Singapore History : दुनिया के सामने फूट-फूट कर रोया था इस देश का प्रधानमंत्री, गरीबी में डूबी थी 70 परसेंट जनता, आज हर जगह से टपकती है लग्जरी

Last Updated:May 01, 2026, 16:51 IST
जब मलेशिया ने सिंगापुर को धोखा दिया था, तब वहां के प्रधानमंत्री ली कुआन यू अपनी बेबसी पर पूरी दुनिया के सामने कैमरे पर फूट-फूटकर रोने लगे थे. उस वक्त सिंगापुर के पास गरीबी और लाचारी के अलावा कुछ नहीं था. उस वक्त ली कुआन यू कुछ ऐसी तरकीब लगाई, जिसकी वजह से आज ये देश दुनिया के सबसे अमीर मुल्कों में की लिस्ट में शामिल हो चुका है.
सिंगापुर का इतिहास
एक देश का प्रधानमंत्री पूरी दुनिया के सामने कैमरे पर फूट-फूट कर रोता है, वो टीवी के सामने इमोशनल होकर ‘अपनों’ से मिले धोखे की कहानी सुनाता है. ये एक ऐसे लीडर का दर्द था जिसे देश का भविष्य अंधकार में दिख रहा था. दुनिया ने ये तमाशा टीवी पर 1965 में तब देखा था जब मलेशिया ने सिंगापुर को दूध में से मक्खी की तरह बाहर निकाल फेंका था. उस वक्त सिंगापुर के पास न पीने का पानी था, न कोई खनिज और न ही कमाई का कोई सहारा. आगे जानें जिस देश की 70 परसेंट जनता गरीबी में डूबी थी, वहां पर आखिर ऐसा क्या चमत्कार हो गया कि हर कोने से लग्जरी टपकने लगी.
क्यों रोए थे सिंगापुर के प्रधानमंत्री?
1965 में जब सिंगापुर को मलेशिया से अलग किया गया तो वहां के हालात ऐसे थे, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप गई थी. 9 अगस्त 1965 को मलेशिया ने आधिकारिक तौर पर सिंगापुर को अपने संघ से अलग कर दिया था.उस समय सिंगापुर की 70% जनता भयंकर गरीबी में डूबी हुई थी. आलम ये था कि हर दूसरा आदमी अनपढ़ था. जब सिंगापुर के फाउंडिंग प्राइम मिनिस्टर ली कुआन यू टीवी पर आए तो देश की बेबसी पर उनके आंसू छलक पड़े. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि बिना किसी नेचुरल रिसोर्स के वो अपने लोगों का पेट कैसे पालेंगे.
सिंगापुर समंदर को बनाया हथियार
इस वाकये के बाद ली कुआन यू ही वो शख्स बने जिन्होंने सिंगापुर की सूरत बदल दी. उन्होंने देखा कि भले ही उनके पास जमीन पर कुछ न हो लेकिन उनके चारों तरफ समंदर है. उन्होंने ठान लिया कि सिंगापुर को दुनिया का सबसे बड़ा ‘पोर्ट’ बनाएंगे. उन्होंने चीन से लेकर पश्चिमी देशों तक जाने वाले हर जहाज को सिंगापुर आने का न्योता दिया. इतना ही नहीं, उन्होंने शेल जैसी बड़ी कंपनियों को हाथ जोड़कर मनाया कि वो यहां आकर ऑयल रिफाइनरी शुरू करें.
25 हजार घर और हजारों नौकरियां: एक मास्टरस्ट्रोक
देश को गरीबी के दलदल से निकालने के लिए ली कुआन यू ने एक बड़ा जुआ खेला. उन्होंने एक साथ 25,000 घर बनाने का प्रोजेक्ट शुरू कर दिया. इस एक फैसले ने सिंगापुर की पूरी तस्वीर बदलकर रख दी. इस प्रोजेक्ट से दो बड़े फायदे हुए-
पहला, हजारों बेरोजगार युवाओं को काम मिल गया.
दूसरा, सड़कों पर रहने वाले गरीबों को अपने सिर पर पक्की छत मिल गई.
सिंगापुर ने दुनिया के बिजनेस टायकून्स को सिर्फ कम टैक्स का लालच नहीं दिया, बल्कि कानून को इतना सख्त और तेज बनाया कि आज भी वहां 95% कानूनी केस सिर्फ 6 महीने में सुलझा लिए जाते हैं. इसी राजनैतिक स्थिरता और गजब कानूनी की रफ्तार की वजह से दुनिया की हर बड़ी कंपनी ने सिंगापुर में अपना डेरा जमा लिया.
आज का सिंगापुर: मलेशिया से कोसों आगे
आज आंकड़े देखेंगे तो दंग रह जाएंगे. जो देश कभी दाने-दाने को मोहताज था, आज वहां की सड़कों और इमारतों से लग्जरी टपकती है. ये छोटा सा मुल्क दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक माना जाता है. आज यहां पर लगभर हर नागरिक के पास अपना आलीशान बंगला है. अगर कमाई के मामले में दोनों देशों की तुलना करें, तो फर्क साफ नजर आता है. जहां आज धोखा देने वाले मलेशिया की प्रति व्यक्ति जीडीपी महज $13,000 के आसपास ही सिमट कर रह गई है, वहीं सिंगापुर $90,000 का आंकड़ा पार कर चुका है.
About the AuthorUtkarsha Srivastava
Utkarsha Srivastava is seasoned digital journalist specializing in geo-politics issues, currently writing for World section of Hindi. With over a decade of extensive experience in hindi digital media, sh…और पढ़ें
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