खिलाड़ियों की अय्याशी और मालिकों की दखलअंदाजी पर लगाम…IPL में मनमानी करने वालों को BCCI का अल्टीमेटम, कोई नहीं बख्शा जाएगा

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खिलाड़ियों की अय्याशी-मालिकों की दखलअंदाजी पर लगेगा लगाम, BCCI का अल्टीमेटम
Last Updated:May 07, 2026, 18:46 IST
devajit saikia, bcci warns ipl franchise: बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने आईपीएल में बढ़ती अनुशासनहीनता और एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाया है. रियान पराग के कथित वेपिंग विवाद और टीम मैनेजर पर लगे जुर्माने के बाद, बोर्ड अब अनधिकृत व्यक्तियों की टीम बस और होटलों में एंट्री रोकने के लिए सख्त एडवाइजरी जारी कर रहा है. सैकिया ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों को ताक पर रखने वाली फ्रेंचाइजियों और खिलाड़ियों के खिलाफ अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. 
देवजीत सैकिया ने सख्त लहजे में कहा कि किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा.
नई दिल्ली. आईपीएल के मौजूदा सीजन में मैदान पर जहां रनों की बारिश हो रही है, वहीं मैदान के बाहर ‘नियमों के उल्लंघन’ ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की चिंता बढ़ा दी है. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने हाल ही में टीम के साथ ‘अनधिकृत व्यक्तियों’ के घूमने और खिलाड़ियों द्वारा प्रोटोकॉल तोड़ने की खबरों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है. सैकिया ने स्पष्ट कर दिया है कि बोर्ड इन ‘विसंगतियों और अनियमितताओं’ पर मूकदर्शक बनकर नहीं बैठा है और जल्द ही इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
देवजीत सैकिया (Devjit Saikia) ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस सीजन में कई ऐसे वाकये सामने आए हैं जो सीधे तौर पर बोर्ड के एंटी-करप्शन (भ्रष्टाचार विरोधी) प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हैं. उन्होंने बताया कि कुछ फ्रेंचाइजी और खिलाड़ी सुरक्षा घेरे को दरकिनार कर रहे हैं. बकौल सैकिया, ‘हमने देखा है कि अनधिकृत व्यक्ति टीम के सदस्यों के साथ यात्रा कर रहे हैं, यहां तक कि टीम बसों में भी मौजूद हैं. कुछ लोग टीम होटल और खिलाड़ियों या अधिकारियों के कमरों तक बिना अनुमति के पहुंच रहे हैं. यह हमारे भ्रष्टाचार विरोधी नियमों के पूरी तरह खिलाफ है.’
देवजीत सैकिया ने सख्त लहजे में कहा कि किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा.
सैकिया के अनुसार, बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग बॉडी इस संबंध में एक विस्तृत एडवाइजरी (परामर्श) जारी करने जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य इन अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है. बोर्ड की इस सख्ती के पीछे पिछले महीने राजस्थान रॉयल्स से जुड़े दो प्रमुख मामले भी माने जा रहे हैं, जिन्होंने प्रोटोकॉल के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए थे. गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पाया गया था. बीसीसीआई ने इसे गंभीरता से लेते हुए उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी दी.
पंजाब किंग्स के खिलाफ न्यू चंडीगढ़ में खेले गए मैच के दौरान रॉयल्स के रियान पराग को कथित तौर पर ड्रेसिंग रूम के अंदर ‘वेपिंग’ (ई-सिगरेट) करते हुए देखा गया था. यह घटना सार्वजनिक होने के बाद खिलाड़ियों के अनुशासन पर गंभीर सवाल उठे. सैकिया ने केवल खिलाड़ियों ही नहीं, बल्कि टीम मालिकों और अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं.उन्होंने कहा कि खेल के दौरान डगआउट और कुछ प्रतिबंधित क्षेत्रों की एक पवित्रता (Sanctity) होती है, जिसे बनाए रखना अनिवार्य है.
रिपोर्टों के अनुसार, टीम मालिक और वरिष्ठ अधिकारी उन क्षेत्रों में प्रवेश कर रहे हैं जहां उनके जाने की अनुमति नहीं है. सैकिया ने चिंता जताई कि नियमों के कार्यान्वयन में ढील दी गई है, जिससे बाहरी हस्तक्षेप का खतरा बढ़ जाता है. बीसीसीआई सचिव ने साफ कर दिया है कि अब नरमी बरतने का दौर खत्म हो चुका है.उन्होंने चेतावनी दी कि एडवाइजरी जारी होने के बाद अगर कोई भी खिलाड़ी, अधिकारी या फ्रेंचाइजी मालिक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो बोर्ड बिना किसी हिचकिचाहट के कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा. सैकिया ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, ‘हम इन मामलों को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. हमने दिखाया है कि हम हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठे हैं. एडवाइजरी को बहुत सख्ती से लागू किया जाएगा और जो कोई भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, बीसीसीआई उसे नहीं बख्शेगा.’(इनपुट-आईएएनएस से भी)
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
कमलेश राय वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें
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