रिटायरमेंट से ठीक 3 महीने पहले बिगड़ा अधिकारी का बुढ़ापा, 8 हजार रुपये के फेर में चौपट हुआ करियर, जानें कैसे

Last Updated:May 07, 2026, 17:57 IST
Baran News : राजस्थान में एक अधिकारी अपने रिटायरमेंट से ठीक तीन महीने पहले एसीबी के शिकंजे में फंस गया. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने इस अधिकारी को आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है. यह अधिकारी हैं कृषि विस्तार विभाग बारां के संयुक्त निदेशक आनन्दीलाल मीणा. उनका इसी अगस्त माह में रिटायरमेंट है. जानें वे किस काम की एवज में रिश्वत ले रहे थे. 
कृषि विस्तार विभाग बारां के संयुक्त निदेशक आनंदीलाल मीणा महज 3 महीने बाद अगस्त में ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं.
बारां. बारां में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कृषि विस्तार विभाग के संयुक्त निदेशक आनन्दीलाल मीणा को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. खास बात यह है कि आरोपी संयुक्त निदेशक आनंदीलाल मीणा महज 3 महीने बाद अगस्त में ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं. लेकिन उससे पहले महज आठ हजार रुपये के फेर में एसीबी के शिकंजे में आ गए. इससे उनका आगे का करियर दांव पर लग गया है. आरोपी मीणा ने रिश्वत की यह राशि खाद, बीज और कीटनाशक के स्टॉक रजिस्टर वेरिफाई करने की एवज में ली थी. लेकिन वे अपने मंसूबों में सफल होते उससे पहले ही एसीबी ने रंग में भंग डाल दिया. एसीबी ने उनको एक परिवादी से 5 हजार और दूसरे से 3 हजार रुपये लेते हुए आरोपी को दबोच लिया. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है.
बारां एसीबी चौकी के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालूराम वर्मा के नेतृत्व में इस ट्रेप कार्रवाई को अंजाम दिया गया. उन्होंने बताया कि 2 दिन पहले छीपा बड़ौद इलाके के दो खाद बीज विक्रेताओं ने आनंदीलाल मीणा की ओर से खाद बीज के स्टॉक रजिस्टर को वेरीफाई करने की एवज में रिश्वत की मांग करने की शिकायत एसीबी को की थी. इस पर एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कर बुधवार को कार्रवाई को अंजाम दे दिया. आनंदीलाल मीणा को दोनों दुकानदारों से 8 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है. आरोपी अपने दफ्तर में ही बैठकर दुकानदारों से ही रिश्वत ले रहा था.
चार माह पहले ही फिर से बारां में लगाया गया था
एसीबी के अनुसार संयुक्त निदेशक आनंदीलाल मीणा करीब चार माह से कृषि विस्तार विभाग बारां में पदस्थ हैं. इससे पहले भी वे बारां उद्यान विभाग में काफी समय तक उप निदेशक के पद पर रह चुके हैं. इसके बाद प्रमोशन होने पर उसका कोटा ट्रांसफर हो गया था. उनको चार माह पहले ही फिर से बारां में लगाया गया था. आरोपी संयुक्त निदेशक का करीब तीन माह बाद अगस्त में रिटायरमेंट होना है. रिश्वत के इस केस के कारण उनके पेंशन और सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले लाभ प्रभावित हो सकते हैं.
करीब 45 हजार रुपये की संदिग्ध राशि और मिली है
एसीबी डीएसपी प्रेमचंद मीणा ने बताया कि आरोपी से रिश्वत राशि के अलावा भी करीब 45 हजार रुपए की संदिग्ध राशि मिली है. इनमें से 15 हजार रुपये टेबल की दराज से मिले और 30 हजार रुपए बैग से मिले हैं. इस राशि के बारे में भी आरोपी से गहनता से पूछताछ की जा रही है. डीएसपी ने बताया कि आरोपी संयुक्त निदेशक बारां में किराए से कमरा लेकर रहता है. उनका कोटा के कुन्हाड़ी व बूंदी जिले के एक गांव में पैतृक मकान है. इन सभी जगह पर एसीबी की ओर से जांच की जाएगी.About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…और पढ़ें
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Baran,Baran,Rajasthan



