‘अशोक गहलोत आज भी सचिन पायलट को बच्चा समझते हैं’, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व सीएम को घेरा, बात-बात में ले ली चुटकी!

Last Updated:April 28, 2026, 16:50 IST
Ashok Gehlot And Sachin Pilot: जयपुर में अशोक गहलोत के सचिन पायलट पर टांगों वाले बयान से सियासत गरम, बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ और राधा मोहन दास अग्रवाल के तंज से कांग्रेस पर दबाव बढ़ा. मामला उस वक्त और गरम हुआ जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सचिन पायलट की दोनों टांगें कांग्रेस में हैं. इस बयान को लेकर अब नए-नए मतलब निकाले जा रहे हैं.
जयपुर. जयपुर की सियासत इन दिनों फिर गरम है और वजह वही पुराने चेहरे, वही पुराने तंज और नए बयान. एक बयान आया, फिर जवाब आया और देखते ही देखते बात बढ़ती चली गई. अब हाल ये है कि बयान से ज्यादा उस बयान के मतलब निकाले जा रहे हैं. आम लोगों के बीच भी चर्चा है कि आखिर ये खींचतान कब तक चलेगी और किस दिशा में जाएगी.
पूरा मामला एक लाइन से शुरू हुआ लेकिन अब कई सवाल खड़े कर रहा है. एक तरफ बयान में मजाक दिखता है, दूसरी तरफ उसी में तंज भी छुपा नजर आता है. इसी को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों तरफ से लगातार बयानबाजी जारी है. हर कोई अपनी-अपनी तरह से इसको समझा रहा है और सामने वाले पर निशाना भी साध रहा है.
बयान से बढ़ा सियासी तापमान, जवाब पर फिर पलटवारमामला उस वक्त और गरम हुआ जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सचिन पायलट की दोनों टांगें कांग्रेस में हैं. इस बयान को लेकर अब नए-नए मतलब निकाले जा रहे हैं. इसी पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पलटवार किया. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर दोनों टांगें ही कांग्रेस में हैं, तो क्या पूरा सचिन पायलट गहलोत के साथ नहीं है. ये बात समझ से बाहर है.
राठौड़ ने ये भी कहा कि गहलोत आज भी पायलट को बच्चा समझते हैं. उनका कहना था कि इस तरह के बयान दिखाते हैं कि अंदर कुछ ना कुछ अभी भी चल रहा है. वहीं बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल के पुराने बयान को भी इस बहस में जोड़ा जा रहा है, जिसमें उन्होंने पायलट को बहरूपिया कहा था और कहा था कि उनकी एक टांग यहां है और एक कहीं और.
पुराने विवाद फिर आए सामने, बयान से निकली नई बहसइस पूरे घटनाक्रम में पुराने मुद्दे भी फिर से चर्चा में आ गए हैं. पायलट और गहलोत के बीच पहले भी कई बार टकराव देखने को मिला है. अब एक बार फिर उसी तरह की लाइनें खिंचती नजर आ रही हैं. बीजेपी इसे मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर निशाना साध रही है, वहीं कांग्रेस इसे अंदरूनी मामला बताकर हल्का दिखाने की कोशिश कर रही है.
मदन राठौड़ ने ये भी कहा कि पायलट को नकारा निकम्मा कहे जाने की बात उन्हें हमेशा चुभेगी. यानी पुराने बयान भी अभी तक खत्म नहीं हुए हैं, बस मौका मिलते ही फिर सामने आ जाते हैं. उधर कांग्रेस की तरफ से सीधे जवाब कम दिख रहे हैं, लेकिन सियासत में हलचल साफ महसूस हो रही है.
कुल मिलाकर देखा जाए तो एक लाइन का बयान अब पूरी बहस बन चुका है. अब ये देखना होगा कि ये सियासी खींचतान यहीं रुकती है या आगे और तेज होती है. फिलहाल बयान जारी हैं और सियासत भी उसी रफ्तार से चल रही है.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
April 28, 2026, 16:50 IST



