अलर्ट! देशभर में 16 दवाएं बैन, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया बड़ा आदेश

Last Updated:June 20, 2026, 18:01 IST
सरकार ने देश में 16 दवाओं पर बैन लगाने का फैसला लिया है. प्रतिबंधित दवाओं में त्वचा संबंधी समस्याओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं, दर्द और ऐंठन से राहत देने वाली दवाएं तथा कुछ एंटीबायोटिक दवाओं के कॉम्बिनेशन शामिल हैं. हालांकि सरकार ने अभी इन सभी 16 दवाओं की विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की है. मंत्रालय ने कहा है कि जल्द ही पूरी सूची जारी की जाएगी.
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देशभर में दवाओं के सुरक्षित इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं के निर्माण, बिक्री, वितरण और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है. सरकार का कहना है कि यह फैसला आम लोगों की सेहत की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन दवाओं की वैज्ञानिक समीक्षा के दौरान पाया गया कि इनके इस्तेमाल से मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलता है. साथ ही कुछ मामलों में इन दवाओं से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका भी सामने आई है. इसी वजह से सरकार ने इनके उपयोग पर रोक लगाने का निर्णय लिया है.
यह कार्रवाई ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26ए के तहत की गई है. इस कानून के तहत सरकार को ऐसी दवाओं पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं.
जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इन दवाओं की विस्तृत जांच कराई गई थी. इसके लिए ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) की ओर से विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई थी. समिति ने विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों और उपलब्ध आंकड़ों की समीक्षा की. जांच में यह निष्कर्ष निकला कि इन दवाओं का कॉम्बिनेशन वैज्ञानिक दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता और इनके फायदे भी स्पष्ट रूप से साबित नहीं हुए हैं.
प्रतिबंधित दवाओं में त्वचा संबंधी समस्याओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं, दर्द और ऐंठन से राहत देने वाली दवाएं तथा कुछ एंटीबायोटिक दवाओं के कॉम्बिनेशन शामिल हैं. हालांकि सरकार ने अभी इन सभी 16 दवाओं की विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की है. मंत्रालय ने कहा है कि जल्द ही पूरी सूची जारी की जाएगी. स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता लोगों को केवल सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित दवाएं उपलब्ध कराना है. इसी उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है.
सरकार ने सभी राज्यों के औषधि नियंत्रकों और संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए. साथ ही दवा निर्माता कंपनियों, आयातकों और वितरकों को भी तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है, ताकि प्रतिबंधित दवाएं बाजार में उपलब्ध न रहें.
About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor
शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



