Bikaner Street Food | Bikaner Giant Dahi Vada Recipe | बीकानेर जायंट दही बड़ा | बीकानेरी दही बड़ा रेसिपी |

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400 ग्राम का अनोखा बीकानेरी जायंट दही बड़ा! स्वाद ऐसा कि आप भूल नहीं पाएंगे
Last Updated:July 01, 2026, 09:41 IST
Bikaner Laxman Chaat House Special Dahi Vada: बीकानेर का लक्ष्मण चाट हाउस अपने विशाल और खास दही बड़े के लिए देशभर में प्रसिद्ध है. यहां बनने वाला एक दही बड़ा लगभग 400 ग्राम तक वजन का होता है और इसे राजस्थान के सबसे बड़े दही बड़ों में गिना जाता है. सुबह से ही इसकी तैयारी शुरू हो जाती है और पूरे दिन ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. उड़द और मूंग दाल से बने बड़े को कई घंटे पानी में रखकर मुलायम बनाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और बनावट अनोखी हो जाती है. काजू और किशमिश की स्टफिंग इसे और स्वादिष्ट बनाती है. दही, चटनी और मसालों के साथ परोसे जाने पर इसका स्वाद लोगों को बार-बार यहां खींच लाता है. कोलकाता, मुंबई और सूरत जैसे शहरों से भी लोग इसे चखने आते हैं. यह व्यंजन बीकानेर की फूड टूरिज्म पहचान बन चुका है.
दुकान पर सजे दही बड़ों का यह नजारा बताता है कि बीकानेर में इस व्यंजन की लोकप्रियता कितनी ज्यादा है. सुबह से ही ताजा दही बड़े तैयार होने लगते हैं और ग्राहकों की मांग के अनुसार लगातार बनाए जाते हैं. इन्हें बनाने में एक से दो घंटे का समय लगता है. दही बड़े को मुलायम बनाने के लिए कई घंटे तक पानी में रखा जाता है और समय-समय पर पानी बदला जाता है ताकि इसकी गुणवत्ता बनी रहे. बीकानेर के लक्ष्मण चाट हाउस में प्रतिदिन करीब 1000 से 1500 दही बड़े तैयार किए जाते हैं. स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटक भी यहां का स्वाद लेने जरूर पहुंचते हैं. बड़े आकार, मुलायम बनावट और खास स्वाद ने इस दही बड़े को बीकानेर की पहचान बना दिया है.
दही बड़ों का यह ऊंचा ढेर बीकानेर के मशहूर स्ट्रीट फूड की लोकप्रियता की कहानी खुद बयां करता है. हर बड़ा सावधानी से तैयार किया जाता है ताकि उसका आकार, स्वाद और गुणवत्ता बनी रहे. उड़द और मूंग की दाल के मिश्रण से बने इन बड़ों में काजू और किशमिश की स्टफिंग इसे और भी खास बनाती है. तैयार होने के बाद इन्हें ठंडे पानी में रखा जाता है, जिससे ये बेहद नरम और स्पंजी हो जाते हैं. जब इन पर ताजा दही, मसाले और चटनी डाली जाती है तो स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. बीकानेर आने वाले लोग अक्सर इस अनोखे और विशाल दही बड़े को देखकर हैरान रह जाते हैं और इसे खाने का अनुभव अपने साथ यादगार बनाकर ले जाते हैं.
यह तस्वीर बीकानेर के उस मशहूर ठिकाने की है, जहां बड़े आकार के दही बड़े खाने के लिए दिनभर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. स्थानीय लोग हों या बाहर से आए पर्यटक, हर कोई यहां के खास स्वाद का आनंद लेने पहुंचता है. दुकान पर लगातार दही बड़े तैयार किए जाते हैं ताकि किसी ग्राहक को इंतजार न करना पड़े. वर्षों से चली आ रही इस दुकान की पहचान गुणवत्ता और स्वाद है. यहां आने वाले कई लोग अपने परिवार और दोस्तों के लिए दही बड़े पैक करवाकर भी ले जाते हैं. कोलकाता, मुंबई, सूरत और राजस्थान के कई शहरों से लोग खास तौर पर इस अनोखे व्यंजन का स्वाद लेने पहुंचते हैं. यही वजह है कि यह दुकान बीकानेर के प्रसिद्ध फूड डेस्टिनेशन में गिनी जाती है.
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इस तस्वीर में दही बड़े बनाने की पूरी तैयारी दिखाई दे रही है. एक तरफ तैयार बड़े रखे हैं तो दूसरी ओर उन्हें परोसने की सामग्री मौजूद है. दही बड़ा तैयार करने की प्रक्रिया बेहद सावधानी से की जाती है. पहले दाल पीसकर मिश्रण तैयार किया जाता है, फिर बड़े आकार के बड़े तलकर ठंडे पानी में भिगोए जाते हैं. समय-समय पर पानी बदलने से उनकी ताजगी बनी रहती है. जब ग्राहक ऑर्डर देता है तो बड़े को दही में डालकर ऊपर से मसाले, चटनी और अन्य सामग्री के साथ परोसा जाता है. यही ताजगी और पारंपरिक तरीका इस दही बड़े को दूसरे शहरों के दही बड़ों से अलग पहचान देता है. स्वाद और गुणवत्ता के कारण यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं.
दुकानदार की हथेली पर रखा यह दही बड़ा उसके असली आकार का अंदाजा देता है. सामान्य दही बड़ों की तुलना में यह कई गुना बड़ा होता है और इसका वजन लगभग 400 ग्राम तक पहुंच जाता है. यही कारण है कि इसे राजस्थान के सबसे बड़े दही बड़ों में गिना जाता है. बड़े आकार के बावजूद इसका स्वाद और मुलायमपन बरकरार रहता है. उड़द और मूंग की दाल से तैयार इस दही बड़े में काजू और किशमिश का इस्तेमाल इसे और खास बना देता है. जब इसे दही, मीठी चटनी और मसालों के साथ परोसा जाता है तो इसका स्वाद लोगों को बार-बार यहां खींच लाता है. बीकानेर की यात्रा करने वाले अधिकांश पर्यटक इस खास व्यंजन का स्वाद जरूर चखते हैं.
लक्ष्मण चाट हाउस का यह विशाल दही बड़ा सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि बीकानेर की खान-पान परंपरा का प्रतीक है. इसे बनाने में धैर्य, अनुभव और पारंपरिक विधि का विशेष महत्व होता है. पहले दाल का मिश्रण तैयार किया जाता है, फिर बड़े आकार में तलकर कई घंटे तक ठंडे पानी में रखा जाता है. इसके बाद ताजे दही, मसालों और चटनियों के साथ इसे परोसा जाता है. दुकान संचालकों के अनुसार, सूखा बड़ा कई दिनों तक सुरक्षित रहता है, जबकि दही बड़ा ताजा रखने के लिए समय-समय पर पानी बदलना जरूरी होता है. यही वजह है कि यहां मिलने वाला हर दही बड़ा स्वाद और गुणवत्ता में अलग नजर आता है. बीकानेर आने वाले पर्यटकों के लिए यह व्यंजन किसी यादगार स्वाद से कम नहीं है.
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