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farm pond subsidy | rajasthan agriculture department

Last Updated:June 19, 2026, 14:46 IST

Farm Pond Scheme Subsidy : राजस्थान सरकार खेत तालाब योजना के तहत फार्म पॉन्ड पर 90 प्रतिशत तक अनुदान देगी. 0.5 हेक्टेयर भूमि वाले किसान ऑनलाइन या ई मित्र से आवेदन कर सकेंगे. कृषि अधिकारी सुनील कुमार भास्कर ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कम से कम 0.5 हेक्टेयर कृषि भूमि होना आवश्यक है. किसान अपने नाम दर्ज कृषि भूमि पर ही फार्म पॉन्ड का निर्माण करवा सकेंगे.

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जयपुर. जल संरक्षण को बढ़ावा देने और किसानों को सिंचाई के लिए स्थायी जल स्रोत उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने फार्म पॉन्ड (खेत तालाब) निर्माण योजना को प्रभावी रूप से लागू किया है. इस योजना के तहत किसानों को खेतों में वर्षा जल संचयन के लिए फार्म पॉन्ड बनाने पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा. कृषि विभाग का मानना है कि यह योजना जल संकट वाले क्षेत्रों में खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने में खास भूमिका निभाएगी.

कृषि विभाग के अनुसार कच्चे फार्म पॉन्ड के निर्माण पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु एवं सीमांत किसानों को इकाई लागत का 70 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जबकि अन्य श्रेणी के किसानों को 60 प्रतिशत तक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. वहीं प्लास्टिक लाइनिंग युक्त फार्म पॉन्ड के निर्माण पर किसानों को 90 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिलेगा. इससे तालाब में लंबे समय तक पानी का संरक्षण संभव होगा और रिसाव की समस्या भी कम होगी.

0.5 हेक्टेयर कृषि भूमि होना जरूरीकृषि अधिकारी सुनील कुमार भास्कर ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कम से कम 0.5 हेक्टेयर कृषि भूमि होना आवश्यक है. किसान अपने नाम दर्ज कृषि भूमि पर ही फार्म पॉन्ड का निर्माण करवा सकेंगे. योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल अथवा नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से किया जा सकता है. आवेदन के समय जमाबंदी, आधार कार्ड, जनाधार और बैंक खाते से संबंधित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी.

फार्म पॉन्ड से होगी पानी की बचतफार्म पॉन्ड के जरिए उन्नत खेती करने वाले किसान जवान सिंह ने बताया कि फार्म पॉन्ड वर्षा जल को संरक्षित करने का प्रभावी माध्यम है. इससे किसान बारिश के पानी को संग्रहित कर जरूरत के समय फसलों की सिंचाई कर सकते हैं. खेत तालाबों के माध्यम से ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों का बेहतर उपयोग भी संभव हो सकेगा. इससे भूजल पर निर्भरता कम होगी और जल स्तर सुधारने में भी मदद मिलेगी.

खेती की लागत में भी कमी आएगीकृषि विभाग किसानों को योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए जागरूक कर रहा है. विभाग का कहना है कि बदलते मौसम और अनिश्चित वर्षा की परिस्थितियों में फार्म पॉन्ड खेती के लिए सुरक्षा कवच साबित हो सकते हैं. इससे न केवल सिंचाई की समस्या का समाधान होगा, बल्कि फसल उत्पादन में वृद्धि, लागत में कमी और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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