Rajasthan

रूम हीटर के खतरे और साइलेंट किलर गैस | Room Heater Dangers and Carbon Monoxide Safety T

Last Updated:January 03, 2026, 10:46 IST

Room Heater Dangers and Carbon Monoxide Safety Tips: बंद कमरे में हीटर या अंगीठी जलाने से ऑक्सीजन कम हो जाती है और जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है. यह गैस बिना किसी गंध के इंसान को नींद में ही बेहोश कर देती है, जो मौत का कारण बन सकती है.सर्दियों के मौसम में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में हीटर या अलाव का इस्तेमाल करना एक आम बात है लेकिन यह जानलेवा साबित हो सकता है। हाल ही में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं जहां रात भर अंगीठी जलाकर सोने के कारण पूरे परिवार की दम घुटने से मौत हो गई।

सर्दियों के मौसम में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में हीटर या अलाव का इस्तेमाल करना एक आम बात है लेकिन यह जानलेवा साबित हो सकता है. हाल ही में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं जहां रात भर अंगीठी जलाकर सोने के कारण पूरे परिवार की दम घुटने से मौत हो गई.

साइलेंट किलर बंद कमरे में जब कोयला, लकड़ी या गैस जलती है तो उसे जलने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है। कमरा बंद होने के कारण ऑक्सीजन धीरे-धीरे खत्म होने लगती है और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस बनने लगती है। यह एक रंगहीन और गंधहीन गैस है, जिसका पता सांस लेते समय नहीं चलता। यह गैस फेफड़ों के जरिए खून में मिलकर हीमोग्लोबिन से जुड़ जाती है जिससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाती है। इंसान नींद में ही बेहोश हो जाता है और धीरे-धीरे उसकी मौत हो जाती है।

इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि बंद कमरे में जब कोयला, लकड़ी या गैस जलती है, तो उसे जलने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है. कमरा बंद होने के कारण ऑक्सीजन धीरे-धीरे खत्म होने लगती है और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस बनने लगती है. यह एक रंगहीन और गंधहीन गैस है, जिसका पता सांस लेते समय नहीं चलता. यह गैस फेफड़ों के जरिए खून में मिलकर हीमोग्लोबिन से जुड़ जाती है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाती है. इंसान नींद में ही बेहोश हो जाता है और धीरे-धीरे उसकी मौत हो जाती है.

त्वचा और आंखों में सूखापन हीटर कमरे की नमी को सोख लेता है, जिससे स्किन ड्राई हो जाती है और आंखों में जलन हो सकती है। अस्थमा या ब्रोंकाइटिस के मरीजों के लिए यह हवा बेहद हानिकारक होती है। सिरदर्द और चक्कर आना ऑक्सीजन की कमी से उठने पर भारीपन और कमजोरी महसूस होती है।

त्वचा और आंखों में सूखापन हीटर के उपयोग का एक और नकारात्मक पहलू है. हीटर कमरे की नमी को सोख लेता है, जिससे स्किन ड्राई हो जाती है और आंखों में जलन हो सकती है. इसके अलावा, अस्थमा या ब्रोंकाइटिस के मरीजों के लिए यह हवा बेहद हानिकारक होती है. ऑक्सीजन की कमी के कारण सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या भी होती है, जिससे सोकर उठने पर भारीपन और कमजोरी महसूस होती है.

Add as Preferred Source on Google

बचाव के उपाय वेंटिलेशन का ध्यान रखें हीटर या अंगीठी चलाते समय कमरे की कम से कम एक खिड़की या रोशनदान थोड़ा खुला रखें ताकि ताजी हवा आती रहे

बचाव के लिए वेंटिलेशन का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है. हीटर या अंगीठी चलाते समय कमरे की कम से कम एक खिड़की या रोशनदान थोड़ा खुला रखें, ताकि ताजी हवा आती रहे और जहरीली गैस बाहर निकल सके.

पानी का बर्तन रखें कमरे में नमी बनाए रखने के लिए हीटर के पास पानी से भरी एक बाल्टी या कटोरा रखें। इससे हवा में ड्राइनेस कम होगी।

पानी का बर्तन रखें कमरे में नमी बनाए रखने के लिए हीटर के पास पानी से भरी एक बाल्टी या कटोरा रखें. इससे हवा में ड्राइनेस (शुष्कता) कम होगी और आपकी त्वचा व आंखों में होने वाली जलन से बचाव होगा.

सोने से पहले बंद करे सबसे जरूरी नियम यह है कि सोने से पहले हीटर का स्विच ऑफ कर दें या अंगीठी को कमरे से बाहर रख दें इसे रात भर जलाकर कभी न सोएं।

सोने से पहले बंद करें सबसे जरूरी नियम यह है कि सोने से पहले हीटर का स्विच ऑफ कर दें या अंगीठी को कमरे से बाहर रख दें. इसे रात भर जलाकर कभी न सोएं. यह सावधानी आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है.

हीटर को बिस्तर, पर्दे या किसी भी ज्वलनशील वस्तु से कम से कम 3 फीट की दूरी पर रखें। उनकी इम्युनिटी कम होती है इसलिए उन्हें सीधे हीटर की गर्म हवा के संपर्क में न आने दें।

हीटर को बिस्तर, पर्दे या किसी भी ज्वलनशील वस्तु से कम से कम 3 फीट की दूरी पर रखें. बच्चों और बुजुर्गों की इम्युनिटी कम होती है, इसलिए उन्हें सीधे हीटर की गर्म हवा के संपर्क में न आने दें.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :

January 03, 2026, 10:46 IST

homelifestyle

सर्दियों में भूलकर भी न करें यह गलती! रूम हीटर बन सकता है आपकी मौत का कारण

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj