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Rajasthan News | Sikar News | भारत भूटान शांति रत्न अवार्ड से सम्मानित होंगे श्रवण बुरड़क

Last Updated:June 19, 2026, 12:42 IST

Sikar News : भूटान की राजधानी थिम्फु में 21 जून को भारत-भूटान शांति सम्मेलन होगा, सीकर के समाजसेवी श्रवण बुरड़क को भारत-भूटान शांति रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. श्रवण बुरड़क सीकर जिले की दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के छोटे से गांव चैनपुरा के निवासी हैं. वे एक भामाशाह और समाजसेवी के रूप में पहचान रखते हैं. उन्होंने स्वयं के खर्च से 111 कन्याओं के विवाह कराने का संकल्प लिया है, जिनमें से अब तक 6 कन्याओं का विवाह वे अपने खर्च पर करवा चुके हैं. इसके अलावा वे सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर, पंखे, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराते हैं.

सीकर. 21 जून को भारत के पड़ोसी मित्र राष्ट्र भूटान की राजधानी थिम्फु में भारत-भूटान शांति सम्मेलन एवं विचार प्रेजेंटेशन समारोह का आयोजन होगा. इसमें सीकर जिले के चैनपुरा गांव निवासी श्रवण बुरड़क को भारत-भूटान शांति रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. यह आयोजन राजनयिक संबंध वियना अभिसरण अधिनियम, 1972 तथा भारत-भूटान मैत्री संधि, 1949 की भावना के अंतर्गत किया जा रहा है. यह सम्मान भूटान सरकार के पूर्व अर्थमंत्री लोकनाथ शर्मा द्वारा प्रदान किया जाएगा. समारोह का मुख्य उद्देश्य वसुधैव कुटुम्बकम्, ‘ग्लोबल विलेज’ और ‘सत्यम् शिवम् सुन्दरम्’ की अवधारणा को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत करना है.

श्रवण बुरड़क ने बताया कि इस समारोह में दर्जनों देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. भारत के सभी राज्यों से कुल 35 लोगों को भारत-भूटान शांति रत्न अवार्ड दिया जाएगा, जिनमें उनका नाम भी शामिल है. यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच द्वारा कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन पिछले करीब 25 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है. इसमें शिक्षा, चिकित्सा, न्याय, समाज सेवा, संस्कृति, अध्यात्म और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को यह विश्वस्तरीय सम्मान प्रदान किया जाता है.

कौन हैं श्रवण बुरड़क
श्रवण बुरड़क सीकर जिले की दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के छोटे से गांव चैनपुरा के निवासी हैं. वे एक भामाशाह और समाजसेवी के रूप में पहचान रखते हैं. उन्होंने स्वयं के खर्च से 111 कन्याओं के विवाह कराने का संकल्प लिया है, जिनमें से अब तक 6 कन्याओं का विवाह वे अपने खर्च पर करवा चुके हैं. इसके अलावा वे सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर, पंखे, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराते हैं. वहीं सीकर, जयपुर और आसपास के जिलों में किसी जरूरतमंद को रक्त की आवश्यकता होने पर सूचना मिलते ही रक्त उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं.

समाजसेवा में खर्च कर चुके हैं लाखों रुपयेश्रवण बुरड़क और उनकी टीम समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन भी करती है. इसके अलावा उन्होंने अपने गांव में गायों के आश्रय के लिए नई गोशाला बनाने का संकल्प लिया था. इसके लिए उन्होंने एक मुहिम चलाई, जिसमें दर्जनों लोगों ने सहयोग किया. इस अभियान के तहत गोशाला के लिए जमीन खरीदी गई और निर्माण कार्य भी कराया गया. श्रवण बुरड़क के अनुसार श्री बालाजी गोशाला के लिए लोगों ने करीब एक करोड़ रुपये का सहयोग दिया है. उन्होंने बताया कि वे अब तक समाजसेवा के कार्यों पर लगभग 51 लाख रुपये खर्च कर चुके हैं.

मिल चुके हैं कई सम्मानश्रवण बुरड़क को उनके सामाजिक कार्यों के लिए कई बड़े मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है. हाल ही में उन्हें कर्मश्री अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था. इसके अलावा उन्हें उपखंड स्तर पर भी सम्मान मिल चुका है. वहीं उन्होंने क्षेत्र का सबसे बड़ा 200 बेड का श्री गोविंदम हॉस्पिटल भी स्थापित किया है, जहां गरीब परिवारों का बड़े शहरों की तुलना में काफी कम शुल्क में इलाज किया जाता है.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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