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आखिर क्यों बच्चों की बचत को गुल्लक के बजाय निवेश की है जरूरत, जानें कैसे और कहां बढ़ेगा आपका पैसा

Last Updated:May 13, 2026, 09:05 IST

बचत की पुरानी आदत अब बीते दौर की बात हो गई है. आज के महंगाई भरे दौर में गुल्लक में रखा पैसा सोता है, जबकि SIP में किया गया छोटा निवेश कंपाउंडिंग की जादुई ताकत से आपके भविष्य को सुरक्षित और अमीर बना सकता है.

महंगाई के इस दौर में केवल पैसे बचाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही जगह निवेश करना भी बेहद जरूरी हो गया है. पहले जहां लोग गुल्लक में पैसे जमा करके बचत को सुरक्षित मानते थे. वहीं, अब वित्तीय विशेषज्ञ छोटे-छोटे निवेश के जरिए भविष्य मजबूत करने की सलाह दे रहे हैं. खासकर SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) और म्यूचुअल फंड जैसे विकल्पों को बच्चों में निवेश की आदत विकसित करने का बेहतर माध्यम माना जा रहा है.

छोटी राशि से हो सकती है शुरुआत 

वित्तीय सलाहकार अभिषेक कुमार सिंह ने Local 18 से बातचीत में कहा कि गुल्लक में रखा पैसा केवल बचत होता है, वह बढ़ता नहीं है. उन्होंने कहा कि बच्चों और नई पीढ़ी को यह समझाना जरूरी है कि पैसे को सिर्फ जमा करके रखने के बजाय उसे काम पर लगाना चाहिए, ताकि वह समय के साथ बढ़ सके. उन्होंने कहा कि आज के समय में म्यूचुअल फंड, इंडेक्स फंड और ETF जैसे कई निवेश विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें छोटी राशि से भी शुरुआत की जा सकती है.

100 रुपये से कर सकते हैं निवेश शुरू 

उन्होंने बताया कि जहां फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश के लिए अक्सर न्यूनतम राशि की जरूरत होती है. वहीं, म्यूचुअल फंड में कोई भी व्यक्ति सिर्फ 100 रुपये से निवेश शुरू कर सकता है. SIP के जरिए नियमित निवेश करने पर कंपाउंडिंग का लाभ मिलता है, जिससे लंबे समय में छोटी रकम भी बड़ा फंड बन सकती है. उन्होंने बताया कि बच्चों में निवेश की आदत डालना भविष्य के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है.

जरूरत पड़ने पर निकाल सकते हैं पैसे 

अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि इससे उनमें बचपन से ही वित्तीय अनुशासन और पैसों की समझ विकसित होती है. उन्होंने बताया कि भारतीय कानून के अनुसार 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर कोई भी व्यक्ति अपने नाम से निवेश कर सकता है. हालांकि, 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता या अभिभावक के माध्यम से निवेश किया जा सकता है. यह निवेश अंडर गार्जियन के रूप में होता है. उन्होंने कहा कि बच्चे 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद उस निवेश राशि को स्वयं संचालित कर सकते हैं, जबकि उससे पहले अभिभावक जरूरत पड़ने पर पैसे निकाल सकते हैं.

बेहतर रिटर्न मिलने की रहती है संभावना

वहीं, उन्होंने कहा कि बच्चों के नाम निवेश शुरू करने से उनमें भविष्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा होती है. निवेश के विकल्पों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय के लिए बच्चों के लिए इंडेक्स फंड बेहतर विकल्प हो सकते हैं. इसके अलावा स्मॉल कैप फंड में भी निवेश किया जा सकता है, जहां बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना रहती है. उन्होंने कहा कि सही समय पर निवेश की शुरुआत बच्चों के आर्थिक भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बना सकती है.

About the AuthorVivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

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