Rahul Gandhi In Kota: ‘हमारी मेहनत का मिले सम्मान’, राहुल गांधी के दौरे से कोटा के छात्रों को बड़ी उम्मीद

Last Updated:June 17, 2026, 18:49 IST
Rahul Gandhi In Kota: देश की प्रमुख शिक्षा नगरी कोटा में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों के बीच पहुंचकर संवाद करेंगे. इस कार्यक्रम को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह के साथ-साथ कई उम्मीदें भी हैं. छात्रों का मानना है कि पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, मानसिक स्वास्थ्य, कोचिंग संस्कृति और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े दबाव जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए. उनका कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों का मनोबल और व्यवस्था पर भरोसा दोनों कमजोर करती हैं. ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि यह संवाद उनकी समस्याओं और सुझावों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रभावी मंच बनेगा
कोटा. देश की प्रमुख शिक्षा नगरी कोटा में बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी छात्रों के बीच पहुंचकर संवाद करेंगे. उनके प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर कोटा में अध्ययनरत विद्यार्थियों के बीच उत्साह और उम्मीद दोनों देखने को मिल रहे हैं. कार्यक्रम से पहले लोकल 18 टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग क्षेत्रों और छात्र आवासीय इलाकों में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत की और जाना कि वे राहुल गांधी के इस दौरे से क्या अपेक्षाएं रखते हैं. अधिकांश छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने और समझने के लिए किसी राष्ट्रीय स्तर के नेता का उनके बीच आना सकारात्मक पहल है. छात्रों का मानना है कि इससे उनकी आवाज देश के नीति निर्माताओं तक पहुंचेगी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होगी.
कई विद्यार्थियों ने बताया कि वे पिछले तीन से चार वर्षों से कोटा में रहकर नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. घर-परिवार से दूर रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को शैक्षणिक दबाव के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है. ऐसे में यदि उनकी समस्याओं और सुझावों को सीधे सुना जाता है तो यह उनके लिए राहत और प्रेरणा का विषय होगा. छात्रों ने विशेष रूप से नीट पेपर लीक मामले को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की. उनका कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य दोनों को प्रभावित करती हैं. वर्षों तक कठिन परिश्रम करने के बाद जब परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं तो छात्रों का विश्वास डगमगाने लगता है. विद्यार्थियों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार और परीक्षा एजेंसियों को सख्त एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू करनी चाहिए.
पेपर लीक पर नियंत्रण को लेकर होनी चाहिए चर्चा
एक छात्र ने कहा कि जब किसी परीक्षा का पेपर लीक होता है तो इसका सबसे बड़ा नुकसान उन विद्यार्थियों को होता है जिन्होंने ईमानदारी से तैयारी की होती है. उनकी मेहनत का मूल्य कम हो जाता है और उन्हें दोबारा परीक्षा देने की स्थिति का सामना करना पड़ता है. इससे मानसिक तनाव बढ़ता है और कई छात्र निराशा का अनुभव करते हैं. छात्र उत्कर्ष ने बताया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है. उन्होंने कहा कि जब एक बार परीक्षा देने के बाद दोबारा उसी परीक्षा की तैयारी करनी पड़ती है तो पहले जैसा जोश और आत्मविश्वास बनाए रखना आसान नहीं होता. छात्रों में यह भावना पैदा होने लगती है कि उनकी मेहनत का उचित परिणाम मिलेगा भी या नहीं. विद्यार्थियों का कहना है कि राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम में परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक पर नियंत्रण, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, कोचिंग संस्कृति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए. छात्रों को उम्मीद है कि यह संवाद केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर उनकी वास्तविक समस्याओं को सामने लाने का मंच बनेगा. साथ ही इस चर्चा से ऐसे सुझाव निकलेंगे जो भविष्य में देशभर के करोड़ों विद्यार्थियों के हित में काम आ सकें.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
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