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उत्तर कोरिया की परमाणु शक्ति को कम करना अब असंभव, किम जोंग उन की बहन ने G-7 को धमकाया

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हमारी परमाणु शक्ति को कम करना नामुमकिन, किम जोंग की बहन ने G-7 देशों को धमकाया

Last Updated:June 18, 2026, 20:09 IST

जी-7 देशों के नेताओं ने बैठक में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर चिंता जताई थी. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप उत्तर कोरिया के ‘पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण’ की बात कही गई थी. जी-7 देशों ने उत्तर कोरिया से अपने सभी परमाणु हथियारों को पूरी तरह नष्ट करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी. किम यो-जोंग ने इस अंतरराष्ट्रीय मांग को एकतरफा बताते हुए पूरी तरह से खारिज कर दिया है.

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हमारी परमाणु शक्ति को कम करना नामुमकिन, किम जोंग की बहन ने G-7 देशों को धमकायाZoomकिम जोंग-उन की बहन ने परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग ठुकरा दी है. (रॉयटर्स)

सियोल. उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठ रही परमाणु निरस्त्रीकरण की मांगों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि देश के परमाणु हथियार उसके “मूल राष्ट्रीय हितों” का हिस्सा हैं और परमाणु निरस्त्रीकरण ऐसा मुद्दा है, जिससे किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटाया जा सकता.

उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, किम यो-जोंग ने अपने बयान में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर उत्तर कोरिया से परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग करने को ‘पुरानी सोच’ करार दिया. उनकी यह प्रतिक्रिया फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान जारी संयुक्त बयान के बाद आई, जिसमें जी7 देशों के नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप उत्तर कोरिया के “पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण” के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी.

किम यो-जोंग ने जी7 की मांग को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि परमाणु निरस्त्रीकरण का मुद्दा अब ‘अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त’ हो चुका है और इसे कभी लागू नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा, “परमाणु हथियार हमारी संप्रभुता की रक्षा का सबसे शक्तिशाली साधन हैं और देश में शांति सुनिश्चित करने की आधारशिला हैं. हमारे कानून के अनुसार यह आत्मरक्षा का माध्यम है.”

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई देश परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के मूल हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं और वह स्वयं अपने लिए विनाश को आमंत्रित करेगा. गौरतलब है कि डीपीआरके (डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया) उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम है.

About the AuthorRakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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