भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर क्यों गरज रहा बुलडोजर? क्या है ‘ऑपरेशन क्लीन’, जानें सबकुछ

Last Updated:June 19, 2026, 14:22 IST
Operation Clean on India-Pak border : पश्चिमी राजस्थान में भारत-पाक बॉर्डर इलाके में बड़ी हलचल शुरू हो गई है. बॉर्डर इलाके के 50 किमी दायरे में हो रखे अतिक्रमण को हटाने के लिए ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू कर दिया गया है. बाड़मेर के गडरारोड़ उपखंड के मालाणा गांव में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई एक मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया. जानें बॉर्डर पर बुलडोजर क्यों गजर रहा है?बाड़मेर के गडरारोड इलाके में ध्वस्त की गई बिल्डिंग.
बाड़मेर. पश्चिमी राजस्थान में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बुलडोजर गरजना शुरू हो गया है. यहां भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से सटे इलाकों से अवैध अतिक्रमणों का सफाया किया जा रहा है. बॉर्डर पर सुरक्षा की दृष्टि से हटाए जा रहे इन अवैध अतिक्रमणों की इस कड़ी में गुरुवार को बाड़मेर जिले में बॉर्डर के इलाके मालाणा गांव में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई एक मस्जिद को भी प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया. वहीं कुछ अन्य जगहों पर भी बॉर्डर इलाकों से अतिक्रमण हटाए गए हैं. भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्र में प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है.
दरअसल पश्चिमी राजस्थान में भारत-पाकिस्तान का करीब 1037 किमी लंबा इंटरनेशनल बॉर्डर है. यह बॉर्डर इलाका राजस्थान के पांच जिलों जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर और जोधपुर अब नए बने जिले फलौदी में स्थित है. पश्चिमी राजस्थान का यह इलाका सामरिक दृष्टि से बेहद अहम है. इस पूरे इलाके की निगरानी सेना और बीएसएफ करती है. पश्चिमी राजस्थान का जोधपुर एयरफोर्स का बड़ा स्टेशन है. वहीं जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर भी एयरफोर्स की दृष्टि से अहम हैं. यहां एयरफोर्स के बेस हैं. हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से इस बॉर्डर इलाके में मिसाइलें दागी गई थी और ड्रोन भेजे गए थे.
बॉर्डर पर कई बार होती है अवांछित गतिविधियां
बॉर्डर से सटा यह इलाका पूरी तरह से रेतीला है. इस इलाके में सीमा पार पाकिस्तान से कई बार अवांछित गतिविधियां होती हैं. इस बॉर्डर के जरिये पाकिस्तानी घुसपैठिये कई बार बॉर्डर पार करने का प्रयास कर चुके हैं. यहां सीमा पार से कई बार ड्रोन के जरिये ड्रग्स और हथियार भेजे जाने के मामले सामने आ चुके हैं. इस इलाके में बीएसएफ कई दफा ऐसे प्रयासों को विफल कर चुकी है. इस इलाके खासकर बीकानेर जिले से सटे गांवों में पाकिस्तानी नेटवर्क भी रहता है. सीमा पार बैठे देश के दुश्मन यहां तोड़फोड़ और अन्य अवांछित गतिविधियों के लिए स्थानीय लोगों से मोबाइल के जरिये संपर्क करने का प्रयास करते हैं. उनको प्रलोभन देकर जानकारियां जुटाने की कोशिश की जाती है. कैमरे लगे कबूतर और गुब्बारे भेजे जाते हैं. इनके कई केसेज सामने आ चुके हैं.
गृहमंत्री अमित शाह ने किया था बॉर्डर इलाके का दौरा
बीते दिनों गृहमंत्री अमित शाह राजस्थान के बॉर्डर इलाके के दौरे पर आए थे. उन्होंने बीकानेर जिले में स्थित सांचू पोस्ट का दौरा बीएसएफ की हौसला अफजाई करते हुए बॉर्डर इलाके की सुरक्षा की समीक्षा की थी. उस दौरान शाह ने साफ निर्देश दिए थे कि बॉर्डर इलाके में अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बॉर्डर में इलाकों में अवैध अतिक्रमण की आड़ में देश विरोधी गतिविधियां होने की आशंका रहती है. वे देश के दुश्मनों के लिए सेफ हाउस बनते हैं. वहीं आपातकालीन स्थिति में यह अतिक्रमण सेना और बीएसफ के लिए बाधा बनते हैं.
‘ऑपरेशन क्लीन’ से किया जा रहा है बॉर्डर क्लीनराजस्थान का यह इलाका सोलर एनर्जी के लिहाज से भी काफी अहम है. इसके चलते बीते कुछ बरसों में बॉर्डर इलाकों में बड़े-बड़े सोलर प्लांट लगे हैं. वहीं कुछ प्रस्तावित है. उनके लिए जमीनों का अलॉटमेंट हो चुका है. यहां सोलर पर बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है. कुछ बरस पहले केन्द्र सरकार की ओर से इंटरनेशनल बॉर्डर इलाके की सीमा के दायरे को बढ़ाया गया था. इसे 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किमी कर दिया गया था. राजस्थान के पांचों जिले भी इसी दायरे में आ गए हैं. ऐसे में अब संभावना जताई जा रही है कि उसके बाद बॉर्डर इलाके के इन प्लांट्स पर भी कैंची चलना तय है. शाह के दौरे के बाद मिले निर्देशों के तहत बॉर्डर इलाके में ऑपरेशन क्लीन शुरू किया गया है.
संबंधित लोगों को नोटिस थमाए जा रहे हैंइसके तहत बॉर्डर पर बढ़ाए गए सीमा के दायरे में आने वाले गांवों में सरकारी जमीन पर हो रखे अतिक्रमण के प्रति प्रशासन से सख्त रवैया अपना लिया है. सरकारी रिकॉर्ड की जांच कर अतिक्रमण को चिन्हित किया जा रहा है. संबंधित लोगों को नोटिस थमाए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि इसके तहत अब तक बॉर्डर इलाके में 300 ज्यादा नोटिस थमाए जा चुके हैं. बॉर्डर को सुरक्षित करने और वहां से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. इसी कड़ी में पहली कार्रवाई बाड़मेर के गडरारोड़ उपखंड क्षेत्र के मालाणा गांव समेत अन्य इलाको में की गई है. अब कार्रवाई का यह सिलसिला जारी रहेगा. अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों को घरों में ही रहने के लिए निर्देशित किया गया है. वहीं मीडिया को भी कार्रवाई के दौरान दूर रखा जा रहा है.
(इनपुट सहयोग-प्रेमदान देथा)
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…और पढ़ें
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