श्री सांवलिया जी मंदिर में टूटा चढ़ावे का रिकॉर्ड, पहले ही दिन निकले 17.55 करोड़ रुपये

Last Updated:June 17, 2026, 06:52 IST
Sanwaliya Seth Bhandara: चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया जी मंदिर में मासिक भंडारे से पहले ही दिन 17 करोड़ 55 लाख रुपये की रिकॉर्ड दानराशि प्राप्त हुई है. सोमवती अमावस्या पर भारी भीड़ के कारण सोमवार को गिनती रोक दी गई थी, जो मंगलवार को दोबारा शुरू हुई. अभी आभूषणों का तौल और दूसरे चरण की नकदी की गणना होना बाकी है, जिससे यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है.
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सांवलिया सेठ मंदिर में निकला रिकॉर्ड चढ़ावा, पहले दिन 17.55 करोड़
चित्तौड़गढ़. चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित मेवाड़ के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक कृष्ण धाम श्री सांवलिया जी में इस माह खोले गए मासिक भंडारे ने एक बार फिर रिकॉर्ड कायम किया है. दानराशि की प्रथम चरण की गणना में ही करोड़ों रुपये का चढ़ावा सामने आया है, जो भक्तों की अगाध श्रद्धा और विश्वास का प्रमाण है. इस माह भंडारे से पहले ही दिन 17 करोड़ 55 लाख रुपये की विशाल धनराशि प्राप्त हुई है, जबकि अभी कई चरणों की गणना और आभूषणों का तौल होना बाकी है. श्री सांवलिया सेठ को विशेष रूप से उनकी चमत्कारी महिमा के लिए जाना जाता है. प्रतिदिन यहां देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. यहां मुख्य रूप से राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से भारी संख्या में भक्त आते हैं.
श्रद्धालुओं की मान्यता है कि सांवलिया सेठ के दरबार में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है. अपनी मनोकामना पूर्ण होने और व्यापार-व्यवसाय में तरक्की मिलने पर भक्त अपनी इच्छानुसार और सामर्थ्य के अनुसार भगवान के चरणों में गुप्त दान करते हैं. इसी के फलस्वरूप हर महीने यहां से करोड़ों रुपये की दानराशि प्राप्त होती है. मंदिर मंडल द्वारा हर महीने एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत दानपात्र खोला जाता है. इस माह सोमवती अमावस्या से ठीक एक दिन पहले मंदिर का मासिक भंडारा खोला गया. भंडारा खोलने के बाद पहले दिन दानराशि में से निकले नोटों को अलग-अलग करने और उन्हें व्यवस्थित रूप से जमाने का कार्य संपन्न किया गया.
सोमवती अमावस्या पर उमड़ा जनसैलाब और गणनासोमवार को सोमवती अमावस्या होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा. दर्शनार्थियों की भारी भीड़ और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से सोमवार के दिन नोटों की गिनती का कार्य रोक दिया गया. दानराशि की वास्तविक गणना का कार्य मंगलवार सवेरे से पूरे प्रशासन और मंदिर मंडल के पदाधिकारियों की देखरेख में फिर से शुरू किया गया. प्रथम चरण की गणना में ही दानराशि 17 करोड़ 55 लाख रुपये के रिकॉर्ड आंकड़े तक पहुंच गई है. मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह केवल पहले चरण का आंकड़ा है. अभी भंडारे से निकली भारी मात्रा में नकदी की गिनती द्वितीय और अन्य शेष चरणों में की जाएगी.
सोने-चांदी का तौल और खजाने का आगामी मूल्यांकनश्रद्धालुओं द्वारा भगवान को अर्पित किए गए सोने और चांदी के आभूषणों और अन्य बेशकीमती वस्तुओं का तौल होना भी अभी बाकी है. आने वाले दिनों में जब सभी चरणों की गणना और आभूषणों का मूल्यांकन पूरा हो जाएगा, तो यह आंकड़ा और भी बड़ा होने की पूरी संभावना है. सांवलिया सेठ का यह खजाना हर महीने भक्तों की अटूट आस्था की नई कहानी बयां करता है. मंदिर मंडल इस विशाल धनराशि का उपयोग मंदिर के विकास, सामाजिक सरोकारों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने में पूरी पारदर्शिता के साथ करता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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