National

440 करोड़ वाले TMC के 3 बैंक खाते फ्रीज, ममता बनर्जी की पार्टी में टूट का नया अध्याय, बंगाल में सियासत गरमाई

Last Updated:June 19, 2026, 22:54 IST

इस पूरे वित्तीय विवाद में पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बंद्योपाध्याय भी पूरी मजबूती से कूद पड़े हैं. उन्होंने अरूप विश्वास का खुलकर समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि टीएमसी के इन खातों में कटमनी, चोरी या गबन का पैसा भी हो सकता है.

ख़बरें फटाफट

440 करोड़ वाले TMC के 3 बैंक खाते फ्रीज, ममता की पार्टी में टूट का नया अध्यायZoomबैंक अकाउंट के फ्रीज होने से ममता बनर्जी की परेशानी बढ़ गई है. (फाइल फोटो)

कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी कलह के बीच पार्टी को बड़ा झटका लगा है. बागी विधायकों की शिकायत और पूर्व मंत्री अरूप विश्वास की पहल के बाद एचडीएफसी बैंक ने तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है. बताया जा रहा है कि इन खातों में करीब 440 करोड़ रुपये जमा हैं.

जानकारी के मुताबिक, पूर्व मंत्री अरूप विश्वास ने खुद को पार्टी का कोषाध्यक्ष बताते हुए एचडीएफसी बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा को पत्र लिखकर तृणमूल के खातों से सभी वित्तीय लेनदेन रोकने की मांग की थी. इसके बाद तृणमूल के बागी खेमे के कुछ विधायकों ने भी विधाननगर पुलिस की साइबर सेल को पत्र भेजकर पार्टी के खातों को फ्रीज करने की मांग की.

पुलिस ने इस मामले की जानकारी बैंक को दी, जिसके बाद बैंक ने तीनों खातों पर रोक लगाने का फैसला किया. बैंक ने अपने इस कदम की जानकारी पुलिस को भी दे दी है. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि 5 जून को अरूप विश्वास को कोषाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था और उनकी जगह पूर्व सांसद शुभाशीष चक्रवर्ती को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इसके बावजूद अरूप विश्वास ने 12 जून को बैंक को लिखे पत्र में खुद को पार्टी का वैध कोषाध्यक्ष बताया था.

इस विवाद में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बंद्योपाध्याय भी कूद पड़े हैं. उन्होंने अरूप विश्वास का समर्थन करते हुए कहा कि तृणमूल के खातों में कटमनी, चोरी या गबन का पैसा भी हो सकता है. उन्होंने मांग की कि खातों को फ्रीज कर इन पैसों के स्रोत की जांच कराई जाए. बागी खेमे के नेता संदीपन साहा ने बैंक के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में खातों से कोई लेनदेन नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि खातों में जमा धन का स्रोत क्या है और क्या वह पूरी तरह वैध है.

वहीं तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने बागी नेताओं और ऋतब्रत बंद्योपाध्याय पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि जो विधायक आज खातों को अवैध बता रहे हैं, उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि चुनाव के दौरान इन्हीं खातों से उनके पास कोई पैसा गया था या नहीं. यदि गया था तो उन्हें वह पैसा तुरंत पार्टी को वापस करना चाहिए. कुणाल घोष ने तंज कसते हुए कहा कि अगर तृणमूल के खातों में अवैध पैसा था, तो उस पैसे के सहारे चुनाव जीतने वाले विधायकों की सदस्यता भी सवालों के घेरे में आ जाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि बागी नेताओं का असली मकसद पार्टी नेतृत्व को बताए बिना खातों को फ्रीज कराना था.

About the AuthorRakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Kolkata,West Bengal

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj