Rajasthan

Jaipur famous markets | Johri Bazaar Jaipur | Jaipur Streets

Last Updated:May 15, 2026, 12:48 IST

Jaipur Famous Market: जयपुर की पुरानी चारदीवारी के भीतर मौजूद छोटे-छोटे रास्ते केवल गलियां नहीं, बल्कि शहर के इतिहास और संस्कृति की जीवित पहचान माने जाते हैं. इन रास्तों के अनोखे नाम, पुरानी हवेलियां और पारंपरिक बाजार आज भी पर्यटकों को पुराने जयपुर की खास झलक दिखाते हैं.

जयपुर. जयपुर अपने ऐतिहासिक किलों, महलों और भव्य इमारतों के लिए जितना प्रसिद्ध है, उतना ही अपने पारंपरिक बाजारों के लिए भी जाना जाता है. दुनियाभर से पर्यटक यहां के रंग-बिरंगे बाजारों और उनकी खास बनावट को देखने पहुंचते हैं. जयपुर की पुरानी चारदीवारी के भीतर बसे बाजार आज भी अपनी ऐतिहासिक पहचान को संजोए हुए हैं. जोहरी बाजार, गणगौर बाजार, चांदपोल बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौपड़ बाजार और रामगंज बाजार जैसे कई बड़े बाजारों के बीच से निकलने वाले छोटे-छोटे रास्ते भी अपनी अलग पहचान रखते हैं. यही रास्ते जयपुर की पुरानी बसावट और यहां की सांस्कृतिक विरासत को खास बनाते हैं.

चारदीवारी के भीतर वैसे तो सैकड़ों रास्ते मौजूद हैं, लेकिन कुछ रास्ते अपने अनोखे नामों और उनसे जुड़ी कहानियों की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं. इनमें लालजी सांड का रास्ता, मनिहारों का रास्ता, नटनियों का रास्ता और गोपाल जी का रास्ता जैसे कई नाम शामिल हैं. इन रास्तों के नाम कोई नए नहीं हैं, बल्कि वर्षों पुराने हैं और इनके पीछे रोचक इतिहास जुड़ा हुआ है. आज भी इन रास्तों में चलते हुए पुराने जयपुर की झलक साफ दिखाई देती है.

रास्तों के नामों के पीछे छिपी है इतिहास की कहानीलोकल 18 की टीम ने जब चारदीवारी क्षेत्र में पहुंचकर स्थानीय लोगों से इन रास्तों के बारे में बात की, तो लोगों ने बड़े गर्व के साथ इनके इतिहास और कहानियों को साझा किया. हवामहल बाजार में रहने वाले विष्णु भार्गव बताते हैं कि जयपुर अपनी अनोखी वास्तुकला के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. शहर की बसावट इस तरह की गई थी कि एक रास्ते से दूसरे बाजार तक आसानी से पहुंचा जा सके. उदाहरण के तौर पर चांदपोल गेट से गलता गेट तक कई रास्ते एक सीध में जुड़े हुए हैं.

उन्होंने बताया कि जयपुर बसाने के दौरान राजा-महाराजाओं ने अलग-अलग हुनर वाले कारीगरों, कलाकारों और विद्वानों को अलग-अलग क्षेत्रों में बसाया था. इसी वजह से कई रास्तों के नाम वहां रहने वाले लोगों के पेशे या पहचान पर पड़े. जैसे मनिहारों का रास्ता, जहां लाख के कारीगर रहते थे. वहीं नटनियों का रास्ता उन महिलाओं के नाम पर प्रसिद्ध हुआ, जो राजदरबार में नृत्य किया करती थीं. इसी तरह गोपाल जी का रास्ता और विद्याधर का रास्ता भी अपने ऐतिहासिक महत्व की वजह से पहचाने जाते हैं.

आज भी लगी हैं पुराने नामों की पट्टिकाएंचारदीवारी के बाजारों में आज भी हर रास्ते पर उसके नाम की पट्टिकाएं लगी हुई हैं, जिससे लोगों को इनकी पहचान आसानी से हो जाती है. इन रास्तों की खास बात यह भी है कि हर रास्ता किसी न किसी खास बाजार के लिए मशहूर है. कहीं कपड़ों का बाजार है तो कहीं आभूषण, बर्तन, मशीनों या हस्तशिल्प का कारोबार होता है. कई परिवार पीढ़ियों से इन रास्तों में रह रहे हैं और अपने पारंपरिक काम को आगे बढ़ा रहे हैं.

पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बने पुराने रास्तेस्थानीय लोगों का कहना है कि जयपुर घूमने आने वाले पर्यटक अब सिर्फ बड़े बाजार ही नहीं, बल्कि इन छोटे रास्तों तक भी पहुंचते हैं. यहां की पुरानी हवेलियां, संकरी गलियां और पारंपरिक बाजार लोगों को काफी आकर्षित करते हैं. पर्यटक इन बाजारों से खरीदारी भी करते हैं और पुराने जयपुर की जीवनशैली को करीब से महसूस करते हैं. यही वजह है कि जयपुर के ये रास्ते सिर्फ आने-जाने का जरिया नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का अहम हिस्सा माने जाते हैं.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Jaipur,Jaipur,Rajasthan

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj