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Railway Stocks: तीन रेल कंपनियों पर सरकार का बड़ा दांव, निवेश करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

रेलवे भारत की लाइफलाइन है. ये बात आपने सैकड़ों बार सुनी होगी. यही वजह है कि शेयर बाजार में आजकल रेलवे से जुड़ी कंपनियों की चर्चा कुछ ज्यादा ही है. अगर आप भी शेयर बाजार में पैसे लगाने में दिलचस्पी रखते हैं, तो आपको रेलवे सेक्टर की हलचल पर जरूर नजर रखनी चाहिए. क्योंकि केवल यात्रियों को ही नहीं, कोयला, सीमेंट, स्टील और अनाज जैसी जरूरी चीजों को देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचाने का सबसे बड़ा जिम्मा भारतीय रेलवे पर ही है. आजकल सरकार भी रेलवे को पूरी तरह बदलने में जुटी है, जिससे इस सेक्टर की कंपनियों को जमकर नए ऑर्डर मिल रहे हैं. रेलवे की तीन कंपनियां ऐसी हैं, जिन्होंने पिछले तीन साल में कमाई के मामले में सबको चौंका दिया है. ये मल्टीबैगर साबित हुई हैं और अब आगे इनका भविष्य है, चलिए एक्सपर्ट्स से जानते हैं.

रेलटेल कॉर्पोरेशन का डिजिटल धमाका

रेलटेल कॉर्पोरेशन (RailTel Corporation) भारतीय रेलवे की एक सरकारी कंपनी है, जिसका मुख्य काम स्टेशनों और ट्रेनों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ना है. देश के करीब 6,000 रेलवे स्टेशनों पर जो इंटरनेट, वाई-फाई और डेटा नेटवर्क की सुविधाएं मिलती हैं, उन्हें यही कंपनी संभालती है. पिछले तीन साल में इस कंपनी की कुल कमाई सालाना 30% की रफ्तार से बढ़ी है, जबकि इसका मुनाफा भी हर साल 24% की दर से ऊपर गया है. जिन लोगों ने तीन साल पहले इसके शेयर खरीदे थे, उन्हें हर साल औसतन 39% का शानदार रिटर्न मिला है.

इस कंपनी की सबसे बड़ी ताकत इसकी मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसका मतलब है कि कंपनी के पास भविष्य के लिए ढेरों काम पहले से मौजूद हैं. मार्च 2025 में कंपनी के पास 4,602 करोड़ रुपये के ऑर्डर थे, जो अप्रैल 2026 तक बढ़कर 6,346 करोड़ रुपये पर पहुंच गए. कंपनी का मैनेजमेंट मानकर चल रहा है कि मार्च 2027 के खत्म होने तक यह आंकड़ा 8,500 करोड़ रुपये को भी पार कर जाएगा. साल 2026 की आखिरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 46% उछलकर 113 करोड़ रुपये हो गया. अब रेलटेल सिर्फ रेलवे तक सीमित नहीं रहना चाहती. यह कंपनी डेटा सेंटर (Data Center) के बिजनेस में तेजी से कदम बढ़ा रही है. मानेसर में इसका एक बड़ा सेंटर शुरू हो चुका है और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी नए सेंटर बनाने की तैयारी चल रही है.

टेक्समैको रेल का नया अवतार

टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग (Texmaco Rail & Engineering) एक प्राइवेट कंपनी है, जो सालों से रेलवे के डिब्बे (वैगन) और भारी पुल बनाने का काम कर रही है. पिछले तीन साल में इस कंपनी ने मुनाफे के मामले में रिकॉर्ड तोड़ दिया है और इसका नेट प्रॉफिट सालाना 97% की रफ्तार से बढ़ा है. साल 2026 की आखिरी तिमाही में कंपनी की बिक्री में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन इसके बावजूद इसका शुद्ध मुनाफा 46% बढ़कर 58 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. पूरे साल में कंपनी ने कुल 194 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है.

अब यह कंपनी एक खास रणनीति पर काम कर रही है, जिसे “टेक्समैको 2.0” का नाम दिया गया है. इस योजना के तहत कंपनी सिर्फ रेलवे डिब्बे बनाने पर निर्भर नहीं रहेगी. अब यह ट्रेनों को आपस में टकराने से रोकने वाली भारत की अपनी आधुनिक तकनीक ‘कवच’ (Kavach), मेट्रो रेल, सिग्नल सिस्टम और डिफेंस यानी रक्षा क्षेत्र के लिए भी कलपुर्जे बनाने जा रही है. इसके अलावा कंपनी विदेशों में भी अपना कारोबार फैला रही है. अभी टेक्समैको दुनिया के 16 देशों में अपना सामान भेजती है. दक्षिण अफ्रीका से कंपनी को एक बहुत बड़ा ऑर्डर मिला है, जिसके तहत वह वहां 2,200 वैगन और 30 डीजल लोकोमोटिव (ट्रेन के इंजन) की सप्लाई करेगी और अगले 15 साल तक उनकी देखरेख का जिम्मा भी संभालेगी.

आईआरसीटीसी की हर जगह पकड़

आईआरसीटीसी (IRCTC) का नाम तो हर उस इंसान को पता है जिसने कभी न कभी ट्रेन में सफर किया है. ऑनलाइन रेलवे टिकट बुक करना हो, ट्रेन में खाना मंगाना हो, रेल नीर की पानी बोतल लेनी हो या घूमने के लिए टूर पैकेज बुक करना हो, हर जगह इसी सरकारी कंपनी का दबदबा है. आपको जानकर हैरानी होगी कि देश में इंटरनेट से बुक होने वाले कुल आरक्षित टिकटों में से लगभग 89% टिकट अकेले इसी प्लेटफॉर्म से बुक होते हैं. पिछले पूरे वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की कमाई 11.5% बढ़कर 5,215 करोड़ रुपये रही, जबकि इसका कुल शुद्ध मुनाफा 1,393 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.

2026 की आखिरी तिमाही में कुछ अलग खर्चों की वजह से कंपनी का मुनाफा मामूली रूप से घटकर 447 करोड़ रुपये रहा, लेकिन इसके बावजूद इसका बिजनेस बहुत तगड़ा चल रहा है. कंपनी की सबसे ज्यादा कमाई खान-पान (कैटरिंग) और टूरिज्म यानी पर्यटन के बिजनेस से हो रही है. इस तिमाही में कैटरिंग से होने वाली कमाई 27% बढ़कर 671 करोड़ रुपये पर पहुंच गई. आईआरसीटीसी अपने डिजिटल सिस्टम को और मजबूत बना रही है ताकि टिकट बुक करते समय कोई दिक्कत न आए. इसके लिए कंपनी अपने खुद के पेमेंट गेटवे आईपे (iPay) को बढ़ावा दे रही है. साथ ही रेल नीर पानी की भारी मांग को देखते हुए देश में नए प्लांट भी लगाए जा रहे हैं.

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