‘फ्लॉप’ से ब्लॉकबस्टर : वो 6 फिल्में जिन्हें सबने समझा फ्लॉप, मगर छा गईं बॉक्स ऑफिस पर, मेकर्स हुए मालामाल

Last Updated:July 02, 2026, 17:44 IST
Iconic Bollywood Movies of All Time : बॉलीवुड में आज तक किसी भी डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के हाथ हिट फिल्म का फॉर्मूला हाथ नहीं लगा है. बॉक्स ऑफिस पर चमत्कार भी होते रहे हैं. कई बार जिन फिल्मों को शुरुआत में दर्शक नहीं मिले, उन्होंने इतिहास रच दिया. फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा संयोग कई बार हो चुका है. ऐसे फिल्मों की संख्या दर्जनों में है. कुछ फिल्में तो ऐसी भी रहीं जो पहली बार जब रिलीज हुईं तो फ्लॉप रहीं लेकिन री-रिलीज में सफल साबित हुईं. आज हम ऐसी ही 7 फिल्मों के बारे में चर्चा करेंगे, जिन्हें सबने फ्लॉप समझ लिया था, मगर फिर ऐसा चमत्कार हुआ, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी.
Best Bollywood Bovies of All Time : हर फिल्म की एक डेस्टिनी होती है. कई फिल्मों को प्रीमियर के दौरान ही फ्लॉप करार दिया गया. कुछ फिल्में ऐसी भी हैं जिन्हें रिलीज होने के बाद दर्शकों के लिए तरस गईं. डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ने भी फिल्म को फ्लॉप मान लिया, फिर कुछ ऐसा हुआ जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. इन फिल्मों की शुरुआत बेहद धीमी रही. फिर माउथ पब्लिसिटी के चलते इन फिल्मों ने अपना असली रंग दिखाया. ये फिल्में आइकॉनिक मूवी बन गईं. बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई से सबको हैरत में डाल दिया. 36 साल के अंतराल में बनी ये फिल्में थीं : गाइड, शोले, दीवार, हीरो, मासूम, बाजीगर, और तुम बिन.
सबसे पहले बात करते हैं 2 अप्रैल 1965 को देवानंद की फिल्म ‘गाइड’ की. इस फिल्म का डायरेक्शन देवानंद के भाई विजय आनंद उर्फ गोल्डी ने किया था. स्क्रीनप्ले भी गोल्डी ने ही लिखा था. फिल्म की स्टोरी आरके नारायण के नॉवेल ‘गाइड’ से ली गई थी. गाइड बुक को साहित्य अकादमी का पुरस्कार पंडित नेहरू ने दिया था. देवानंद ‘हम दोनों’ फिल्म के लिए जब बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लेने गए थे, तब उन्होंने आरके नारायण का उपन्यास पढ़ा था. गोल्डी ने मुंबई के खंडाला में 18 दिन में होटल में रुककर गाइड फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी. स्टोरी में कई बदलाव किए. यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास की महान फिल्म साबित हुई.
गाइड रिलीज हुई और 10 दिन निकल गए. सबको लग रहा था कि फिल्म फ्लॉप हो गई. बारिश नहीं हो रही थी. गर्मी से बुरा हाल था, ऐसे में देवानंद ने अखबारों में विज्ञापन दिया कि ‘गाइड प्रे फॉर रेन’. इत्तफाक से बारिश हो गई. धीरे-धीरे गाइड की स्टोरी दर्शकों को पंसद आने लगी. गाइड हिंदी सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म में शामिल है. फिल्म आज भी उतनी ही प्रासंगिक है. फिल्म अपने समय से बहुत आगे की थी. फिल्म में एक शादीशुदा महिला का लिव-इन रिलेशन एंगल भी दिखाया गया है, जो उस जमाने में असामान्य बात थी. यह देवानंद की पहली रंगीन फिल्म थी. फिल्म का म्यूजिक एसडी बर्मन ने कंपोज किया था. ‘आज फिर जीने की तमन्ना है’ गाना आज भी सुपरहिट है. गाना चित्तौड़गढ़ के किले में फिल्माया गया था. 85 लाख के बजट में बनी गाइड ने 1.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था. यह उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली 5वीं फिल्म थी. फिल्म को 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे.
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‘गाइड’ फिल्म रिलीज होने के पूरे 10 साल बाद साल 1975 में भी दो फिल्मों के साथ ऐसा ही कुछ हुआ. जिन दो फिल्मों को फ्लॉप माना जा रहा था, वही आइकॉनिक मूवी बन गई. इसी साल ‘दीवार’ और ‘शोले’ जैसी फिल्में रिलीज हुईं. दोनों ही फिल्में हिंदी सिनेमा की 100 मस्ट वॉच फिल्म में शामिल हैं. ‘दीवार’ का डायरेक्शन जहां यश चोपड़ा ने किया था और प्रोड्यूसर गुलशन राय थे. कहानी सलीम-जावेद ने लिखी थी. अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, नीतू सिंह, परवीन बॉबी लीड रोल में थे. अमिताभ बच्चन को सही मायने में स्टारडम इसी फिल्म ने दिया. अमिताभ ने जो लंबी शर्ट पहनी थी, वही फैशन स्टाइल बन गई. ‘दीवार’ फिल्म का जब प्रीमियर हुआ तो इसे फ्लॉप फिल्म करार दिया गया था लेकिन जब मूवी रिलीज हुई तो इतिहास रच दिया. ‘दीवार’ सिनेमाघरों में 100 हफ्तों तक चली थी. 4.25 करोड़ रुपये कमाए थे. यह 1975 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में चौथे नंबर पर थी.
बात ‘शोले’ फिल्म की करें तो इसका निर्देशन रमेश सिप्पी ने किया था. कहानी सलीम-जावेद ने ही लिखी थी. ‘शोले’ फिल्म भारतीय सिनेमा की आइकॉनिक मूवी मानी जाती है. ‘गब्बर’ के रोल के लिए डैनी को फाइनल किया गया था लेकिन वो ‘धर्मात्मा’ फिल्म की शूटिं में बिजी थे. अमजद खान को गब्बर का रोल मिला. इस रोल ने अमजद खान को अमर पहचान दी. ‘शोले’ फिल्म 15 अगस्त 1975 को जब रिलीज हुई तो एक हफ्ते तक थिएटर्स में दर्शकों की ओर से अच्छा रिस्पांस ही नहीं लगा. सबको लगा कि फिल्म फ्लॉप हो जाएगी लेकिन 7 दिन के बाद अचानक हालात बदले. सिनेमाघरों में दर्शकों की बाढ़ आ गई. 3 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 50 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था.
इसी तरह की कहानी 1983 को सुभाष घई के निर्देशन में बनी ‘हीरो’ फिल्म के साथ भी दोहराई गई. जैकी श्रॉफ और मीनाक्षी शेषाद्रि ने इस फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. जब फिल्म रिलीज हुई तो थिएटर्स में दर्शक इसे देखने नहीं आए. बाद में माउथ पब्लिसिटी बढ़ी. सिनेमाघरों में भीड़ बढ़ी. यही मूवी जिसे फ्लॉप माना जा रहा था, बॉक्स-ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई. जैकी श्रॉफ रातों-रात स्टार बन गए. फिल्म का बजट 16 करोड़ था. फिल्म ने वर्ल्ड वाइड 46 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया.
शेखर कपूर के निर्देशन में बनी नसीरुद्दीन शाह-शबाना आजमी स्टारर फिल्म ‘मासूम’ के साथ भी ऐसा ही हुआ. 21 अक्टूबर 1983 को रिलीज इस फिल्म का हिंदी सिनेमा और समाज पर गहरा ज्यादा पड़ा. मासूम फिल्म एरिक सहगल के 1980 के नॉवेल ‘मैन वुमेन एंड चाइल्ड’ पर बेस्ड थी और अपने समय से बहुत आगे की थी. स्क्रीनप्ले गुलजार ने लिखा था. चंदन दत्त-देवी दत्त प्रोड्यूसर थे. चंदन दत्त बॉलीवुड लीजेंड गुरु दत्त के भाई थे. उनके प्रोडक्शन में बनी यह पहली फिल्म थी. म्यूजिक आरडी बर्मन का था. फिल्म का सबसे लोकप्रिय गाना ‘तुझसे नाराज नहीं जिंदगी हैरान हूं’ था. फिल्म जब रिलीज हुई तो दर्शक ही नहीं मिले. धीरे-धीरे फिल्म की पब्लिसिटी बढ़ी और हिट मूवी साबित हुई.
ऐसा ही दिलचस्प किस्सा शाहरुख खान काजोल और शिल्पा शेट्टी की फिल्म ‘बाजीगर’ से जुड़ा हुआ है. अब्बास-मस्तान के निर्देशन में बनी यह फिल्म 1993 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म को रिलीज से पहले महाफ्लॉप करार दिया गया था. फिल्म में लीड विलेन की भूमिका निभाने वाले एक्टर दिलीप ताहिल ने इसका खुलासा किया करते हुए बताया था कि फिल्म की शूटिंग के दौरान प्रोड्यूसर्स परेशान हो गए थे. सब यही बोल रहे थे कि हीरो हीरोइन की हत्या कर रहा है. यह फिल्म नहीं चलेगी. डिस्ट्रीब्यूटर्स भी दुखी थे. सिर्फ शाहरुख को फिल्म पर भरोसा था. जब फिल्म रिलीज हुई तो इतिहास रच दिया. ‘बाजीगर’ उस साल की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी. यह फिल्म शाहरुख खान के करियर के लिए टर्निंग प्वॉइंट साबित हुई.
इस लिस्ट में आखिरी नाम म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म ‘तुम बिन’ का है जो कि जिसके गाने आज भी दिल में बसे हुए हैं. 13 जुलाई 2001 को रिलीज ‘तुम बिन’ की गिनती आज कल्ट मूवी में होती है. ‘तुम बिन’ में संदली सिन्हा, प्रियांशु चटर्जी, हिमांशु मलिक और राकेश बापट लीड रोल में थे. छोटे से बजट की इस फिल्म को टी-सीरीज के बैनर तले बनाया गया था. निर्देशन अनुभव सिन्हा ने किया था. फिल्म का कालजयी गाना ‘कोई फरियाद’ का शुरुआती मुखड़ा 80 बार रिजेक्ट हुआ था. फिल्म शुरुआत में तीन-चार दिन दर्शकों के लिए तरसती रही थी. फिर चमत्कार हुआ. 3 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 7.53 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया.
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