पैसा बनाना है तो यूपी के इन छोटे शहरों में खरीदें प्रॉपर्टी, रेरा ने खुद बताई 10 जगहों की लिस्ट, आएंगे 400 प्रोजेक्ट

Last Updated:May 07, 2026, 18:44 IST
UP Real Estate : यूपी रेरा ने बताया है कि प्रदेश का रियल एस्टेट बाजार अब मेट्रो शहर की तर्ज पर तेज से बढ़ रहा है. प्रदेश के सिर्फ बड़े शहर ही नहीं, छोटे शहरों में भी रियल एस्टेट गतिविधियों में तेजी आई है. साल 2026 में प्रदेश में करीब 400 प्रोजेक्ट का पंजीकरण होने का अनुमान है.
यूपी में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए रेरा ने 10 शहरों के नाम बताए हैं.
नई दिल्ली. यूपी रियल एस्टेट का नया हॉट स्पॉट बनता जा रहा है. नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ जैसे बड़े शहरों की बात छोड़ दें, अब तो छोटे शहरों में भी प्रॉपर्टी की डिमांड लगातार बढ़ रही है. यूपी रेरा ने बताया है कि प्रदेश के 10 छोटे शहरों में रियल एस्टेट गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं और भविष्य में यहां अच्छा रिटर्न मिल सकता है. इस लिस्ट में गोंडा जैसे छोटे शहर का नाम भी शामिल है, जहां रियल एस्टेट गतिविधियां अयोध्या प्रोजेक्ट की वजह से तेज से बढ़नी शुरू हो गई हैं.
उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (उप्र-रेरा) के चेयरमैन संजय आर भूसरेड्डी ने बताया है कि बुनियादी ढांचे में सुधार के चलते राज्य में संपत्ति बाजार तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि उप्र-रेरा द्वारा साल 2026 में 400 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी जा सकती है. पिछले कैलेंडर साल में यह आंकड़ा 308 रहा था. उन्होंने कहा कि राज्य का संपत्ति बाजार अब केवल लखनऊ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद तक ही सीमित नहीं है.
इन शहरों में लगाएं पैसायूपीरेरा के चेयरमैन ने कहा कि कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, अयोध्या, झांसी, हापुड़, बरेली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और गोंडा जैसे अन्य शहरों में भी रियल एस्टेट गतिविधियों में तेजी आई है. भूसरेड्डी ने कहा कि यूपी-रेरा ने साल 2023 के कैलेंडर वर्ष में 197 परियोजनाओं को मंजूरी दी थी. यह संख्या साल 2024 में बढ़कर 259 और साल 2025 में 308 हो गई. इस वर्ष अब तक हमने 108 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है और अनुमान है कि यह संख्या 400 तक पहुंच सकती है.
रेरा ने दिलाए हैं समान अवसररेरा अधिनियम के तहत, रियल एस्टेट डेवलपर को अपनी परियोजनाओं को बिक्री के लिए पेश करने से पहले रेरा पंजीकरण संख्या प्राप्त करना आवश्यक है. उन्होंने यह भी कहा कि रेरा कानून ने रियल एस्टेट कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच समान अवसर प्रदान किए हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास (जिसमें जेवर हवाई अड्डा भी शामिल है) के कारण रियल एस्टेट की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है. जहां भी राज्य सरकार ने एक्सप्रेसवे विकसित किए हैं, वहां रियल एस्टेट क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन कर रहा है.
हाउसिंग सेक्टर में ज्यादा ग्रोथफिक्की के पूर्व अध्यक्ष और सोमानी इम्प्रेसा ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संदीप सोमानी ने कहा कि निवेशकों के बढ़ते भरोसे के बीच भारत का रियल एस्टेट क्षेत्र वृद्धि के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है. एचडीएफसी कैपिटल एडवाइजर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी विपुल रूंगटा ने कहा कि भारत का दो-तिहाई रियल एस्टेट बाजार आवास क्षेत्र से संबंधित है. युवा और आकांक्षी आबादी की वजह से आवासीय इकाइयों की मांग बढ़ेगी, जिससे रेरा की जिम्मेदारी भी और बढ़ेगी.
About the AuthorPramod Kumar Tiwari
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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