सेहत के लिए समोसा ज्यादा नुकसानदायक या चाउमीन? ये 5 फैक्ट जानकर हैरान रह जाएंगे

Last Updated:June 18, 2026, 19:31 IST
Samosa and Chow Mein Side Effects: समोसा और चाउमीन दोनों ही सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले स्ट्रीट फूड्स हैं. समोसा को डीप फ्राई किया जाता है, जबकि नूडल्स को उबालकर फ्राई किया जाता है. सेहत के लिहाज से दोनों में कुछ कमियां हैं. समोसे में ज्यादा तेल और कैलोरी हो सकती है, जबकि चाउमीन में सोडियम और प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक हो सकती है. दोनों ही चीजों का सेवन कभी-कभार करना चाहिए. ज्यादा सेवन से कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं.समोसा और चाउमीन का सेवन ज्यादा किया जाए, तो सेहत के लिए नुकसानदायक होता है.
Samosa vs Chow Mein Health Effects: समोसा और चाउमीन देश में सबसे ज्यादा पसंदीदा स्ट्रीट फूड्स माने जाते हैं. शाम की भूख हो या दोस्तों के साथ पार्टी, ये दोनों चीजें अक्सर लोगों की पसंदीदा लिस्ट में शामिल रहती हैं. दोनों ही फूड्स स्वाद में बेहतरीन लगते हैं और इनकी कीमत भी ज्यादा नहीं होती है. इसकी वजह से अधिकतर लोग जमकर समोसा और चाउमीन खाते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स इन दोनों ही चीजों का ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक मानते हैं. अक्सर सवाल उठता है कि समोसा ज्यादा नुकसानदायक है या चाउमीन? चलिए इससे जुड़े कुछ रोचक तथ्य जान लेते हैं.
गाजियाबाद की जानी-मानी डाइटिशियन रंजना सिंह ने को बताया समोसा डीप फ्राई किया जाता है, जिसके कारण इसमें फैट और कैलोरी की मात्रा काफी बढ़ जाती है. एक सामान्य समोसे में 250 से 350 कैलोरी तक हो सकती हैं. यह उसके आकार और बनाने के तरीके पर भी निर्भर करती है. बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल में बने समोसे स्वास्थ्य के लिए और भी ज्यादा नुकसानदायक हो सकते हैं. ऐसे तेल में ट्रांस फैट बनने का खतरा बढ़ जाता है. दूसरी तरफ चाउमीन को अक्सर सोया सॉस, चिली सॉस और अन्य प्रोसेस्ड सॉस के साथ तैयार किया जाता है. इन सॉस में सोडियम यानी नमक की मात्रा काफी ज्यादा होती है. ज्यादा सोडियम का सेवन लंबे समय में हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ा सकता है. इसलिए चाउमीन खाते समय सिर्फ कैलोरी ही नहीं, नमक की मात्रा पर भी ध्यान देना चाहिए.
दोनों में फाइबर की मात्रा कम
डाइटिशियन के अनुसार सामान्य स्ट्रीट-स्टाइल समोसा और चाउमीन दोनों में फाइबर की मात्रा काफी कम होती है. फाइबर की कमी के कारण इन्हें खाने के कुछ समय बाद फिर से भूख लग सकती है. अगर चाउमीन में भरपूर सब्जियां डाली जाएं और कम तेल का इस्तेमाल किया जाए, तो उसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू बेहतर हो सकती है. समोसा मैदा और आलू की स्टफिंग से तैयार होता है, इसलिए यह भारी माना जाता है. वहीं चाउमीन में इस्तेमाल होने वाले नूडल्स अक्सर रिफाइंड आटे से बने होते हैं, जो अत्यधिक प्रोसेस्ड हो सकते हैं. एक तरफ समोसे में ज्यादा तेल और फैट की समस्या है, तो चाउमीन में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और ज्यादा नमक की चुनौती हो सकती है.
क्या है ज्यादा नुकसानदायक?
एक्सपर्ट की मानें तो दोनों में क्या ज्यादा नुकसानदायक है, इस सवाल का सीधा जवाब देना आसान नहीं है. अगर समोसा डीप फ्राई है और बड़ी मात्रा में खाया जा रहा है, तो यह कैलोरी और फैट के कारण नुकसानदायक हो सकता है. वहीं ज्यादा तेल, सॉस और प्रोसेस्ड नूडल्स वाली चाउमीन भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है. दोनों ही चीजों का सेवन कभी-कभार और सीमित मात्रा में करना चाहिए. ज्यादा सेवन करना सेहत के लिए गंभीर खतरे पैदा कर सकता है. अगर आपको समोसा पसंद है, तो बेक्ड समोसा या एयर फ्रायर में बना समोसा एक बेहतर विकल्प हो सकता है. वहीं चाउमीन की जगह होल व्हीट नूडल्स और ज्यादा सब्जियों वाली होममेड नूडल्स चुन सकते हैं. घर पर अगर आप समोसा या चाउमीन बनाएंगे, तो बेहतर रहेगा.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.About the Authorअमित उपाध्याय
अमित उपाध्याय हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें



