बीकानेर में टीबी जांच के लिए पैथोडिटेक्ट मशीन

Last Updated:April 24, 2026, 05:47 IST
PathoDetect Machine for TB in Bikaner: बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में टीबी जांच के लिए अत्याधुनिक ‘पैथोडिटेक्ट’ मशीन स्थापित की गई है. यह मशीन विशेष रूप से ड्रग रेसिस्टेंट टीबी के मरीजों की पहचान करने में सक्षम है, जिससे रिफैम्पिसिन जैसी दवाओं के प्रति प्रतिरोध का तुरंत पता चल सकेगा. जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सी.एस. मोदी और विभागाध्यक्ष डॉ. तरुणा स्वामी के अनुसार, इस तकनीक से टीबी के इलाज की सफलता दर बढ़ेगी और मरीजों को समय पर सही उपचार मिल सकेगा. भारत सरकार के 2025 तक टीबी मुक्त देश बनाने के अभियान में बीकानेर की यह पहल एक मील का पत्थर साबित होगी. इससे न केवल बीकानेर बल्कि पूरे संभाग के मरीजों को त्वरित और सटीक चिकित्सा लाभ मिलेगा.
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बीकानेर में टीबी जांच के लिए पैथोडिटेक्ट मशीन
बीकानेर. राजस्थान के बीकानेर जिले ने क्षय रोग (टीबी) के उन्मूलन की दिशा में एक और बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है. शहर के प्रतिष्ठित सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक ‘पैथोडिटेक्ट’ (PathoDetect) मशीन की स्थापना की गई है. राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत उठाए गए इस कदम से अब टीबी के मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इस नई तकनीक के आने से न केवल जांच की गति बढ़ेगी, बल्कि रिपोर्ट की सटीकता भी विश्व स्तरीय होगी.
मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग स्थित टीबी, सी एंड डीएसटी लैब में इस अत्याधुनिक मशीन का सफलतापूर्वक डेमो आयोजित किया गया. इस दौरान तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि यह मशीन खासतौर पर उन मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी जो ‘ड्रग रेसिस्टेंट टीबी’ से जूझ रहे हैं. पहले पारंपरिक तरीकों से यह पता लगाना कठिन और समय लेने वाला होता था कि मरीज पर कौन सी दवा असर कर रही है और कौन सी नहीं, लेकिन अब यह मशीन इस गुत्थी को तुरंत सुलझा देगी.
दवाओं के प्रति प्रतिरोध की तुरंत पहचानजिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सी.एस. मोदी ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि ‘पैथोडिटेक्ट’ मशीन के जरिए अब रिफैम्पिसिन और आइसोनियाजिड जैसी टीबी की सबसे महत्वपूर्ण दवाओं के प्रति बैक्टीरिया की प्रतिरोधक क्षमता (रेसिस्टेंस) का पता बहुत कम समय में लगाया जा सकेगा. यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि डॉक्टर को समय पर पता चल जाए कि मरीज पर अमुक दवा असर नहीं कर रही है, तो वह तुरंत इलाज की योजना बदल सकते हैं. इससे मरीजों के ठीक होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है और इलाज की जटिलता कम होती है.
विशेषज्ञों का विजन: बीकानेर बनेगा मॉडलमाइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. तरुणा स्वामी ने जानकारी दी कि यह मशीन जांच की सटीकता को नए शिखर पर ले जाएगी. इससे मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने और बार-बार सैंपल देने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत होगी. यह सुविधा बीकानेर के साथ-साथ आसपास के सीमावर्ती जिलों के मरीजों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. इस अवसर पर डॉ. भागीरथ बिश्नोई और डॉ. प्रवीण प्रजापत सहित पूरी लैब टीम मौजूद रही, जिन्होंने इसे 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की ओर एक मजबूत प्रहार बताया.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Location :
Bikaner,Bikaner,Rajasthan
First Published :
April 24, 2026, 05:47 IST



