कोटा मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं की मौत पर बवाल, ICU में महिलाएं भर्ती, प्राचार्य का वीडियो वायरल

Last Updated:May 08, 2026, 10:36 IST
Kota Medical College Maternity Death Case: कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है. सिजेरियन ऑपरेशन के बाद दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि चार अन्य ICU में भर्ती हैं. एक प्रसूता की हालत गंभीर बनी हुई है. ड्रग विभाग ने दवाओं, फ्लूड और मेडिकल सामग्री के 23 सैंपल जांच के लिए लिए हैं. इस बीच मेडिकल कॉलेज प्राचार्य का वायरल वीडियो विवाद का कारण बन गया है, जिसमें वह हंसते नजर आ रहे हैं. घटना के तीन दिन बाद भी किसी पर कार्रवाई नहीं होने से परिजनों में आक्रोश है.
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कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है.
कोटा. राजस्थान के कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रसूताओं की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. दो प्रसूताओं की मौत और चार अन्य महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के बाद अब एक और प्रसूता की हालत गंभीर बनी हुई है. अस्पताल में भर्ती प्रसूता धन्नी बाई का डायलिसिस किए जाने की जानकारी सामने आई है. उसकी हालत को देखते हुए जयपुर से वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. धनंजय अग्रवाल को विशेष रूप से बुलाया गया है, जो अपनी टीम के साथ इलाज की निगरानी कर रहे हैं.
कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हाल ही में कई महिलाओं का सिजेरियन ऑपरेशन किया गया था. ऑपरेशन के बाद अचानक कुछ प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने लगी. देखते ही देखते दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि चार अन्य प्रसूताओं को गंभीर हालत में ICU में भर्ती करना पड़ा. घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और परिजनों में भारी आक्रोश का माहौल बन गया. मृतक महिलाओं के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं.
ड्रग विभाग ने जांच के लिए 23 सैंपल एकत्रित किए
मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्रग विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है. जिन दवाओं, फ्लूड और मेडिकल कंज्यूबल का इस्तेमाल प्रसूताओं के इलाज और ऑपरेशन के दौरान किया गया था, उनकी जांच की जा रही है. ड्रग विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर कुल 23 सैंपल लिए हैं. इनमें दवाएं, इंजेक्शन, फ्लूड और अन्य उपयोगी सामग्री शामिल है. जांच रिपोर्ट आने तक संबंधित बैच की दवाओं के इस्तेमाल पर प्रदेशभर में रोक लगा दी गई है. विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कहीं किसी दवा, फ्लूड या मेडिकल सामग्री में गड़बड़ी तो इस पूरे मामले की वजह नहीं बनी.
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य का वीडियो हो रहा वायरल
इस बीच अस्पताल प्रशासन का रवैया भी विवादों में आ गया है. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. निलेश जैन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वह अस्पताल में हुए घटनाक्रम और परिजनों के कोहराम के बीच हंसते नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है. सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे बेहद संवेदनहीन व्यवहार बताया है. कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जब अस्पताल में प्रसूताओं की मौत हुई और कई महिलाएं जिंदगी और मौत से जूझ रही थीं, तब जिम्मेदार अधिकारी इस तरह का व्यवहार कैसे कर सकते हैं.
घटना के तीन दिन बाद भी ठोस कार्रवाई नदारद
घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी अब तक किसी अधिकारी, डॉक्टर या कर्मचारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. यही वजह है कि मृतक महिलाओं के परिजन और स्थानीय लोग लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. विपक्षी दलों ने भी मामले को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग को घेरना शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि यदि समय रहते लापरवाही सामने आ गई होती तो शायद अन्य महिलाओं की जान बचाई जा सकती थी.
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच जारी होने की बात कही जा रही है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. वहीं मरीजों के परिजन और आम लोग अब ड्रग विभाग की जांच रिपोर्ट और सरकार की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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