अलवर में नवजातों के लिए बड़ा हेल्थ मिशन, ICU जैसी सुविधा और मिल्क बैंक से बदलेंगे हालात

Last Updated:May 13, 2026, 19:22 IST
Alwar News: तिजारा उप जिला अस्पताल में एसएनसीयू और मदर मिल्क बैंक तैयार, अब प्रीमैच्योर और कमजोर नवजातों का इलाज और पोषण स्थानीय स्तर पर, रेफरल और शिशु मृत्यु दर घटने की उम्मीद. अस्पताल में शुरू होने वाले मदर मिल्क बैंक के लिए चिकित्सा विभाग की ओर से विशेष मशीनें लगाई जाएंगी.
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अलवर. खैरथल-तिजारा जिले के तिजारा स्थित उप जिला अस्पताल में अब नवजात शिशुओं के इलाज के लिए बड़ी राहत मिलने जा रही है. अस्पताल परिसर में करीब 60.50 लाख रुपये की लागत से नवजात शिशु देखभाल इकाई यानी एसएनसीयू और मदर मिल्क बैंक का निर्माण कराया गया है, जिसका काम लगभग पूरा हो चुका है. इन दोनों सुविधाओं के शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों को गंभीर और समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों के इलाज के लिए जयपुर या दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा. अस्पताल में अत्याधुनिक मशीनें और जरूरी उपकरण भी लगाए जाएंगे.
खैरथल-तिजारा के जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट ने बताया कि जिले में सबसे ज्यादा डिलीवरी तिजारा ब्लॉक में होती हैं. इसी को देखते हुए यहां एसएनसीयू और मिल्क बैंक की शुरुआत की जा रही है. यह जिले की पहली ऐसी इकाई होगी. इसके बाद भिवाड़ी में भी एसएनसीयू यूनिट शुरू करने की योजना है.
अब नहीं करना पड़ेगा रेफरडॉ. अरविंद गेट ने बताया कि पहले नवजात बच्चों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें तुरंत अलवर या जयपुर रेफर करना पड़ता था. इससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती थी. लेकिन अब तिजारा अस्पताल में ही बच्चों को जरूरी इलाज और विशेष देखभाल मिल सकेगी.
एसएनसीयू यूनिट में मशीनों की मदद से नवजात शिशुओं को ऐसा कृत्रिम वातावरण दिया जाएगा, जो उनके शारीरिक विकास और जीवन रक्षा के लिए बेहद जरूरी होता है. खासतौर पर प्री-मैच्योर और कमजोर बच्चों को इसका सीधा फायदा मिलेगा. इससे इलाज स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा और परिवारों को राहत मिलेगी.
मदर मिल्क बैंक बनेगा सहाराअस्पताल में शुरू होने वाले मदर मिल्क बैंक के लिए चिकित्सा विभाग की ओर से विशेष मशीनें लगाई जाएंगी. साथ ही स्टाफ को इसके संचालन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. सीएमएचओ ने बताया कि स्वस्थ माताएं स्वेच्छा से अपना अतिरिक्त दूध दान कर सकेंगी.
यह दूध उन नवजात बच्चों को दिया जाएगा, जिनकी माताओं में पर्याप्त दूध नहीं बन पाता. डॉक्टर की सलाह पर जरूरतमंद बच्चों को यह दूध निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा. यह सुविधा खासकर कम वजन और समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है.
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि मिल्क बैंक शुरू होने से शिशु मृत्यु दर और कुपोषण जैसी समस्याओं में कमी आएगी. साथ ही नवजात बच्चों को बेहतर पोषण और सुरक्षित जीवन देने में भी मदद मिलेगी.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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Alwar,Alwar,Rajasthan



