भरतपुर के बयाना जेल में कैदियों की भूख हड़ताल तेज! तबीयत बिगड़ी, 9 कैदी अस्पताल रेफर, मांगें अब भी अधूरी

Last Updated:April 28, 2026, 18:20 IST
Hunger Strike Of 14 Prisoners : भरतपुर के बयाना उपकारागृह में 14 कैदियों की भूख हड़ताल ने हालात गंभीर कर दिए हैं. हड़ताल के चलते सभी कैदियों की तबीयत बिगड़ गई, जिनमें से 9 को जिला अस्पताल रेफर किया गया है. कैदी जेल में सुविधाओं की कमी का आरोप लगाते हुए सेंट्रल जेल में शिफ्ट करने की मांग पर अड़े हुए हैं.
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बयाना जेल में कैदियों की भूख हड़ताल से 9 की तबीयत बिगड़ी
भरतपुर : भरतपुर जिले के बयाना उपकारागृह में कैदियों की भूख हड़ताल ने प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है. जानकारी के अनुसार, कुल 14 कैदी जेल में सुविधाओं की कमी को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. हड़ताल का असर अब उनके स्वास्थ्य पर साफ नजर आने लगा है. सभी कैदियों की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद प्रशासन को तत्काल चिकित्सा व्यवस्था करनी पड़ी.
स्वास्थ्य बिगड़ने के चलते 14 में से 9 कैदियों को जिला अस्पताल के जेल वार्ड में रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. वहीं, शेष 5 कैदियों का इलाज जेल परिसर के अंदर ही मेडिकल टीम द्वारा किया जा रहा है. स्थिति को देखते हुए पीएमओ डॉ. जोगेंद्र गुर्जर के निर्देशन में दो मेडिकल टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार कैदियों की निगरानी कर रही हैं.
बयाना जेल में सुविधाओं को लेकर कैदी अड़ेकैदियों का आरोप है कि बयाना जेल में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है. उनका कहना है कि उन्हें पर्याप्त भोजन, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. इसी वजह से वे सेंट्रल जेल में शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं. कैदी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और प्रशासन की समझाइश के बावजूद हड़ताल समाप्त करने को तैयार नहीं हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं.
समझाइश नाकाम, कैदी मांगों पर डटेएसडीएम और एडिशनल एसपी ने जेल पहुंचकर कैदियों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया. अधिकारियों ने कैदियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद कैदी अपनी मांगों पर कायम हैं. इधर, कैदियों की बिगड़ती हालत की खबर मिलते ही उनके परिजन भी जेल के बाहर पहुंचने लगे हैं. परिजनों ने प्रशासन से कैदियों से मुलाकात कराने की मांग की है.
जेल के बाहर तनाव, परिजन मिलने को अड़ेजेल के बाहर भी माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है, हालांकि पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित रखा गया है. फिलहाल प्रशासन और चिकित्सा टीम दोनों मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. कैदियों की मांगों और स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में इस मामले में कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है. यह मामला अब सिर्फ जेल प्रशासन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक गंभीर मानवीय और प्रशासनिक मुद्दा बन गया है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal
A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें
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Location :
Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan
First Published :
April 28, 2026, 18:17 IST



