ड्यूटी पर निकला था कांस्टेबल, जंगल में मिला शव! परिजनों ने किया हंगामा, 24 घंटे में गिरफ्तारी की मांग

Last Updated:May 03, 2026, 13:14 IST
Tonk Constable Death Case: टोंक जिले में एक कांस्टेबल का शव मिलने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है. ककोड़ चौकी में तैनात कांस्टेबल ड्यूटी के दौरान गश्त पर निकला था, लेकिन बाद में उसका शव जंगल में मिला. घटना के बाद सआदत अस्पताल में परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव के साथ प्रदर्शन किया और पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया. परिजनों का आरोप है कि कांस्टेबल की हत्या कहीं और की गई और शव को जंगल में फेंका गया. उन्होंने 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी और 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है. अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
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Tonk Constable Death Case
टोंक: टोंक में एक कांस्टेबल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है. ककोड़ चौकी में तैनात कांस्टेबल ड्यूटी के दौरान गश्त पर निकला था, लेकिन बाद में उसका शव जंगल में मिला. इस घटना ने पुलिस महकमे और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है.
कांस्टेबल का शव जब सआदत अस्पताल लाया गया तो परिजनों और ग्रामीणों ने वहां जमकर प्रदर्शन किया. परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया और अस्पताल परिसर में धरना देकर न्याय की मांग करने लगे. बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में एकत्र हो गए, जिससे स्थिति काफी तनावपूर्ण बन गई.
कांस्टेबल की हत्या कहीं और की गईपरिजनों का आरोप है कि कांस्टेबल की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को जंगल में फेंक दिया गया. उनका कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा है. परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं.
24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, भारी पुलिस बल तैनातप्रदर्शन कर रहे परिजनों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं. उन्होंने 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है. साथ ही मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की जा रही है. जब तक इन मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हैं. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन के अधिकारी लगातार परिजनों से बातचीत कर मामले को शांत कराने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, लोगों में आक्रोश अभी भी बना हुआ है और माहौल संवेदनशील बना हुआ है.
पुलिस कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंताटोंक की यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि पुलिस कर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा करती है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन कितनी तेजी से जांच पूरी कर दोषियों को पकड़ता है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाता है.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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