Rajasthan

सरिस्का में बढ़ी टाइगर साइटिंग, 50 पार पहुंची संख्या, ST-19 और 4 शावकों ने पर्यटकों का बढ़ाया रोमांच

Last Updated:April 23, 2026, 09:50 IST

Sariska Tiger Reserve: अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व में इन दिनों बाघों की शानदार साइटिंग देखने को मिल रही है. खासतौर पर टाइग्रेस ST-19 अपने चार शावकों के साथ नजर आ रही है, जिससे पर्यटक काफी उत्साहित हैं. गर्मी बढ़ने के कारण बाघ पानी के स्रोतों के पास दिखाई दे रहे हैं. सुबह की सफारी में साइटिंग की संभावना ज्यादा रहती है. यही वजह है कि दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों से पर्यटक सरिस्का पहुंच रहे हैं.

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अलवर: राजस्थान के अलवर जिला स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व में इन दिनों बाघ और बाघिन की जबरदस्त साइटिंग देखने को मिल रही है. ऐसे में जो भी पर्यटक सरिस्का टाइगर रिजर्व आना चाहते हैं तो जंगल सफारी करने का सुबह का समय बेहतर होता है. जंगल में अहले सुबह टाइगर पानी की होद पर प्यास बुझाने के लिए आते हैं जो नजारा काफी देखने लायक होता है. इसलिए पर्यटकों की पहली पसंद अलवर का सरिस्का टाइगर रिजर्व बन रहा है. दिल्ली एनसीआर सहित विभिन्न राज्यों से पर्यटक सरिस्का पहुंच रहे हैं.

अलवर स्थित सरिस्का बाघ परियोजना के बफर रेंज में इन दिनों ST-19 और उसके चार शावकों की अच्छी साइटिंग हो रही है. जिससे आने वाले पर्यटक काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं. अलवर जिले में अभी मार्च के महीने में तेज गर्मी पड़ रही है. ऐसे में सरिस्का के बफर क्षेत्र में पानी की समुचित व्यवस्था सरिस्का टाइगर रिज़र्व प्रशासन द्वारा की गई है. जहां पर लगातार टाइगर पानी की होद में अपनी प्यास बुझाते, नहाते और उसके पास ही आराम फरमाते दिख रहे हैं. टाइग्रेस एसटी- 19 और उसके 4 शावक देखे गए, जिसका वीडियो भी सामने आया. पर्यटकों को इन दिनों बाघों की अच्छी साइटिंग हो रही है.

सरिस्का में बाघों की संख्या 50 पार

सरिस्का टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि सरिस्का में वर्ष 2008 में बाघों के पुनर्स्थापन के बाद आज संख्या शावकों सहित 50 के पार हो गई है. राज्य सरकार के प्रयासों से ये टाइगर रिजर्व एनसीआर क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है. ऐसे में लगातार सरिस्का टाइगर रिजर्व में हो रही साइटिंग पर्यटन को बढ़ावा दे रही है. राज्य सरकार के प्रयासों से अब अलवर का टाइगर रिजर्व एनसीआर क्षेत्र में तेजी से बढ़े हैं. सरिस्का 2004 में बाघ विहीन हो गया था.

बफर जोन 11 बाघ-बाघिन और शावक हैं

सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन में अलवर शहर के आस-पास के जंगल में कुल 11 टाइगर, टाइग्रेस और शावक हैं. वहीं बफर जोन में ST-2302 अपने दो शावकों के साथ नजर आती है. ST-18 और ST-19 भी अपने शावकों के साथ जंगल में नजर आती है. टाइग्रेस ST-19 बारा लिवारी के आस-पास, टाइग्रेस-2302 बाला किला व अंधेरी के आस-पास, टाइग्ररस ST- 18 लिवारी सहित दूर तक जंगल में घूमता है. वहीं टाइग्रेस ST-2403 व 2404 की चूहड़सिद्ध लवकुश वाटिका की तरफ है.

About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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Alwar,Alwar,Rajasthan

First Published :

April 23, 2026, 09:50 IST

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