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Gangasagar Mela 2026 । Kapil Muni Site । गंगासागर मेला 2026: कपिल मुनि की तपोभूमि में आस्था का महाकुंभ, 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना

Last Updated:January 05, 2026, 01:40 IST

Gangasagar Mela: गंगासागर मेला में इस साल 1.5 करोड़ श्रद्धालु आ सकते हैं. महंत संजय दास ने तट कटाव पर चिंता जताई है और ममता बनर्जी द्वारा मुरिगंगा नदी पर पुल निर्माण की सराहना की. दास ने कहा, “मंदिर को बचाने के लिए केंद्रीय सरकार को तट कटाव के मुद्दे का गंभीरता से समाधान करना चाहिए.”

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कपिल मुनि की तपोभूमि में आस्था का महाकुंभ, 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं की संभावनागंगासागर, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सागर द्वीप पर स्थित है. (फाइल फोटो)

गंगासागर (पश्चिम बंगाल). गंगासागर मेला इस साल 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के साथ अब तक के सबसे बड़े आयोजन का गवाह बन सकता है. यह जानकारी मुख्य पुजारी स्वामी ज्ञानदास महाराज के उत्तराधिकारी महंत संजय दास ने रविवार को दी. दास ने मंदिर परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस साल कुंभ मेला नहीं होने के कारण, गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित कपिल मुनि मंदिर में आने वाले सनातनी हिंदू श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है.

दास ने मंदिर में चुनिंदा पत्रकारों से कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि इस साल 1.5 करोड़ से अधिक लोग तीर्थयात्रा के लिए आएंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय सरकार को मंदिर के सामने तटरेखा कटाव के खतरे को लेकर कदम उठाने चाहिए, क्योंकि ज्वार के दौरान पानी से मंदिर की दूरी केवल लगभग 500 मीटर रह जाती है.

दास ने कहा, “मंदिर को बचाने के लिए केंद्रीय सरकार को तट कटाव के मुद्दे का गंभीरता से समाधान करना चाहिए.” उन्होंने बताया कि सदियों में दो मंदिर पहले ही बढ़ते समुद्र की लहरों के कारण समुंदर में चले गए. उन्होंने कहा कि वर्तमान कपिल मुनि मंदिर इसी स्थान पर बनी तीसरी इमारत है.

दास ने कटाव रोकने के उपाय करने के लिए ममता बनर्जी सरकार की प्रशंसा की और कहा कि मंदिर प्रशासन इस मुद्दे पर सहयोग करेगा और मिलकर काम करेगा. दास ने कहा कि प्रस्तावित मुरिगंगा नदी पर बन रहा पुल तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए बहुत लाभकारी होगा. उन्होंने कहा कि यह पुल सागर द्वीप को मुख्य भूमि से जोड़ता है और जिसका शिलान्यास मुख्यमंत्री सोमवार को करेंगी. उन्होंने कहा, “यह एक बहुत अच्छी परियोजना है.”

दास ने आगे कहा, “भगवान राम ने रामेश्वरम को लंका से जोड़ने के लिए रामसेतु बनाया था; दीदी (ममता बनर्जी) इस पुल का निर्माण गंगासागर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए कर रही हैं.” पुजारी ने बताया कि इस साल मकर संक्रांति के लिए पवित्र स्नान का समय 14 जनवरी रात 9:19 बजे से 15 जनवरी अपराह्न 1:19 बजे तक है. उन्होंने कहा, “तीर्थयात्री 15 जनवरी के पूरे दिन पवित्र स्नान कर सकते हैं, क्योंकि शुभ समय का प्रभाव अपराह्न 1:19 बजे के बाद भी आठ घंटे तक रहेगा.” गंगासागर, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सागर द्वीप पर स्थित है, जहां गंगा नदी बंगाल की खाड़ी में मिलती है.

About the AuthorRakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

Location :

Kolkata,West Bengal

First Published :

January 05, 2026, 01:16 IST

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कपिल मुनि की तपोभूमि में आस्था का महाकुंभ, 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं की संभावना

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