पाली का ये कैसा VIP गांव? विधायक जी के गृह क्षेत्र ‘बीजापुर’ में बंदर का आतंक, लोग छतों पर दुबके

Last Updated:May 16, 2026, 19:33 IST
Pali Monkey Terror: पाली जिले के बाली थाना क्षेत्र के बीजापुर गांव में पिछले सात दिनों से एक आदमखोर बंदर का आतंक फैला हुआ है. बंदर के लगातार हमलों से ग्रामीण दहशत में हैं और कई लोग घायल हो चुके हैं. एक विवाह कार्यक्रम के दौरान शंकर लाल पर भी बंदर ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसके बाद उन्हें 14 टांके लगाने पड़े और अस्पताल रेफर करना पड़ा. ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही से हालात बिगड़ते जा रहे हैं.ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है और जल्द रेस्क्यू की मांग की जा रही है.
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पाली. बाली थाना क्षेत्र के ऐतिहासिक और वीआईपी गांव बीजापुर में पिछले सात दिनों से एक आदमखोर हो चुके बंदर का जबरदस्त उत्पात जारी है. बंदर के लगातार जानलेवा हमलों से पूरा ग्रामीण क्षेत्र खौफ के साए में जीने को मजबूर है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बीजापुर गांव बाली विधानसभा क्षेत्र से स्थानीय विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत का पुश्तैनी गांव है, इसके बावजूद वन विभाग की गहरी नींद नहीं टूट रही है. विभाग की इस लापरवाही को लेकर अब ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. गांव में एक बुजुर्ग और बच्चे पर यह बंदर हमला कर उन्हें जख्मी भी कर चुका है. बंदर के हमले की लगातार बढ़ती घटनाओं के बीच वन विभाग से आग्रह करने के बाद भी अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है, यही वजह है कि अब एक के बाद एक लोग इस आक्रामक बंदर का शिकार बन रहे हैं.
पाली जिले के रहने वाले गांव निवासी शंकर लाल के घर में विवाह कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं. शंकर लाल खुद वहां टेंट लगाने के काम में व्यस्त थे, तभी अचानक कहीं से घात लगाकर आए बंदर ने उन पर सीधा हमला बोल दिया. बंदर ने इतनी बेरहमी से हमला किया कि उसने शंकर लाल की पिंडली को अपने मजबूत जबड़े में दबोच लिया. शंकर लाल की दर्द से छटपटाहट और चीख-पुकार सुनकर आस-पास काम कर रहे लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर दौड़े. ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद जैसे-तैसे शंकर लाल को बंदर के चंगुल से छुड़ाया.
अस्पताल में लगाए गए 14 टांके, हालत गंभीर होने पर किया रेफर
बंदर के हमले में लहूलुहान हुए शंकर लाल को ग्रामीण तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे. बंदर के दांत मांस में गहरे धंसने के कारण डॉक्टरों ने शंकर लाल के पैर में 14 टांके लगाए. प्राथमिक उपचार के बाद भी उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें आगे के इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया है.
सात दिनों से जारी है तांडव
स्थानीय समाजसेवी हनुमान सिंह राव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बंदर के आतंक का यह कोई पहला मामला नहीं है. पिछले एक सप्ताह में इस बंदर ने गांव में कोहराम मचा रखा है. दो दिन पहले भी इस बंदर ने रास्ते से गुजर रहे एक मासूम बच्चे और एक बुजुर्ग को अपना निशाना बनाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था. गुरुवार को भी बंदर ने दिनभर गलियों में उत्पात मचाया, जिससे बचने के लिए लोग इधर-उधर भागते और अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों पर चढ़कर उसे भगाने का प्रयास करते नजर आए.
वन विभाग के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, रेस्क्यू की मांग
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि लगातार हो रही इन दर्दनाक घटनाओं और लगातार दी जा रही सूचनाओं के बावजूद वन विभाग की टीम ने अभी तक मौके पर आकर बंदर को पकड़ने (रेस्क्यू) की कोई जहमत नहीं उठाई है. ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस खूंखार बंदर को जल्द से जल्द पिंजरे में कैद कर गांव को इस भयमुक्त माहौल से निजात दिलाई जाए, अन्यथा ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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