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देखिए जयपुर का पहला सिनेमाघर! 1878 में महाराजा ने बनवाया थिएटर, 1944 से शुरू हुआ फिल्मों का सुनहरा सफर

Last Updated:May 07, 2026, 12:01 IST

Jaipur First Cinema Hall: जयपुर का ऐतिहासिक रामप्रकाश सिनेमाघर शहर की सांस्कृतिक विरासत का अनमोल हिस्सा माना जाता है. इसकी शुरुआत वर्ष 1878 में हुई थी, जब महाराजा सवाई रामसिंह द्वितीय ने इसे एक थिएटर के रूप में बनवाया था. उस समय यहां नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाती थीं. बाद में 1944 से इस भवन ने सिनेमाघर का रूप लिया और यहां फिल्मों का प्रदर्शन शुरू हुआ. यही वजह है कि इसे जयपुर का पहला सिनेमाघर माना जाता है. राजसी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण यह स्थान आज भी लोगों को आकर्षित करता है. पुराने दौर की कला और मनोरंजन संस्कृति की झलक यहां साफ दिखाई देती है.

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जयपुर: जयपुर कलां संस्कृति, रंग मंच और सिनेमा से जुड़ा शहर है, जहां लोग नाटक-फिल्मों को खूब पंसद करते हैं आज भी जयपुर में कई सिंगल स्क्रीन थिएटर और सिनेमाघर हैं, जहां लोगों की जमकर भीड़ उमड़ती हैं लेकिन अगर बात करें जयपुर के सबसे पहले और सबसे पुराने सिनेमाघर की तो हवामहल सिरहड्योढ़ी बाजार में स्थित जयपुर ही बल्कि राजस्थान का पहला थिएटर और सिनेमाघर रामप्रकाश सिनेमा घर हैं. जिसे जयपुर के महाराजा सवाई रामसिंह द्वितीय ने 1878 में बनवाया था. सवाई रामसिंह द्वितीय संगीत, नृत्य और नाटक में काफी दिलचस्पी रखते थे. उन्होंने कोलकाता, दिल्ली और शिमला में कई नाटक देखने के बाद जयपुर में राजस्थान का पहला रामप्रकाश थियेटर बनवाया. उस जमाने में यह थियेटर हिंदीभाषी प्रदेश का पहला नाटक भवन था जहां नाटक मंडलियां और रंग मंच से जुड़े कलाकारों के रोजगार का मंच भी था, लेकिन आज यह थियेटर और सिनेमाघर बंद होने के बावजूद भी अपने वर्षों पुराने सिनेमाई विरासत के साथ खड़ा हैं.

आज भी जयपुर में जब बुजुर्ग इस सिनेमाघर के आगे से गुजरते हैं तो उनके समय की यादें ताजा हो जाती हैं. आज यह सिनेमाघर पूरी तरह खंडहर हो चुका हैं. सिनेमाघर में चारों तरफ से जर्जर हालत में खड़ा हैं जो उस समय करोड़ों की लागत से बना था. लोकल-18 ने हवामहल बाजार में रामप्रकाश सिनेमाघर पहुंच कर यहां आसपास के स्थानीय लोगों से इस सिनेमाघर के बारे में बात की तो उस्मान खा चौहान बताते हैं कि चारदीवारी बाजार में स्थित रामप्रकाश सिनेमाघर उस जमाने में जयपुर की शान हुआ करता था, जहां लोग बड़े चाव से फिल्मे देखने आया करते थे. उस जमाने में फिल्मों की टिकट 1 रूपए से भी कम हुआ करती थी, जिसके चलते जयपुर में लोग यहां दूर-दूर से सिनेमा देखने के लिए आते थे. रामप्रकाश सिनेमाघर का इतना क्रेज था की परिवारों में जयपुर घूमने आने वाले लोगों को यहां लोग फिल्मे दिखाने लाया करते थे, लेकिन आज यह सिनेमाघर वर्षों से बंद पड़ा हैं.

रामप्रकाश सिनेमाघर में नाटकों के रंग मंच से फिल्मों का सफर लोकल-18 से बात करते हुए स्थानीय लोग बताते हैं की शुरुआत दौर में रामप्रकाश थियेटर अपने गुणीजन खाने की गायिकाओं, नर्तकियों के लिए अभिनय के प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र हुआ करता था. उस्मान खा चौहान बताते हैं कि इंद्रसभा, जहांगीर बादशाह और बद्रे मुनीर, बेनजीर का बेनजीर, अलाउद्दीन, अजीब व गरीब चिराग, हवाई मजलिस, लैला मजनू जैसे नाटकों के मंचन खूब फेमस हुए. वर्षों बाद जयर पुरियासत के प्रधानमंत्री सर मिर्जा इस्माइल ने रामप्रकाश थियेटर को 1944 में सिनेमाघरों के रूप में शुरू करवाया और यहां से थियेटर रंग मंच के बाद पर्दे पर फिल्मों का सफर शुरू हुआ जहां फिल्मे देखने के लिए लोग लम्बी लाइन लगाए खड़े रहते थे फिल्मों की टिकटे ब्लैक हुआ करती हैं, क्योंकि पूरे जयपुर में यह एकमात्र सिनेमाघर था.

उस्मान खा बताते हैं कि आज जब लोग इस सिनेमाघर को देखते हैं तो कहते हैं ये था रामप्रकाश सिनेमाघर जहां आज सिनेमाघर आसपास अतिक्रमण की बाढ़ सी आ गई हैं. उस जमाने में यह सिनेमाघर की गिनती भारत के सबसे बेहतरीन सिनेमाघर हुआ करता थी, जहां पर्दे से लेकर संगीत की क्वालिटी और जबरदस्त मशीनी उपकरण के चलते यह क्लासिक सिनेमाघर हुआ करता था. जब फिल्मों के लिए सिनेमा का पर्दा उठता था तो दर्शक देखकर दंग रह जाते थे.

कर विवाद की वजह से बंद हुआ था रामप्रकाश सिनेमाघर रामप्रकाश सिनेमाघर को लेकर स्थानीय लोग अलग-अलग कहानियां बताते हैं लेकिन इसके बंद होने और आज अपने अस्तित्व की पहचान खोने का मुख्य कारण कर विवाद विवाद रहा. रंग मंच थियेटर से सिनेमाघर बनने के बाद रामप्रकाश सिनेमाघर को अलग-अलग व्यक्तियों को इसे लीज पर दिया गया लेकिन आखिरकार हसन चांद एंड कंपनी की लीज के साथ इसका सफर खत्म हुआ. जानकारों के मुताबिक टैक्स व यूडी टैक्स के 24 लाख रुपए बकाया होने पर 18 फरवरी, 2016 को शहर के इस सबसे पुराने सिनेमा हॉल की कुर्की की गई है और यह सिनेमाघर कर आखिर विवाद की वजह से बंद हुआ. अब यह सिनेमाघर राज्य सरकार की संपत्ति हैं.

ऐसे ही जयपुर में रामप्रकाश सिनेमाघर के बार कई चर्चित सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर शुरू हुए जिसने से कई बंद हो चुके हैं और बदहाल की स्थिति में हैं. सिर्फ राजमंदिर सिनेमाघर की अब जयपुर का सबसे लोकप्रिय सिनेमाघर हैं, जो जयपुर की पहचान बना हुआ हैं.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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