घर खरीदने की सोच रहे हैं तो कैसा है मौका? पिछला साल छोड़ गया ये संकेत, पहचान कर करें निवेश

अगर आप घर खरीदने या निवेश करने का सोच रहे हैं, तो बीता वित्त वर्ष 2025-26 आपके लिए कई नए संकेत छोड़ गया है. इस दौरान रियल एस्टेट बाजार में ऐसा बदलाव देखने को मिला, जहां सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि लोगों की पसंद और जरूरतें भी बदलती नजर आई. अब खरीदार छोटे घरों से बड़े और बेहतर सुविधाओं वाले घरों की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं कई लोग बड़े शहरों के बजाय टियर-2 शहरों में भी मौके तलाश रहे हैं. यही वजह है कि फाइनेंशियल ईयर 26 में प्रॉपर्टी बाजार ने नई दिशा पकड़ी है.
रेजिडेंशियल सेक्टर में बनी रही मजबूतीFY26 में मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में घरों की मांग मजबूत रही है. नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी कुल बिक्री में 50% तक पहुंच गई, जो पिछले साल 44% थी.
इसका मतलब साफ है कि अब ज्यादा खरीदारी ऐसे लोगों से आ रही है जो अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के कारण बड़े और बेहतर घरों की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि सस्ते घरों की मांग थोड़ी दबाव में दिख रही है.
टियर-2 शहर बने नए ग्रोथ इंजनपुणे, चंडीगढ़, लखनऊ, पानीपत और जयपुर जैसे शहर तेजी से उभरकर सामने आए. बेहतर कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और कम कीमत के कारण इन शहरों में खरीदारों और डेवलपर्स की रुचि बढ़ी है. खासकर प्रीमियम और लग्जरी घरों की मांग बढ़ी है, जहां लोग अब बड़े और सुविधाओं से भरपूर घर चाहते हैं.
ट्रेवॉक के मैनेजिंग डायरेक्टर गुरपाल सिंह चावला कहते हैं कि आज का रियल एस्टेट बाजार पहले की तरह केवल कीमत और लोकेशन तक सीमित नहीं रह गया है. खरीदार अब अपने घर को एक लंबे समय के निवेश और बेहतर जीवनशैली के रूप में देख रहे हैं. यही कारण है कि वे ऐसे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं जहां उन्हें खुला वातावरण, बेहतर डिजाइन, आधुनिक सुविधाएं और अच्छी कनेक्टिविटी एक साथ मिल सके. आने वाले समय में वही डेवलपर्स सफल होंगे जो इन बदलती जरूरतों को समझकर प्रोजेक्ट्स तैयार करेंगे और केवल बिक्री नहीं, बल्कि बेहतर कम्युनिटी बनाने पर ध्यान देंगे.
कमर्शियल सेक्टर में भी जोरदार वापसीFY26 में ऑफिस स्पेस की मांग फिर से तेज हुई. बड़ी विदेशी कंपनियों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) ने अपने ऑफिस बढ़ाए. इसके चलते 2025 में देश के टॉप 8 शहरों में करीब 61.4 मिलियन स्क्वायर फीट ऑफिस स्पेस लिया गया, जो एक रिकॉर्ड है.
रिटेल सेक्टर में भी आई तेजीरिटेल सेक्टर में भी रिकवरी दिखी है. नए एक्सपीरियंस बेस्ड मॉल और डेस्टिनेशन लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. एनारॉक रिपोर्ट के मुताबिक तीसरी तिमाही में 2025 में करीब 3.2 मिलियन स्क्वायर फीट स्पेस लिया गया, जो पिछले साल से 65% ज्यादा है.
NCR में ज्यादा फुटफॉल, नई हाउसिंग और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण रिटेल तेजी से बढ़ रहा है, जबकि टियर-2 शहर भी नए रिटेल हब बन रहे हैं.
इंफ्रास्ट्रक्चर बना सबसे बड़ा गेम चेंजरFY26 में इंफ्रास्ट्रक्चर ने रियल एस्टेट की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाई है. द्वारका एक्सप्रेसवे, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड और SPR जैसे प्रोजेक्ट्स ने कनेक्टिविटी बेहतर की, वहीं दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे में मेट्रो नेटवर्क ने दूर के इलाकों को भी आकर्षक बना दिया.
प्रॉपर्टी मास्टर के मैनेजिंग डायरेक्टर पारस राय कहते हैं कि फाइनेंशियल ईयर 26 में साफ तौर पर देखा कि खरीदारों की प्राथमिकताएं बदल गई हैं. अब लोग सिर्फ एक घर खरीदने के बजाय एक बेहतर जीवनशैली की तलाश में हैं, जहां उन्हें सुरक्षा, हरियाली, क्लब, फिटनेस और सामाजिक सुविधाएं एक ही जगह मिलें. खासकर गुरुग्राम जैसे बाजारों में लग्जरी हाउसिंग ने इस बदलाव को मजबूती दी है और आने वाले समय में यह ट्रेंड और तेज होगा.
लग्जरी हाउसिंग में बदली सोचअब हाई-नेटवर्थ लोग सिर्फ घर नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल खरीद रहे हैं. वेलनेस, मनोरंजन और सामाजिक सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है. एक्सपीरियंस आधारित लिविंग अब ट्रेंड बन चुका है.
एचसीबीएस डेवलपमेंट्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट मोहित कालिया कहते हैं कि रियल एस्टेट सेक्टर में अब ‘लिविंग एक्सपीरियंस’ सबसे बड़ा फैक्टर बन चुका है. खरीदार अब बेहतर माहौल, स्मार्ट प्लानिंग और लंबे समय की वैल्यू वाला घर चाहते हैं. द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे कॉरिडोर इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरे हैं.
FY27 के लिए क्या संकेत?आने वाले फाइनेंशियल ईयर में रियल एस्टेट सेक्टर और ज्यादा मजबूत होता नजर आएगा. आइए जानते हैं कि इसमें क्या बदलेगा?• टियर-2 शहरों में तेजी जारी रहेगी• लग्जरी हाउसिंग में एक्सपीरियंस का रोल बढ़ेगा• ऑफिस स्पेस हाइब्रिड वर्क के हिसाब से बदलेगा• रिटेल सेक्टर नए फॉर्मेट्स अपनाएगा



