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आधी रात आंधी का बवंडर और मूसलाधार बारिश; बाड़मेर में सड़कों पर चली पानी की चादर, जैसलमेर के तालाब लबालब

Last Updated:June 17, 2026, 08:59 IST

Barmer Jaisalmer Weather: बाड़मेर और जैसलमेर में देर रात अचानक मौसम बदलने से तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे बाड़मेर की सड़कें पानी से लबालब हो गईं और जैसलमेर के तालाबों में बरसाती पानी जमा हो गया. इस आसमानी राहत से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी निजात मिली है. हालांकि, आंधी के कारण कई जगहों पर पेड़ और बिजली के पोल टूट गए. वहीं ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों के बीच चरागाहों में हरी घास उगने की नई उम्मीद जाग उठी है.

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बाड़मेर-जैसलमेर में आंधी के बाद मूसलाधार बारिश, तालाब लबालबZoomबाड़मेर-जैसलमेर में आंधी के बाद मूसलाधार ( AI Images )

बाड़मेर/जैसलमेर. राजस्थान के सरहदी जिलों बाड़मेर और जैसलमेर में देर रात अचानक मौसम ने एक ऐसा भयानक करवट लिया कि पूरा मरूस्थलीय इलाका झमाझम बारिश की आगोश में समा गया. रात के सन्नाटे को चीरते हुए पहले आसमान में धूल भरी तेज आंधी का बवंडर उठा, और देखते ही देखते बादलों की गड़गड़ाहट के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया. सीमावर्ती क्षेत्रों में आधी रात को हुई इस भारी बरसात ने पूरे रेतीले धोरों को पानी-पानी कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार स्थानीय स्तर पर बने मजबूत चक्रवाती परिसंचरण और अरब सागर से आ रही नम हवाओं के चलते इन दोनों जिलों में यह आकस्मिक मौसमी बदलाव दर्ज किया गया है. इस मूसलाधार बारिश ने पिछले कई दिनों से झुलसा रही सूरज की तीखी तपन को पल भर में शांत कर दिया और फिजा में ठंडक घोल दी.

इस मूसलाधार और तेज बारिश के कारण बाड़मेर और जैसलमेर शहर का नजारा पूरी तरह बदल गया है. चंद घंटों की आक्रामक बारिश से बाड़मेर शहर की तमाम प्रमुख सड़कें जलमग्न होकर लबालब हो गईं. हालत यह हो गई कि शहर के निचले इलाकों और मुख्य मार्गों पर पानी की मोटी चादर चलती हुई साफ दिखाई दी. कई चौराहों पर पानी का तेज बहाव होने से देर रात आवागमन पूरी तरह थम गया. दूसरी तरफ, स्वर्ण नगरी जैसलमेर और उसके ग्रामीण इलाकों पर इंद्रदेव इस कदर मेहरबान हुए कि वहां के स्थानीय और ऐतिहासिक तालाबों में बरसाती पानी की भारी आवक हुई है. तालाबों में पानी जमा होने से आने वाले शुष्क महीनों में पानी का संकट काफी हद तक कम हो जाएगा.

भीषण गर्मी और उमस से मिली बड़ी निजात, मौसम हुआ सुहावनाथार के इस रेगिस्तानी इलाके में पिछले काफी समय से लोग रिकॉर्ड तोड़ पारे और असहनीय उमस से बेहाल चल रहे थे. दोपहर के समय झुलसाने वाली लू के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर थे. ऐसे में देर रात हुई इस झमाझम बारिश के बाद दोनों ही जिलों के निवासियों को भीषण गर्मी और उमस से बहुत बड़ी राहत मिली है. तापमान में अचानक आई भारी गिरावट की वजह से पूरी घाटी और ग्रामीण अंचलों का मौसम बेहद खुशनुमा और सुहावना हो गया है. रात के समय घरों में चल रहे एसी और कूलर बंद हो गए और लोगों ने लंबे समय बाद ठंडी और राहत भरी हवाओं के बीच चैन की नींद ली.

आंधी का तांडव: कई जगह गिरे पेड़ और बिजली के पोल, पशुपालकों में जगी आसहालांकि, इस राहत के साथ-साथ आंधी-तूफान ने क्षेत्र में काफी तबाही भी मचाई है. जैसलमेर और बाड़मेर के कई इलाकों में तेज हवाओं के झोंकों के कारण प्राचीन पेड़ उखड़ गए और बिजली के पोल जमीन पर आ गिरे. खंभे गिरने से कई ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात से ही विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिसे बहाल करने के लिए डिस्कॉम की टीमें सुबह से जुटी हुई हैं. इन सबके बीच ग्रामीण इलाकों के पशुपालकों के मन में एक नई उम्मीद जाग उठी है. थार के ग्रामीणों का कहना है कि पिछली तूफानी बारिश के बाद इस ताजा बारिश से अब बीहड़ों और चरागाहों में अच्छी और हरी घास उगने की पूरी उम्मीद है. हरी घास होने से मवेशियों के लिए चारे का संकट पूरी तरह खत्म हो जाएगा, जिससे पशुपालकों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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