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जयपुर में बड़ा इनोवेशन कदम! 10 करोड़ की हाइड्रोजन लैब से राजस्थान यूनिवर्सिटी बनेगी रिसर्च हब, मिलेगी नई उड़ान

Last Updated:April 19, 2026, 23:03 IST

Rajasthan University Hydrogen Lab: राजस्थान यूनिवर्सिटी में हाइड्रोजन गैस पर शोध को बढ़ावा देने के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक हाईटेक लैब स्थापित की जाएगी. यह लैब स्वच्छ ऊर्जा और भविष्य की तकनीकों पर काम करने के लिए तैयार की जा रही है, जिससे छात्रों को आधुनिक रिसर्च सुविधाएं मिल सकेंगी. इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के इनोवेशन और स्टार्टअप आइडियाज को बढ़ावा देना है. हाइड्रोजन ऊर्जा को भविष्य का ईंधन माना जा रहा है, ऐसे में यह लैब छात्रों को नई तकनीकों पर काम करने और उद्यमिता के अवसर प्रदान करेगी.

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जयपुर में बड़ा इनोवेशन कदम! राजस्थान यूनिवर्सिटी में हाइड्रोजन रिसर्च लैबZoomराजस्थान यूनिवर्सिटी में 10 करोड़ की लागत से तैयार होगी हाइड्रोजन गैस रिसर्च लैब

जयपुर: राजस्थान के सबसे पुराने और सबसे बड़े विश्वविद्यालय राजस्थान विश्वविद्यालय में स्टूडेंट्स के लिए लगातार नए नवाचार किए जा रहे हैं. कुछ ही वर्षों पहले राजस्थान विश्वविद्यालय में हाइड्रोजन गैस का प्रोटोटाइप का ईसीएच सेंटर डेवलप किया गया था जो देश का पहला मेड इन इंडिया हाइड्रोजन गैस का प्रोटोटाइप था. जहां लम्बे समय से प्रोटोटाइप ने हाइड्रोजन गैस तैयार की जा रही हैं. इसी कड़ी के आगे अब हाइड्रोजन गैस बनाने के लिए राजस्थान यूनिवर्सिटी में 10 करोड़ की लागत से यूनिवर्सिटी के ईसीएच सेंटर में एक लैब विकसित की जाएगी जिसके चलते राजस्थान यूनिवर्सिटी राजस्थान की पहली ऐसी यूनिवर्सिटी होगा जहां इस प्रकार की अनोखी लेब होगी. इस लैब के तैयार होने के बाद हाइड्रोजन गैस और एंटीमैटर एनर्जी में रिसर्च करने के लिए स्टूडेंट्स को दिल्ली, बैंगलोर जैसे दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा.

राजस्थान यूनिवर्सिटी में ही स्टूडेंट्स हाइड्रोजन गैस पर रिसर्च के साथ गैस भी बना सकेंगे और इस लैब के साथ ही यूनिवर्सिटी में स्टार्टअप का यह इन्कयूबेशन सेंटर टॉप सेंटर में शामिल हो जाएगा. हालही में कुछ महिनों पहले हाइड्रोजन गैस का प्रोटोटाइप का ईसीएच सेंटर के लाल बहादुर स्टार्टअप के फाउंडर द्वारा इस लैब के लिए प्रस्ताव दिया गया था. जिसे अब राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया हैं और डीओआईटी डिपार्टमेंट को इस संदर्भ में दिशा निर्देश जारी किए हैं.

राजस्थान यूनिवर्सिटी में रिसर्च के लिए लगेंगी वर्ल्ड क्लास मशीनें राजस्थान विश्वविद्यालय में हाइड्रोजन गैस का प्रोटोटाइप के ईसीएच सेंटर डेवलप की जानी वाली लैब विकसित होने के बाद यह पर एंटीमैटर एनर्जी बनाने में यह टीप सेंटर होगा. जिसके लिए लैब में रिसर्च के लिए वर्ल्ड क्लास मशीनें लगाई जाएगी. स्टूडेंट्स को लैब में आरएनडी सहित एनर्जी को स्टोर करने की सुविधा मिलेगी. लैब बनने से पहले राजस्थान यूनिवर्सिटी में हाइड्रोजन गैस का प्रोटोटाइप का ईसीएच सेंटर स्टार्टअप के रूप में विकसित हो चुका हैं जहां गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की ओर से राजस्थान यूनिवर्सिटी के इस स्टार्टअप को 250 करोड़ रुपए का वर्क ऑर्डर मिल चुका है. विश्वविद्यालय के इस हाइड्रोजन गैस का प्रोटोटाइप के तहत पानी के तत्वों को तोड़कर ऑक्सीजन से हाइड्रोजन के अणुओं को अलग किया जाता है.

जिसके चलते इसमें बिजली का खर्च कम आता है. ऐसे ही इस स्टार्टअप को आगे बढ़ाते हुए अब विश्वविद्यालय में जल्द ही ईसीएच सेंटर में लैब विकसित होगी. जो विश्वविद्यालय के स्टूडेंट्स के स्टार्टअप को तेजी से आगे बढ़ाएंगी. लम्बे समय से यूनिवर्सिटी में हाइड्रोजन गैस बनाने सहित एनर्जी डवलप करने के लिए इस लैब की जरूरत थी. इस लैब के विकसित होने से पहले राजस्थान विश्वविद्यालय के स्टूडेंट्स नोएडा सहित दूसरे राज्यों की लैब में जाते हैं लेकिन अब राजस्थान यूनिवर्सिटी में यह लैब एक तरह से सस्टेनेबल मॉडल के रूप में विकसित होगी.

विश्वविद्यालय के प्रोटोटाइप को जापान, जर्मनी से मिले हैं ऑर्डरराजस्थान विश्वविद्यालय के प्रोटोटाइप एक्सपर्ट के मुताबिक राजस्थान विश्वविद्यालय में हाइड्रोजन गैस का प्रोटोटाइप के ईसीएच सेंटर में जब इस सेंटर की शुरुआत हुई थी तब प्रोटोटाइप को बनाने में करीब छह लाख रुपए की लागत आती है, जबकि विदेश से मंगवाने पर यह महंगा पड़ता है. इसका एच-2 आईएनडी सिस्टम के नाम से ट्रेडमार्क एप्लाई किया हुआ था इसके नाम से ही यूनिट बिकती है. इसलिए राजस्थान विश्वविद्यालय में स्थापित प्रोटोटाइप देश के लिए आने वाले दिनों में भारी मात्रा में हाइड्रोजन गैस तैयार करेगा. फिलहाल राजस्थान विश्वविद्यालय को गवर्नमेंट ऑफ इंडिया से 4 हजार किलो प्रतिदिन हाइड्रोजन गैस बनाने का ऑर्डर मिला था जिसपर लगातार काम चल रहा हैं और यूनिवर्सिटी में गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के अलावा जापान, जर्मनी से ऑर्डर मिला हुआ हैं.‌

About the AuthorJagriti Dubey

With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें

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Jaipur,Rajasthan

First Published :

April 19, 2026, 23:03 IST

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