Hariyali Teej: हरियाली तीज पर करौली के मंदिरों में दिखी सावन की छटा, हरे श्रृंगार में सजे हिंडोले में विराजे ठाकुर जी

Last Updated:August 16, 2026, 10:41 IST
हरियाली तीज पर राजस्थान की धार्मिक नगरी करौली में भगवान के हिंडोला दर्शन की अनूठी परंपरा देखने को मिलती है. शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में ठाकुर जी को गर्भगृह से बाहर लाकर आकर्षक हिंडोलों में विराजमान किया जाता है. हरे पत्तों, फूलों और लहरिया पोशाक से सजे भगवान के दर्शन के लिए सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की कतार लगी रहती है.
राजस्थान की धार्मिक नगरी करौली में हरियाली तीज का पर्व सिर्फ महिलाओं के श्रृंगार और झूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिन यहां भगवान के झूला दर्शन की अनूठी परंपरा के लिए भी खास पहचान रखता है. सावन की तीज पर शहर के मंदिरों में ऐसा नजारा देखने को मिलता है, मानो पूरी नगरी ही किसी विशाल धार्मिक मेले में तब्दील हो गई हो.
शहर के सभी कृष्ण मंदिरों में ठाकुर जी को हिंडोले में विराजमान कर झूला झुलाया जाता है और उनके दर्शन के लिए सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की कतार लगी रहती है.करौली की इस परंपरा की खास बात यह है कि तीज के अवसर पर ठाकुर जी साल में दूसरी बार गर्भगृह से बाहर आकर भक्तों को अपने नजदीक से दर्शन देते हैं. इससे पहले फाल्गुन में धुलंडी के अवसर पर भी ठाकुर जी के हिंडोला दर्शन की परंपरा है.
हरियाली तीज के दिन करौली के प्रमुख मंदिरों में मंगला आरती के साथ ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाता है. जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता है, मंदिरों और आसपास के बाजारों में भीड़ बढ़ती जाती है. शाम तक शहर का माहौल पूरी तरह उत्सवी नजर आने लगता है.
Add as Preferred Source on Google
प्राचीन प्रताप नवल बिहारी जी मंदिर के पुजारी मनोज शर्मा के अनुसार, करौली में हिंडोला सजाने की परंपरा काफी पुरानी है. सावन तीज पर जन-जन के आराध्य मदन मोहन जी, राधा गोपाल जी, नवल बिहारी जी और गोविंद देव जी सहित विभिन्न मंदिरों में ठाकुर जी को गर्भगृह से बाहर लाकर हिंडोले में विराजमान किया जाता है. श्रद्धालु झूले में विराजमान ठाकुर जी के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं.
करौली के प्रमुख मंदिरों में सबसे आकर्षक हिंडोला मदन मोहन जी मंदिर में सजाया जाता है. इसके बाद प्रताप नवल बिहारी जी और गोविंद देव जी मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में भी हिंडोले विशेष आकर्षण का केंद्र रहते हैं.इन मंदिरों में ठाकुर जी के झूला दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.
हरियाली तीज होने के कारण भगवान के श्रृंगार में भी सावन और हरियाली की झलक दिखाई देती है. ठाकुर जी को हरे पत्तों, फूलों और लहरिया पोशाक से सजाया जाता है. कई मंदिरों में भगवान को मेहंदी भी लगाई जाती है. इसके साथ ही आकर्षक आभूषण और फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाता है.
भक्तों के लिए यह क्षण बेहद विशेष माना जाता है. मंदिर परिसर में घंटियों की गूंज, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच श्रद्धालु झूले में विराजमान ठाकुर जी के दर्शन करते हैं. इसी कारण तीज के दिन करौली के मंदिरों में धार्मिक उत्साह अपने चरम पर दिखाई देता है.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|First Published :
August 16, 2026, 10:41 IST



