस ने शुरू की जांच, सामने आएंगे पूरे तथ्यमामले में दरगाह थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दस्तावेज किस तरह रिकॉर्ड से गायब हुए और शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं. जांच के दौरान संबंधित रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य जरूरी पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल यह मामला दर्ज होने के बाद दरगाह से जुड़े इस पुराने ठेका प्रकरण की फिर से चर्चा शुरू हो गई है और अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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