सावधान! रेलवे में शुरू हुआ AI का काला खेल, पकड़ी जा रही हैं फेक टिकटें, बस एक गलती पहुंचा सकती है जेल

Last Updated:April 28, 2026, 08:56 IST
Railway AI Fake Ticket Scam: भारतीय रेलवे (NWR) के लिए AI तकनीक एक बड़ी चुनौती बन गई है. उत्तर-पश्चिम रेलवे के जयपुर और जोधपुर में AI से बनी फर्जी टिकटों के मामले सामने आने के बाद विभाग अलर्ट पर है. इस धोखाधड़ी को रोकने के लिए NWR हेडक्वार्टर में एक विशेष AI सेल का गठन किया गया है. अब TTE को इन हाई-टेक फर्जी टिकटों को पहचानने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है. IT सेक्टर की मदद से नए सॉफ्टवेयर विकसित किए गए हैं और TTE की हैंडहेल्ड टर्मिनल मशीनों को अपडेट किया जा रहा है.
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सावधान! रेलवे में शुरू हुआ AI का काला खेल, पकड़ी जा रही हैं फेक टिकटें
जयपुर: टेक्नॉलोजी एक तरफ वरदान और इसका दूसरा पहलू परेशानी से कम नहीं. इसका ज्वलंत उदाहरण उत्तर पश्चिम रेलवे है. AI की तकनीक जहां पूरी दुनिया में ज़िंदगी को आसान बना रही है वहीं AI तकनीक रेलवे के लिए सिरदर्द बन रही है. चालाक यात्री AI तकनीक की मदद से फेक टिकटें बना रहे है और रेलों में धड़ल्ले से सफर कर रहे है.
तीन महीने पहले जयपुर में एक TTE को एक रेलयात्री कि टिकट पर शक हुआ और जांच की तो पता चला कि ये फेक टिकट है और AI की मदद से इस यात्री ने टिकट को तैयार किया था. जयपुर का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि जोधपुर में एक यात्री AI से बनी टिकट पर सफर करता हुआ पकड़ा गया. दोनों घटनाओं में एक समानता थी और वो थी AI तकनीक. ये तो केवल वो यात्री है जो पकड़े गए और ऐसे ना जाने कितने यात्री हैं, जो AI की फेक टिकटों पर सफर कर रहे है और TTE की आंखों में धूल झोंक रहे है.
रेलवे ज़ोन में AI सेल बनाया गयाNWR ने इस सिरदर्द से निपटने के लिए NWR हेडक्वार्टर में AI सेल बनाया है। इस AI सेल में आईटी सेक्टर की मदद से ऐसे सॉफ्टवेयर बनाए जा रहे है जो फेक टिकटों की पहचान कर सके। ये सॉफ्टवेयर TTE के हेंडहेल्ड मशीन में अपडेट किए जा रहे है. साथ ही TTE को भी समय समय पर NWR हेडक्वार्टर में बुलाकर ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि रेलवे को चूना लगने से बचाया जा सके. ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी रेलवे ज़ोन में AI सेल बनाया गया है।
फेक टिकट यात्रियों का सैलाबरेलवे डाल डाल तो AI हेकर पात पात. रेलवे फिलहाल इस गुत्थी को सुलझाने की कोशिश कर रहा है और दूसरी तरफ AI तकनीक के महारथी रेलवे से दो कदम आगे चल रहे है. ये तकनीक की लड़ाई है और समय रहते रेलवे ने इस तकनीक में महारत हासिल नहीं की तो आने वाले दिनों में फेक टिकट यात्रियों का सैलाब आ सकता है.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
April 28, 2026, 08:56 IST



