भिवाड़ी में बिना केस उठाया गया दलित बच्चा, थाने में बेरहमी से पिटाई का दावा! SIT जांच की मांग

Last Updated:April 28, 2026, 17:56 IST
Dalit Boy Tortured By Police In Rajasthan: अलवर के खैरथल तिजारा में दलित नाबालिग पर कथित पुलिस टॉर्चर से दोनों पैर टूटे, बच्चा जयपुर निम्स में वेंटिलेटर पर, नेता पहुंचे, SHO पर कार्रवाई और SIT जांच की मांग. इस पूरे मामले में परिवार लगातार यही कह रहा है कि उनके बच्चे का किसी तरह का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. ना कोई केस दर्ज, ना कोई पुराना विवाद.
अलवर. खैरथल-तिजारा जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में बेचैनी बढ़ा दी है. मामला भिवाड़ी के यूआईटी थाने से जुड़ा है और आरोप इतने गंभीर हैं कि अब सियासत भी इसमें कूद चुकी है. एक नाबालिग दलित बालक के साथ कथित तौर पर पुलिस बर्बरता और थर्ड डिग्री टॉर्चर का मामला बताया जा रहा है. परिवार का कहना है कि बच्चा किसी भी केस में आरोपी नहीं था, फिर भी उसे घर से उठाकर थाने ले जाया गया.
परिजनों के मुताबिक, पुलिस ने नाबालिग को बिना किसी मुकदमे या पुराने मामले के जबरन उठाया और थाने में बुरी तरह पीटा. हालत ऐसी हो गई कि बच्चे के दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया, शरीर के कई हिस्सों में सूजन आ गई. हालत बिगड़ने पर उसे जयपुर के निम्स अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां वह वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है. परिवार सदमे में है और इंसाफ की मांग कर रहा है.
परिजनों के आरोप, थाने में बेरहमी से पिटाई का दावाइस पूरे मामले में परिवार लगातार यही कह रहा है कि उनके बच्चे का किसी तरह का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. ना कोई केस दर्ज, ना कोई पुराना विवाद. इसके बावजूद पुलिस ने उसे घर से उठाया और फिर थाने में कथित तौर पर बेरहमी से पीटा. परिवार का कहना है कि बच्चे की हालत देखकर साफ समझ आता है कि उसके साथ क्या हुआ होगा.
इधर अस्पताल में भी हालात को लेकर सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि थाने का SHO वहीं मौजूद है और बच्चे की पहरेदारी कर रहा है. परिजनों को ठीक से मिलने नहीं दिया जा रहा. इतना ही नहीं, अभी तक मेडिकल से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया जैसे MLC तक तैयार नहीं हुई है और कागजात भी साफ नहीं हैं. इसे लेकर परिवार और स्थानीय लोग नाराज हैं.
नेताओं का दौरा, जांच और कार्रवाई की मांग तेजमामला सामने आने के बाद कई बड़े नेता भी भिवाड़ी पहुंचे. Bhanwar Jitendra Singh, Tika Ram Jully और Sanjana Jatav ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की. सभी ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
टीकाराम जूली ने अस्पताल जाकर बच्चे की हालत देखी और कहा कि वह वेंटिलेटर पर है, शरीर में सूजन है और दोनों पैरों में फ्रैक्चर है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा मामला दबाने की कोशिश हो रही है. जूली ने मांग की है कि SHO सहित सभी दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए. साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए SIT बनाई जाए और रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की कमेटी से जांच कराई जाए.
कुल मिलाकर मामला अब सिर्फ एक थाने तक सीमित नहीं रहा. सवाल पुलिस की कार्रवाई पर भी है और सिस्टम पर भी. अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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Location :
Alwar,Alwar,Rajasthan
First Published :
April 28, 2026, 17:56 IST



